ओए न्यूज़

अपनी माँ बोली बेस्ट बा लेकिन…

फरवरी 22, 2019 ओये बांगड़ू

एगो कहावत बा हमनी के भोजपुरी में

‘चिरई केतनो उड़िहें आकाश

फेर करिहें धरती के आश’

 

कहे के मतलब बा की चाहे कही रहीं ? दुनिया के कवनो कोना में ? अपन माई भाखा (मातृभाषा ) जवन होखे हिंदी,अंग्रेजी,बांग्ला, कवनो मत भुलाईं जवन जन्म के साथे ही शुरु हो जाला भाषा माई,माँ,मम्मी पहिला शब्द कवनो प्रांत कवनो देश कवनो राज्य में बोलेला जनमल बच्चा एह से स्पष्ट बा की मातृभाषा माई होली चाहे इहे कारण बा की माई से तुलना होला भाषा के |

लेकिन बदलत समय के साथ बहुत कुछ बदल गईल बा अब लोग अपना भाषा के भुलाईल जाता आ दोसरा भाषा के एतना तेजी से अपनावता लोग की धीरे-धीरे अपना माई भाखा के भूला जाता लोग बच्चा जन्मता त ओकरा के माई, माँ नईखे सिखावल जात शुरू से ही मॉम,मम्मा बोलके सिखावत बा लोग शहरी आ देश से बाहर वाला लोग तनि सा ज्यादा एहिजा से शुरूआत होता भाषा के विलुप्ति के जवन बहुत दयनीय बा दर्दनाक बा |

चूंकि हम बिहारी हईं हमार माई भाखा भोजपुरी ह त हम बात भोजपुरी के हीं करेम एह भाषा के शुरूआत के लेके कईगो मत बा महर्षि विश्वामित्र के समय से एहकर उत्पति मानला जाला त केहु के अनुमान से लगभग एक हज़ार से ग्यारह सौ साल से पहिले भईल रहे भोजपुरी के जनम |

आ राजा भोजदेव जी के नाम पर एकर नाम भोजपुरी पडल रहे  उदयनारायण तिवारी जी के कहलानुसार केहु के हिसाब से ‘इमेभोजा शब्द’ से बनल भोजपुरी  लेकिन एकर प्रसार भईल बाद में जवन देश दुनिया के चारू ओर फईल गईल दुनिया के बहुत कम अईसन जगह होई जहाँ भोजपुरी या भोजपुरीया लोग न होखे |

कवन लोग सूत्रधार भईल ?

मुख्य रूप से कएगो महान आउर महारथी लोग बा जे भोजपुरी के पहचान में दिवावे में अहम भूमिका निभवलस जईसे कि भारतेन्दु हरिशचन्द्र ,हजारी प्रसाद द्विवेदी राहुल सांकृत्यायन डॉ. हार्नले डॉ. ग्रिर्यसन डॉ. सुनिता चटर्जी डॉ. उदयनारायण तिवारी जईसन लोग शामिल बा ओकरा साथे पारम्परिक नाट्य विधा विभूषित आ रंगमंच के महानायक भिखारी ठाकूर के देन ह कि भोजपुरी के परचम सगरो लहरा गईल |

कहाँ-कहाँ बोलल जाला भोजपुरी ?

जवना के देन कि एगो अनुमान से आज भारत में लगभग 25 करोड़ लोग भोजपुरी बोलेला हिंदी के बाद भारत में भोजपुरी बोलेवाला लोग बा भारत के बाद भी कईगो अईसन देश बा जहाँ खाली भोजपुरी बोलल ही ना जाला भोजपुरी के आधिकारिक मान्यता भी बा मारिसस, नेपाल,नीदरलैंड, त्रिनिदाद, फिजी, गुआना सरीनाम समेत आउर भी कई जगह बा |

राजनीति के फसरी में लटक जाला भोजपुरी ?

लेकिन आज भी हमनी के भारत देश में ई बोली बन के रह गईल बा भाषा के मान्यता ख़ातिर लड़ आ जूझ रहल बा जब चुनाव होला  आश्वासन आ भरोसा के झुलुआ पर चढ़ा दियाला की 8वां अनुसूचि में शामिल करके भाषा के दर्जा मिली भोजपुरी के बाद में पटक दियाला नीचे भोजपुरी भाषा के ही न भोजपुरीया लोग के भी अपमान होला देश के कईगो जगह बा |

जिम्मेवार बानी सन हमनी के सबसे मिठास आ प्रेम के बोली मानल जाला भोजपुरी जवना के प्रमाण प्राचीन कवि कबीर दास जी के कईगो दोहा रचना आ निर्गुण गीत में मिल जाई ,लेकिन अभी बीतला कुछ साल में भोजपुरी के जवन दुर्दशा भईल बा कि जवना के बखान कईल जाव त शब्द कम पड़ जाई भोजपुरी के फुहड़ता आउर अश्लीलता के ईनार में ढकेलल जाता चंद रूपया पईसा आ अपना झूठा नाम शान ख़ातिर गीत, गाना,फिल्म के हर तरफ से डुबावे के एक्को गति नईखे छोडल जात कुछ गिनल चुनल लोग बा जे अपना काँधा पर भोजपुरी के गौरव मान सम्मान लेके ढोअता |

हाले में अल्ट बाला जी द्वारा भोजपुरी के पहिला वेब सीरिज आईल ह हिरो वर्दी वाला जवन वेद प्रकाश शर्मा के लोकप्रिय उपन्यास वर्दी वाला गुंडा पर आधारित रहल ह महेश पाण्डे द्वारा निर्देशन कईल बा एह सीरिज में भोजपुरी के स्तर कहाँ से कहाँ पहुँचावल जाता एक बार देखेम लोग त पता चली मा बहिन के गारी भरपूर परोसल जाता हिंदी के तर्ज पर फिल्म में जवन थोड़ा बहुत बचल रहल ह वेब सीरिज में  नीलाम कईल जाता |

होली में ज्यादा समय नईखे लेकिन ओह से पहिले मड़ुआ से चार खूँट गायक, नायक,कलाकार लोग के जनम हो जाला जवन भोजपुरी लोकगीत के नाम पर छिछीलेदर करी आ चिरकी लोग एह नेक काम में कंधा से कंधा मिला के स्वर कोकिला लोग भी आपन तन मन धन झोंक दिहि लोग | भले खेत बेच चाहे बंधिक ध के लेकिन होली दशहरा के समय गीत, गाना, एलबम ज़रूर निकाली लोग जवन भोजपुरी के धूमिल करता |

लगाम लगावल जरूरी बा

जेतना दोषी अईसन लोग बा ओतना भोजपुरी समाज भी काहे की अईसन दशा के बाद भी कुछ लोग जागल बा जे एकरा विरोध में बा जे चाहता की भोजपुरी के गरिमा लाज बचल रहे न त बाकी लोग अंघुआईल आ सुत्तल बा सब देख के आँख पर्दा से तोप लेता साईत कहावत भुला गईल बा लोग

‘एगो मछरी पुरा

तलाब गंदा कर देबे ले’

समय रहत लगाम ना लागी त भोजपुरी मटियामेट हो जाई |

जेकर भोजपुरी का कोन्हों शब्द समझ ना आईल ओ बेझिझक कमेंट कर के पुछले बाकी जोन मजा भोजपुरी पढल का आ ओ हिंदी ट्रांसलेशन में नईल बा .

 

जय भोजपुरी जय बिहार

नाम हमार राजीव कुमार

 

 

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