kashmir

 
  • बोर्ड का नाम सुनते ही लौंडे ऐसे बिदकते

    जौनपुरिया रमीज़ रज़ाअंसारी पुरे रस के साथ लिखते है. वो क्या है की जनाब को पढ़ने और लिखने का बहुत शौक है. व्यंग लिखते हुए ये देसी अंदाज़ में बड़ी खूबसूरती स...
    मार्च 18, 2017 ओये बांगड़ू
  • कश्मीरी सेब – प्रेमचंद

    कल शाम को चौक में दो-चार जरूरी चीजें खरीदने गया था। पंजाबी मेवाफरोशों की दूकानें रास्ते ही में पड़ती हैं। एक दूकान पर बहुत अच्छे रंगदार,गुलाबी सेब सजे...
    अक्टूबर 17, 2016 ओये बांगड़ू