यंगिस्तान

ये है अपडेटेड रामायण का रावण वध अध्याय

अक्टूबर 12, 2016 ओये बांगड़ू

लखनऊ के सौरभ मिश्रा आजकल दशहरे की छुट्टियां सेलीब्रेट कर रहे हैं . कल ही इस छोरे ने रामलीला वाली रामलीला देखी और बोला हद है अभी तक अपडेट नहीं हुए, फिर क्या था आधी रात बैठकर तुलसीदास को कम्पीटीशन दिया और मार्डन रामायण लिख डाली सौरी अपडेटेड रामायण

 

नींद खुलते ही मन्दोदरी दस कप बेड टी लिए पति रावण के पैरों की तरफ़ खड़ी हैं और चरण-स्पर्श करते हुए बोली, “स्वामी ये रही आपकी बेड टी, पी लीजिये, हाँ पर इसमें चीनी नहीं हैं।”

रावण बोला, “चीनी नहीं है, कल ही तो विभीषण सरकारी कोटे से 5 किलो चीनी लेकर आया था।”

मन्दोदरी बोली, “स्वामी आप भी अपडेट नहीं रहते, इस वक़्त “चीनी” का बहिष्कार चल रहा है न, फिर…!”

रावण गरजा, “पगली ये लंका है, सोशल मीडिया नहीं।”
जाओ दस चम्मच चीनी लेकर आओ।

मन्दोदरी इससे पहले रसोईघर की तरफ़ जाती, रावण ने रोकते हुए उन्हें अपने पास बुलाया और बोला, “पगली, आशीर्वाद तो लेती जा चरण-स्पर्श का।”

इतने में ही मन्दोदरी ने रावण को रोकते हुए बोला, स्वामी पर इस बार “सदा सुहागन” वाला आशीर्वाद नहीं चलेगा।

रावण आश्चर्यचकित होकर मंदोदरी की तरफ़ गरजते हुए पूछा, पर क्यों..?

मंदोदरी भी मुस्काते हुए बोली, “आप न बिल्कुल भी अपडेट नहीं रहते हैं, ठाकुर प्रसाद वाला पंचांग तो आप देखते नहीं, आज विजयदशमी है, प्रभु राम आज आपकी वॉट लगा देंगे फिर क्या फ़ायदा इस आशीर्वाद का, बताइये, बताइये..!”

रावण क्रोध में खड़ा हुआ और बोला, पगली है क्या, ऐसे कैसे कोई मार देगा, माना गलती थी, पर इतनी बड़ी थोड़ी थी कि हमरी तोंदी में तीर घुसाकर हमको मार दिया जाए, हमारी बहन के वो नाक-कान काटे तो हम जज़्बाती होकर माता सीता को एयरोप्लेन से उठा लाए, पर तुम्हारी कसम मंदोदरी जो हमने उनको एक बार भी गलत निगाह से देखा हो, फिर हमें मृत्युदण्ड क्यों और पगली फिर अगले महीने हमारा गोवा का ट्रिप भी तो प्लान है, उसका क्या होगा। तुम परेशान न हो, हम प्रभु राम से बात करके कुछ मामला सुलटाते हैं, जाओ तुम चीनी लेकर आओ, बेड टी पिएं तो कुछ प्रेशर खुले और दिमाग काम करें।

ravan रावण अंगूठा हिलाते-हिलाते बुदबुदाता है, चलो इनसे युद्धभूमि पर ही मामला शॉर्टऑउट करते हैं।

सेनाएं अस्त्र-शस्त्र के साथ मोर्चा लिए तैयार खड़ी हैं, इतने में रावण, प्रभु राम को आवाज़ लगाते हुए बोलते हैं, प्रभु जी, सुनिए-सुनिए, जब दुनिया गोल मेज पर बैठकर परमाणु मुद्दे हल कर ले रही है तो हम क्या बातचीत से अपना मामला नहीं सुलझा सकते?

प्रभु राम बोले, नहीं रावण तुमको तो इधर से कटना होगा, तुमने ढ़ेर सारे पाप कर रखे हैं।

रावण तुरंत फ्रंटफुट पर आकर डिफेन्स करते हैं और कहते हैं, प्रभु हमने बस माँ सीता का अपरहण किया था, इसके लिए भारतीय दंड सहिंता के हिसाब से 5 साल से 20 साल या उससे अधिक की ही जेल बनती हैं तो आप हमें जेल करवा दो बस हमको आशाराम वाली जेल छोड़कर किसी में भी बन्द कर दीजिएगा, बाकि हम सब देख लेंगे।

प्रभु राम न मानने की भावभंगिमा के साथ कहते हैं, “रावण, एक बार जो मैंने कमिटमेंट कर दी तो फिर मैं अपने आप की भी नहीं सुनता।”

रावण झुँझलाकर कहता है, “प्रभु, आप क्यों खामखाँ सलमान ख़ान बन रहे हैं भक्त वैसे ही उनके पीछे पड़े हैं, मुद्दे को समझिए, मेरे मर्डर के जुर्म में आप पर भी तो IPC की धारा लग जाएगी। ऐसा कीजिए कोई बीच का रास्ता निकालिए और मामला रफादफा कीजिए वरना अग़र आपने सोच ही रखा है, कि मारेंगे ही तो ये जान लीजिये मार न पाएंगे, न यकीन हो तो विभीषण से पूछ लीजिए।

रावण विभीषण को आवाज़ लगाते हुए कहता है, “ए विभीषणवा..! एंजेल प्रिया से बाद में चैटिया लेना, यहाँ आओ रे और प्रभु को बताओ काहे ये नहीं मार सकते हमको?”

