पहाड़

 
  • उर्स-ए-पिथौरागढ़ 8

    कलौनी गुरु सरिता पांडे, जिनका औरकूट नाम सरिता पांडे जोशी था. जोशी मासाप की सबसे बड़ी बेटी है और बडाबे के जूनियर हाईस्कूल में फिलहाल सरकारी टीचर है. कह...
    अप्रैल 10, 2018 Girish Lohni
  • चित्रकार बी मोहन नेगी जी को रुद्रपुर के कलाप्रेमियों की श्रद्धांजली

    समाज में ऐसी विभूतियां बहुत कम होती हैं जो अपने पूरे जीवन को समाज के लिए होम कर देती हैं और थाती के रूप में समाज को बहुत कुछ दे जाती हैं। उसमें उनके प...
    अक्टूबर 27, 2017 ओये बांगड़ू
  • A फार? किस्सा शिक्षा का

    विनोद उप्रेती कहते हैं कि वो लेखक नहीं हुए, लेकिन लिख एसा डालते हैं कि लेखकों को खुद को लेखक कहने में शर्म आ जाए. ये उनका पहला लेख है हमारे साथ. बांगड...
    जुलाई 28, 2017 ओये बांगड़ू
  • एसी की तैसी

    शंकर दत्त जोशी की यह कविता पहाड़ पर है, पहाड़ क्या कह रहा है सुनो तो जरा कवी शंकर दत्त जोशी ओ रे पर्यावरण वादियो प्रकृति प्रेमियो विचारको कवि-लेखको वैज्...
    जून 3, 2017 ओये बांगड़ू
  • एक दिन पहाड़ में

    अभिजीत पहाड़ों में बीता उनका एक रोचक दिन बता रहे हैं..पढ़िए दिन भर में क्या क्या हुआ “हुस्न पहाड़ों का क्या कहना के बारहो महीने यहाँ मौसम जाड़ो ...
    मई 23, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -3

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    मई 23, 2017 ओये बांगड़ू
  • *कहां ले जाऊँ*

    डाक्टर कुसुम जोशी की पिछली कहानियों से अलग इस कहानी में प्रेम में ठगी का एक हिस्सा आपको पढने को मिलेगा . डाक्टर कुसुम जोशी सवि ने धीरे से कराहते हुए आ...
    मई 22, 2017 ओये बांगड़ू
  • *संयोग*

    डाक्टर कुसुम जोशी डाक्टर कुसुम जोशी पहाड़ के छोटे छोटे कस्बों की कहानियों को लाई हैं, आप महसूस कर सकते हैं पहाड़ इनमे . छोटे से पहाड़ी कस्बे के स्टेशन म...
    मई 6, 2017 ओये बांगड़ू
  • मार्च की खिचड़ी ख़बर

    देश बदल रहा है. लेकिन इतना बदल रहा है इसकी उम्मीद ना थी. पिछले महीने जब केंद्र सरकार की स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट आयी तो उसमें कयी राज्यों में शिशु लिग...
    अप्रैल 10, 2017 Girish Lohni
  • अगर पहाड़ों में ट्रेन आयी तो

    अगर पहाड़ों में ट्रेन चली तो कैसा माहौल होगा ? इस पूरे आलेख में इसी माहौल की कोरी कल्पना की गयी है. स्व तारा मोहन पन्त द्वारा लिखे गए इस आलेख में एक कल...
    फरवरी 28, 2017 ओये बांगड़ू
  • मैं पुराना ही अच्छा था

    वह कम सुविधा वाला जमाना ही अच्छा था वो चिट्ठी तार का यूँ आना जाना ही अच्छा था कहाँ फंस गये इस सुविधा की भीड़ में मैं तो पुराना ही अच्छा था ना गर्मी की ...
    फरवरी 15, 2017 कमल पंत
  • चुनावी सराब (शराब )

    चुनाव आते ही शराब शबाब जोरों पर होता है, उत्तराखंड में शराब के जोर पर एक करारा व्यंग्य लिख मारा है गिरीश लोहनी ने , जवान और बूढ़े किस हाल में रहने लगते...
    फरवरी 13, 2017 ओये बांगड़ू
  • पलायन नहीं तो क्या करेंगे ?

