यंगिस्तान

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री का जूता चोरी

अगस्त 21, 2018 ओये बांगड़ू

कुछ लोगों को अभी भी हरिद्वार के मायानगरी  होने पर संदेह है. लेकिन असल में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने अनाधिकृत रूप से इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि हरिद्वार मायानगरी है. कुछ रोज पहले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का परिवार हरिद्वार आया था. जहां अटल जी की अस्थियों का विसर्जन गंगा में किया गया. इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी शामिल हुये और अपने जूते खो आये, खो क्या आए मायानगरी के सुपुर्द कर आये.

दरसल इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री की दत्तक पुत्री की चप्पलें, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के जूते, हरिद्वार से संसद सदस्य के चप्पल गायब हो गये. वैसे चप्पल गायब नहीं हुए चोरी हो गये. वैसे तो हरिद्वार में घटने वाली यह एक सामान्य घटना होती है क्योंकि यहाँ गंगा में लम्बी डुबकी के चलते आप अपने कपडे तक गंवा सकते हैं. घटना की अभी तक कोइ आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

शायद मुख्यमंत्री का जूता चोरी होने की घटना मजाकिया लगे लेकिन यदि यह घटना सही है तो राज्य के हर अख़बार में यह खबर पहले पन्ने पर छपनी चाहिए. राज्य के मुखिया की जूती अगर राज्य में सुरक्षित नहीं है तो राज्य में कौन सुरक्षित है? एक मुखिया जो अपना जूता नहीं संभाल सकता वह राज्य कैसे संभालेगा? कैसे जनता उस आदमी पर भरोसा कर ले जो हाई-सिक्योरिटी के बावजूद अपनी जूती नहीं संभाल सकता है? राज्य में कैसी कानून व्यवस्था है जिसके नाकों के नीचे से जूता चोरी हो जाता है.

अब बात करते हैं चोरों की. यदि यह घटना सही है तो भारत सरकार से तुरंत अपील की जानी चाहिये कि पताल खोद कर भी इन चोरों को ढूँढ़ लाये और इसके बाद चोरी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु भारत रत्न दिया जाये. भारत रत्न की गरिमा में चार चाँद लगाने के बाद सीधा लन्दन का टिकट काटा जाये. कोहिनूर का हीरा भारत का होने से कोई नहीं रोक सकता. इसके बाद इन चोरों का आवश्यकतानुसार देश सेवा में प्रयोग किया जाना चाहिये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी.

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *