pithoragarh

 
  • उर्स-ए-पिथौरागढ़ 6

    इंटर की लौंडाई हवा अगले दिन पूरी सावधानी बरतते हुए प्रदीप ने अपने पहले ट्यूशन से दुसरे ट्यूशन की दौड़ कुमौड़ से रोडवेज को जाने वाली सीधी सड़क से तय की. ह...
    फरवरी 21, 2018 Girish Lohni
  • उर्स ए पिथौरागढ़ भाग 5

    हरकवा मासाप शाम के सात बजे घर पहुचते ही प्रदीप किताब की पौलोथीन पटकता हुआ बोला नी जाउंगा आज से में हरकवा मासाब के यहाँ इंग्लिश पढ़ने. पढ़ाता लिखाता है न...
    फरवरी 5, 2018 Girish Lohni
  • उर्स ए पिथौरागढ़ भाग 4

    बिन घन्टे का घन्टाकरण अगला दिन प्रदीप के लिए उतना ही सूखा रहा जितना की और कोई. एकबार महर्षि विद्या मंदिर के पीछे से निकलते हुए उसे शरीर में जरुर झुर-झ...
    जनवरी 31, 2018 Girish Lohni
  • उर्स ए पिथौरागढ़ भाग 3

    सिन्ना और सिंगाण इससे पहले की प्रदीप कुछ समझ पाता. उसने खुद को महर्षि विद्या मंदिर के पिछले हिस्से में गिरा पाया और एक सच्चे पहाडी की तरह उसके मुह से ...
    जनवरी 21, 2018 Girish Lohni
  • उर्स-ए-पिथौरागढ़ भाग 2

    मुलाकात का पंच  वाकिया कुमौड़ से आरा मशीन को जाने वाले पतले पगडंडी वाले रास्ते का हैं. इस पूरे रास्ते में तब आज की तरह मकानों की कतार के बजाय कुल मिलाक...
    जनवरी 6, 2018 Girish Lohni
  • उर्स-ए-पिथौरागढ़

    गैंग्स ऑफ टैक्सी ये कहानी भारत के छोटे से राज्य उत्तराखंड के पिथौरागढ कस्बे की है. कहानी उस दौर की है जब पिथौरागढ़ उत्तर प्रदेश राज्य का हिस्सा हुआ करत...
    दिसंबर 19, 2017 Girish Lohni
  • आखिरी शाम

    शाम के कुछ ६ बजे होंगे, सूरज ढले १५ मिनट बीत चुके थे, सिमलगैर मार्किट में युवओं की चहल पहल अभी उस दिन के लिए चरम सीमा पर थी. ये साल का वो समय था जब लो...
    दिसंबर 3, 2017 ओये बांगड़ू
  • चना चटपटा- किस्त नब्बे के दशक की कहानीयों की

    अमेजन के बाजार में आया है चना चटपटा. गडबडाईये नहीं चना चटपटा खाने का माल नहीं खो जाने वाला माल है, डूब जाने वाला माल है. नब्बे के दशक की कहानीयों की क...
    नवंबर 25, 2017 ओये बांगड़ू
  • बदलते पिथौरागढ़ की बदलती परवरिश

    पिथौरागढ़ और मेरा रिश्ता वैसा ही रहा है जैसा कि पहले प्यार और आपका रहता है. 1994 से मुझे अपने होश सँभालने का ध्यान है यहीं से हमारी बेइंतहां मोहब्बत भ...
    जून 2, 2017 Girish Lohni
  • पिथौरागढ़- मेरा शहर बदल रहा है

    याद से ही याद आता है, अपना शहर हर किसी को रास आता है. वैदिक काल से अस्तित्व में रहा पिथौरागढ़ 24 फरवरी 1960 को चीन से भारत की बेहतर सुरक्षा के लिहाज...
    फरवरी 24, 2017 Girish Lohni
  • गोमती से गोरी तक – आख़िरी भाग

    डोयाट के इस भाग में हमने लखनऊ गोमती से पहाड़ों की गोरी नदी तक का सफर तय किया . आख़िरी भाग में डोई (लेखक) आपको भारत के पड़ोसी देश नेपाल भी लेकर चल रहे हैं...
    अक्टूबर 4, 2016 ओये बांगड़ू