    आज उत्तराखंड के गाँव पर बनी एक रिपोर्ट देख कर ये ख्याल आया कि इस विषय पर कुछ लिखा जाए. ये पूरी तरह संस्मरण है, यादों पर आधारित. लेकिन समझने का प्रयास ...
    फरवरी 10, 2017 कमल पंत
  • एसे उड़ते हैं हवा में ,पढ़िए अनुभव

    ये अनुभव जो आप पढ़ रहे हैं ,हवा में उड़ने का अनुभव है, तस्वीरें भी हवा की हैं और नज़ारे पहाड़ों के हैं, ये पैराग्लाईडिंग का अनुभव है, हेम पन्त लिख रहे हैं...
    फरवरी 3, 2017 ओये बांगड़ू
  • बुढ़ा गया है अपना पहाड़

    भगवान् धामी की यह कविता वर्तमान परिदृश्य पर सटीक बैठती है, चुनाव आ रहे हैं, और पहाडी राज्य उत्तराखंड की हालत इसी कविता की जैसी है . ये क्या! कहाँ खो ग...
    फरवरी 1, 2017 ओये बांगड़ू
  • तस्वीरों में – पहाड़ के रंग

    बर्फ से ढकी पहाड़ियाँ बहुत देखी होंगी लेकिन नीले आसमान के नीचे भूरे पहाड़ के ऊपर सफ़ेद रंग की बर्फ को हरे भरे जंगल के बीच से देखने का अपना एक अलग मजा है,...
    जनवरी 19, 2017 ओये बांगड़ू
  • साईकिल चलाना भी एक कला है

    साईक्लिंग एक कला है , पहाड़ों में रोज कई किमी साईक्लिंग करने वाले कुणाल तिवारी अपने साईक्लिंग से जुड़े कुछ अनुभवों के माध्यम से बता रहे हैं कि सिर्फ 5 6...
    जनवरी 17, 2017 ओये बांगड़ू
  • हम बच्चों का बचपन खा रहे हैं ?

    गिरीश लोहनी बता रहे हैं कि बच्चों के साथ अब क्या कर रहे हैं हम, जबरन उन्हें झूठ बोलना ,एक्टिविटी के नाम पर फ्राड करना सिखा रहे हैं . कभी समझ ही ना आया...
    जनवरी 6, 2017 ओये बांगड़ू
  • पहाडी गाँव में मोदी यात्रा

    हरिद्वार के विनोद पन्त कुमाउनी पहाडी में जबर्दस्त व्यंग्य लिखते हैं, फिलहाल नोट्बंदी पर उन्होंने मोदी के साथ एक गृह वार्ता शेयर की है . जिसमे मोदी जी ...
    दिसंबर 12, 2016 ओये बांगड़ू
  • मेरी आमा की दुनिया#1

    चंद्रा मेहता मूल रूप से पिथोरागढ़ निवासी हैं, इस पहाड़ी लड़की ने अंगरेजी में मास्टर की उपाधी अर्जित कर ली है लेकिन लिखना हिंदी में चाहती है वो भी हिंदी प...
    दिसंबर 9, 2016 ओये बांगड़ू
  • हिमालय पर पल्सर

    नाम है रिस्की पाठक , अब नाम में ही रिस्क है तो रिस्क लेने की आदत तो होगी ही, तो जनाब ने एक पहाड़ टूर खुद के लिए आर्गनाईज किया जिसका पूरा वृत्तांत आप नी...
    नवंबर 7, 2016 ओये बांगड़ू
  • पहाड़ के हाल

    हिन्दी पहाडी भाषा को मिलाकर शानदार कविता लिखने वाले विनोद पन्त ने अपने लिखने के अंदाज में पहाडी (कुमाउनी ) को जिन्दा रखा है. नीचे कविता में कठिन शब्दो...
    अक्टूबर 4, 2016 ओये बांगड़ू