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  • ज़बान खुश्क है आवाज़ रुकती जाती है

    मैं फूल टाँक रहा हूँ तुम्हारे जूड़े में, तुम्हारी आँख मुसर्रत से झुकती जाती है। न जाने आज मैं क्या बात कहने वाला हूँ, ज़बान खुश्क है आवाज़ रुकती जाती ...
    अक्टूबर 26, 2016 ओये बांगड़ू