वो बरसात की रात 

आगरा की रहने वाली दीप्ति शर्मा अपने शब्दों को ताजमहल सी खुबसूरत रचनाओं में पिरोने वाली फ्रीलान्स राइटर हैं. आज दीप्ती ने ओएबांगड़ू को बरसात के इस मौसम में भेजी है एक कविता ‘वो बरसात की रात’ रात के पलछिन और तुम्हारी याद वो बरसात की रात  कोर भीग रहे, कुछ सूख रहे कँपते हाथ … Continue reading वो बरसात की रात