प्रभु राम, विभीषण से पूछते हैं, “क्या, घर का भेदी लंका ढावे..! सच में क्या हम इसे नहीं मार सकते?”

विभीषण साष्टांग करते हुए बोलते हैं, “हाँ.. प्रभु, हम नहीं मार सकते इन्हें, मन्दोदरी भाभी ने ताना मार मारकर इनको बड़ा अपडेट कर दिया है, जेंडर चेंज ऑपरेशन की तरह, ये अपनी तोंदी का ऑपरेशन कराकर तोंदी वाला अमृत कहीं और छुपा लिए हैं और हम तब वहां थे भी न तो अब आप भैया की वॉट नहीं लगा सकते।

प्रभु राम कुछ सोचने के बाद रावण से बोलते हैं, “यार रावण मरना तो होगा तुम्हें, वरना लोगों की एक दिन की छुट्टी मारी जायेगी, लोक कल्याण में ही सही पर मर जा भाई और फिर सन्देश भी तो देना है कि “हमेशा बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।”

रावण मुस्कुराते हुए प्रभु राम से कहता हैं, “प्रभु आपकी Good Will अच्छी बनी है, बस इसलिए आपका कहना मान रहे हैं, पर एक बात बता दें, आपको एक बार में ही हम फुरसत न देंगे, आपको हर साल हमको मारना होगा, वो क्या है न, इंसान बड़ा भुल्लकड़ है, वरना मेरे मारे जाने के बाद लोग बुराई-अपराध करते ही क्यों? सब अभी अच्छा होता और लोग विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत की जगह सिर्फ अच्छाई ही अच्छाई होने के लिए न मनाते।

प्रभु राम कहते हैं, “रावण तुम्हारी बात में दम है, पर जनरेटर का फ्यूल खत्म हो रहा है, जल्दी से मरो तो पर्दा गिरे और तुम्हारा पुतला दगे, कब तो लोग इंतज़ार करेंगे, घर जाकर अभी कैंडी क्रश खेलना है, ताने सुनने हैं और फेसबुक-वाटसैप  भी तो चलाना है।”राम

प्रभु राम इधर रावण पर बाण छोड़ देते हैं और रावण, पत्नी मन्दोदरी के गोद में गिर जाता है और कहता है, “पगली मैं जा रहा हूँ, गोवा वाली ट्रिप कैंसिल कराकर पैसे अकाउंट में मंगवा लेना, पर उन पैसों से गहने न बनवा लेना और सुनो मेरे फेसबुक-वाटसेप के अकाउंट डिलीट कर देना, पासवर्ड हिसाब वाली डायरी के पीछे वाले पन्नों में लिखा है, चलता हूँ, अपना ख़याल रखना और सबको विजयादशमी की शुभकामनाये दे देना और वो सारे न्यूज़ चैनल्स हटवा देना जिस पर सर्जिकल स्ट्राइक पर बहस हो रही हो, और हाँ सुनो, पहली सर्जिकल स्ट्राइक के लिए हुनमान जी को विशेष साधुवाद दे दीजिएगा। चलते हैं पगली, दुआओं में याद रखना।

स्वामी जाते-जाते मेरी भी सुनते जाइए, मन्दोदरी कहती है.

“इंसान अपने अंदर के रावण को कभी इसलिए नहीं मार पाता क्योंकि वो अपने में विभीषण जैसा भाई नहीं ख़ोज पाता है।”

इसलिए हमको पता है अगले बरस आप फिर आएंगे।”

खैर, Wow, मैं बहुत खुश हूँ कि आप Update होकर मर रहे हैं, एक बात तो है, पत्नियों के तानों का पतियों पर असर तो होता है, अच्छा तो अब आप जाइये, वरना देर हो जाएगी, उजेरे-उजेरे ही पहुँच जाइये, जब जाना ही है तो, वो क्या है न आजकल, रात में बहुत कीट-किड़वा उड़ते है न, फिर पता नहीं यमराज भैंसा से आए या वो भी अपडेट हो गए हो तो कौनों गाड़ी से, फाइनली Tata, Ba-Bye, अलविदा और हाँ रास्ते में कोई कुछ दे तो खाइयो मत और हाथ अंदर ही रखना।

(इधर कलुवा, पर्दा गिरा देता है, उधर रावण के पुतले में रावण बना इंसान आग लगा देता है, प्ले ख़तम, डॉलर हज़म)

आप सभी पाठकों को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनायें।

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