बांगड़ूनामा

तुम कौन हो?

मार्च 9, 2018 ओये बांगड़ू
  • सातवीं में पढ़ने वाला सिब्बू सरकार बड़ा होकर उपन्यासकार बनना चाहता है. कच्ची उमर में शब्दों का बड़ा पक्का है सिब्बू सरकार. गाता ही नहीं शानदार लिखता भी है. पेश रुद्रपुर के नन्हें सिब्बू सरकार की शानदार कविता तुम कौन हो? 
तुम कौन हो?
ये जान लो
अस्तित्व को पहचान लो
आकाश से ऊंचे हो तुम
विचार हैं सागर से गहरे
प्रतिभा तुम्हारे अंदर भी है
कर्म ही तुम्हारी लहरें
गीता के पन्नों में आत्मा
उसी में मिले परमात्मा
सुख का सागर चाहे छिपे
या खुशियों का पर्वत मिले
आक्रोश हो, मुस्कान हो
अपमान हो या सम्मान हो
फिर भी तेरा एक ही भाव हो
तुम कौन हो
ये जान लो
अस्तित्व को पहचान लो|

इस हीरे से मिलाने के लिये सृजन पुस्तकालय रुद्रपुर और क्रियेटीव उत्तराखंड टीम का आभार |

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