poetry

 
  • किरन जीत गइल -रमेशचन्द्र झा

    बिहार के फुलवरिया गाँव में जन्में रमेशचन्द्र झा  भारतीय स्वाधीनता संग्राम में सक्रिय क्रांतिकारी रहिल . जो साहित्य के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय भूमिका ...
    अक्टूबर 25, 2018 ओये बांगड़ू
  • कौ ठगवा नगरिया लूटल हो- कबीरदास

    कबीरदास को भोजपुरी में नहीं पढ़ल तो समझों कछु नाहिं पढ़ें. अब तक कबीरदास दोहें हिंदी और संस्कृति में तो खुबे पढ़े होंगें. लेकिन भोजपुरी में कबीरदास का लि...
    अक्टूबर 4, 2018 ओये बांगड़ू
  • विनोद पंत “कुमांउनी व्यंगकार और कवि “

    कद अमिताभ बच्चन सा, उमर सलमान खान की, आंखे अजय देवगन सी, कमर रेखा से आधा इंच ज्यादा लेकिन अंदाज विनोद पंत का. फिर वो लिखने का हो या बोलने का विनोद पंत...
    जुलाई 28, 2018 ओये बांगड़ू
  • अधूरी कविताएं

    अधूरी कविताएं अब तक मेरी लिखी कविताओं का निजी संकलन है। दुनिया में सबसे खतरनाक काम कविता सुनाना है क्योंकि सामने वाले को बोर करने के लिये भी आत्मविश्...
    मार्च 9, 2018 Girish Lohni
  • तुम कौन हो?

    सातवीं में पढ़ने वाला सिब्बू सरकार बड़ा होकर उपन्यासकार बनना चाहता है. कच्ची उमर में शब्दों का बड़ा पक्का है सिब्बू सरकार. गाता ही नहीं शानदार लिखता...
    मार्च 9, 2018 ओये बांगड़ू
  • भूल जाने की भूल

    नाम गुमनाम रखते हुए कलम के नाम से जाने वाले बांगड़ू ने आज एक भूल पर ‘भूल जाने की भूल’ लिख कर भेजी है कोई वादा मुझसे नहीं करता है वो...
    मार्च 11, 2017 ओये बांगड़ू
  • टोटे के मांह मरें गया

    मांगे राम का नाम हरियाणवी लोक साहित्य में एक महत्वपूर्ण हस्ताक्षर है। लेखक मांगे राम नै कई रागनियां लिखी जो आज भी लो`ग खूब पसंद करै है. आज ओएबांगड़ू शे...
    अक्टूबर 26, 2016 ओये बांगड़ू
  • हाशिया – सीमीं अख़्तर नक़वी

    बहुुत दिलचस्प, रोचक नई  तरकीब से लिखी गयी, किनारों, हाशियों पर की कहानी हाशिये   पर ज़िन्दगी ( लेखिका सीमीं अख़्तर नक़वी दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेस...
    अक्टूबर 21, 2016 ओये बांगड़ू
  • ‘जीवन की आपाधापी में’ – हरिवंश राय बच्चन

    कभी मधुशाला तो कभी मधुबाला और ना जाने कितनी ही महान रचनाओ से  लोगो को रूबरू कराने वाले हरिवंश राय बच्चन ने लोगो की जिंदगी के मायने ही बदल दिए . ज़िन्दग...
    अक्टूबर 20, 2016 ओये बांगड़ू
  • ‘बस चाटणियां रह रे सैं ’

    हरियाणवी बोली मै ही मजाक भरा है. हर बात पै मखोल(मजाक) करना हरियाणा आला की आदत मै शुमार है. हरियाणवी भाषा मै कई कहानी,कविता अर रागनी लिखी गयी पर सब के ...
    अक्टूबर 19, 2016 ओये बांगड़ू
  • किरन-धेनुएँ- नरेश मेहता

    नरेश मेहता उन चुनिन्दा लेखको में से एक थे जिनकी भारतीयता में गहरी जड़े थी.  प्रकृति से खासा लगाव रखने वाले नरेश मेहता ने आधुनिक कविता को नयी व्यंजना के...
    अक्टूबर 5, 2016 सुचित्रा दलाल