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ठग्स ऑफ आन्नद विहार बस अड्डा

नवंबर 4, 2018 ओये बांगड़ू

फेस्टिवल सीजन में प्रदेस में रहने वालों के मन में अक्सर ‘घर आ जा परदेसी, तेरा देस बुलाए रे’ गाना बजने लगता है। आजकल भी कुछ वैसा ही चल रहा है और यह दीवाली घर वाली, फील के साथ बस अड्डों पर खूब भीड़ लगी है । हर कोई आराम और शान के साथ अपने असल ठौर ठिकाने पहुंचना चाहता है ।

खैर दिल्ली से अपने अपने गांवों जाने वाले इन लोगों की तलाश में सबसे ज्यादा जो रहते हैं वह हैं प्राइवेट ठग। मने प्राइवेट बस चलाने वाले वह ट्रांसपोर्टर जो जाते कहीं नहीं हैं। लेकिन टिकिट सब जगह का काट लेते हैं।

आनन्द विहार में ऑटो या बस के घुसते ही ये हर बैग वाले आदमी पर अपनी दृष्टि गढ़ा देते है, सामान्य दिनों में इनकी तादात एक दो या तीन होती है लेकिन दिवाली जैसे त्योहारों में ये अचानक बारिश के बाद उग आए कुकुरमुत्ता बन जाते है। बस अड्डे में हर दूसरा आदमी कोई पैसेंजर नही बल्कि यही लोग होते है जिनकी बसें पेट्रोल पंप में खड़ी होती है और आपसे जिस समय ये बात कर रहे होते है, उससे ठीक 15 मिनट बाद बस जाने वाली होती है और सबसे खास बात त्योहार का सीजन होता है इसलिए बस एक ही सीट बची होती है।

इस प्रजाति का बस एक काम होता है, बस में सफर करने आये हर व्यक्ति को चूना लगाना। आप चूना की जगह जो मर्जी चाहें उस शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं। खैर ये प्रजाति आनन्द विहार में यूपी के हर जिले में अपनी बसें भेजते हैं, उत्तराखण्ड का हर इलाका इनका होता है। पंजाब और  नेपाल तक इनकी बस सर्विस होती है। मगर सबके सब पेट्रोल पंप में खड़े मिलते हैं।

ये दावा करते हैं कि इनकी बस फूल ऐसी है कमी पाए जाने पर एक भी पैसा न दिया जाए।लेकिन जब रामभरोसे ढाबे(पेट्रोल पम्प) पर आपको बस के नाम पर एक डिजाइन दिखता है तो आपको बॉम्बे टू गोआ की याद आ जाती है।

इन लोगों के शिकार में मुख्यतः वह लोग होते  हैं जो दिल्ली में नौकरी के नाम पर शुद्ध गुलामी करते है, बॉस की एक एक बात को पत्थर की लकीर मानकर चलने वाले ऐसे दिमागबन्द लोग जो खुद के आदेश से एक चाय बनाना पसन्द नही करते वह इनका शिकार सबसे पहले होते हैं.

वैसे आनन्द विहार रोजाना आने वाला(चार छह महीने में एक बार) हर आदमी जानता है कि सदी के सबसे बड़े ठग्स ऑफ हिंदुस्तान अमिताभ बच्चन नही बल्कि ये प्राइवेट बसों के एजेंट होते है। मगर क्या करें सीधे साधे लोग इनकी बातों में फंस ही जाते हैं।

अगर आप दिवाली में घर जाने का प्लान बना रहे हैं तो इन जन्मजात ठगों से बराबर बच कर चलें। ये पैसे और समय दोनो का नास करते है।

 

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