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क्या है सीबीआई और #MeToo का कनेक्शन

अक्टूबर 25, 2018 ओये बांगड़ू

पूरी दुनिया जान गई है कि भारत मे #MeToo के साथ-साथ सीबीआई सीबीआई भी खेला जा रहा है। दोनो दो दिशाओं से आती दो अलग अलग खबर हैं जिनका कोई भी आपस मे लिन्क नहीं निकाल सकता , लेकिन चंकी महाराज में ये काबिलियत है कि वो कुछ भी कर सकते हैं। आइए पढ़िए मीटू और सीबीआई के आपसी संबंध। पूरी कथा कपोल कल्पना है। अगर वास्तविक जीवन से इसका सम्बन्ध पाया गया तो समझ लेना चंकी महाराज को बैडरूम में झांकने की आदत है।

तो हुआ कुछ यूं कि जैसे ही मीटू अपने चरम पर पहुँचने लगा तो अच्छे अच्छे सूरमाओं के कच्छे ढीले पढ़ने लगे, सबको डर था कि कब कहाँ किस ट्विटर के मोड़ पर उस सूरमा का नाम कोई एंजल अपने मीटू में न लेले। ये डर जायज भी था और नाजयज भी, एमजे अकबर जैसों का डर जायज कहा जा सकता था क्योंकि मीडिया हल्कों के सभी पुराने धुरन्धर जानते थे कि उनका नम्बर काटकर किसी हसीना को क्यों आगे भेजा गया। तो ये जितने भी जायज डर वाले थे इनकी पेंट गीली हुई पड़ी थी। इसमे सिर्फ मीडिया या बॉलीवुड के लोग नही थे, बल्कि सीबीआइ पुलिस और नेताओं की बिरादरी के वह लोग भी थे जिन्होनें केस की जांच या केस को रफा दफा करने के एवज में घुस स्वरूप मीटू का सहारा लिया था। इनका मीटू बॉलीवुड या मीडिया के मीटू से कहीं ज्यादा बड़ा और विशाल था।

इनकी पतलूनों से लगातार भाप बनकर गीलापन उड़ा जा रहा था और उधर ट्वीटर पर रोजाना एक मीटू आए जा रहा था, कब किधर कौन लड़की लिख दे कि देखो यही था वह कमीना जिसने 5 ,10 या 20 साल पहले मेरे साथ मीटू किया था । सीबीआई भी उन डरने वाले लोगों में एक थी.

अचानक सीबीआई के महान लोगों ने आपस मे एक दूसरे के केस गिनने शुरू कर दिए। बोल बे तूने कितने मीटू किये। अबे जा तेरे से कम ही है।

दोनो की खिंचम खींच चालू हो गई। एक बोला मेरे पास नेता का सीक्रेट है देखता हूँ मेरा कौन क्या उखाड़ लेता है। दूसरा बोला अबे जा मेरे पास तेरे मीटू की पूरी डिटेल है।

दोनो के धमकी भरे इन महान शब्दों को सुनकर। दोनो ने फैसला किया कि निकट भविष्य में वह मीटू की जगह घूस और रिश्वत शब्द का प्रयोग करेंगे और एक दूसरे के प्रति पूरी श्रद्धा से आरोप प्रत्यारोप लगाएंगे ताकि ये रोज रोज की छिपी हुई मीटू  टेंशन बाहर आ जाये। रोज रोज किश्तों में मरने से अच्छा है एक बार मे ही काम तमाम।

बस फिर क्या था? आपने देखा ही। सीबीआई खुद को ही फंस गई और भारत के इतिहास में पहली बार सीबीआई ने सच बोलकर दिखा दिया, कि हम घूस लेते है। हम सार्वजनिक रूप से सबसे करप्ट हैं फिर भी करप्शन के केस हम ही देखते है।

सबको पता है हम पैसा खाते हैं। फिर भी केस हमारे पास ही आते हैं। इन सब के बीच अनुप्रास अलंकार का नया उदाहरण भी मिला

CBI अधिकारियों ने

CBI हेडक्वार्टर पर छापा मारकर

CBI अधिकारी को गिरफ्तार किया

CBI कोर्ट मे ही पेशी,

CBI के अपने ही जज ने

CBI आरोपी को

CBI की 7 दिन की रिमांड पर भेजा

सीबीआई ने सीबीआई के खिलाफ सीबीआई कोर्ट में समान यूं ही नही दिया और सीबीआई ने फिर से सीबीआई को यूं ही सीबीआई जेल नही भेजा। सीबीआई की इस सीबीआई पर कार्रवाई को 21 तोपों की सलामी

 जय हिंद जय भारत

 

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