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नहीं रहे भीष्म शैय्या पर पड़े भीष्म-कादर खान

जनवरी 1, 2019 ओये बांगड़ू

आखिरकार एक कादर खान की मृत्यु हो गई। ये बहुत ही असंवेदनशील लाइन हो सकती है। लेकिन सोशल मीडिया के लिए भीष्म हो चुके कादर खान पिछले 2 सालों में कई बार मर चुके हैं। कई बार ट्विटर फेसबुक में उनके मरने की खबर आ गयी है । कई बार उनके चाहने वालों ने उन्हें श्रद्धांजलि दे दी। लेकिन यह भीष्म तब तक मृत्यु शैय्या पर सिर्फ लेटा था प्राण नही त्यागे थे. लेकिन लंबी बीमारी के कारण कनाडा के समय के अनुसार 31 दिसंबर को शाम 6 बजे कॉमेडी किंग कादर खान का 81 साल की उम्र में निधन हो गया. कादर 16-17 सप्ताह तक अस्पताल में थे.

कादर खान की कहानी शुरू से बहुत इंटरेस्टिंग रही है 1 साल की उम्र में भारत आये कादर खान 4 भाईयों में एक थे, यहां वह झुग्गी झोपड़ी में रहा करते थे और झोपड़ी के इस लड़के ने इंजियनियरनिंग की डिग्री ली हुई है। पढाई में कादर खान जबरदस्त थे और उनकी फिल्मों में लिखे उनके डायलॉग इस बात की साफ गवाही देते हैं कि वह हो न हो इंजीनियर ही रहे होंगे। आज के दौर के फेमस हिंदी राइटर को देख लो सब इंजीनियर और हमे लगता है इसकी नींव कादर खान ही डाल गए

खैर कादर खान ने 70 से 1975 सन तक मुम्बई यूनिवर्सिटी के एक इंजीनियरिंग कालेज में पढ़ाया भी, इसी कालेज के वार्षिक उत्सव पर उन्होंने नाटक में हिस्सा लिया, जिसकी तारीफ दिलीप कुमार तक पहुंची तो वह भी देखने आये, बाद में दिलीप कुमार ने ही उन्हे अपनी फिल्मों में साईंन कर लिया,”सगीन महतो”, “बैराग”।

वैसे उनका ऑफिशियल करियर स्टार्ट हुआ 1973 में आई दाग फ़िल्म से फिर 81 में आई नसीब, जिसमे अमिताभ हेमा मालिनी और ऋषि कपूर थे।

कादर खान ने 450 से ज्यादा फिल्मों में काम किया और 250 से ज्यादा फिल्मों के लिए डायलॉग लिखे, उनके कॉमेडी को पहचान दिलाई डेविड धवन ने, डेविड धवन गोविंदा और कादर खान की तिकड़ी ने इंडस्ट्री में कॉमेडी की एक अलग चेन शुरू की।

सन 2015 में पहली बार कादर खान के मरने की खबर सोशल मीडिया में वायरल हुई, वह व्हील चेयर पर थे और बहुत ज्यादा ज्वाईंट पेन से गुजर रहे थे, जिस समय किसी ने उनकी फ़ोटो खींचकर वायरल कर दी।

खैर उसके बाद ये खबर समय समय पर उड़ती रही कि कादर खान नही रहे। और उनके बेटे सरफराज खान और उनके साथी कलाकार इसका समय समय पर खंडन भी करते रहे.

कादर खान 3- 4 महीनों से कनाडा में थे । वो पतंजलि से लेकर कनाडा तक सब जगह अपने इलाज के लिए जा चुके थे । मगर कहीं से राहत नही मिली

बीबीसी और अन्य न्यूज वेबसाइट के अनुसार आज न्यूज एजेंसी और उनके बेटे ने उनकी मृत्यू को कन्फर्म किया है।

उनका लिखा अमर अकबर एंथोनी के डायलॉग कौन भला भूल सकता है, उनकी संवाद अदायगी के न जाने कितने फैन हैं।

हम सबकी तरफ से उन्हें श्रद्धांजलि

 

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