दिल्ली

 
  • कलर्स में आयेंगे दिल्ली के दिव्यांग बच्चे

    कलर टीवी के नए रियल्टी शो में दिल्ली के दिव्यांग बच्चों ने हिस्सा लिया, एक्रबेटिक योगा की टीम ने कलर चैनल में जल्द प्रसारित होने वाली रियल्टी शो के लि...
    अप्रैल 27, 2017 ओये बांगड़ू
  • मरते हुए कैसा लगा रीगल !

    नितिन ठाकुर रीगल सिनेमा पहली बार गए , कुछ महसूस करने ,कुछ जानने कुछ समझने . एक लेखक का आब्जर्श्वेशन कमाल का होता है. इस लेख में आप इस बात को सिर्फ समझ...
    अप्रैल 2, 2017 ओये बांगड़ू
  • चाल ताऊ रेल्ली में

    आजकल हर चुनाव ते पहला नेता जी की रैली में भीड़ का नज़र आना बहुत जरुरी पर एक बे भीड़ इकठी करन आले का पाला ताऊ ते पड़ गया फेर के के होया यो जानन ताई यो किस्...
    फरवरी 16, 2017 ओये बांगड़ू
  • क्या हाल हैं रे बाकी शहरों के

    देश की राजधानी दिल्ली के अंदर करीब दो हजार एटीएम हैं. करीब 20 लाख की आबादी या यूं कहें लगभग 4 लाख परिवारों पर ये दो हजार एटीएम काम करते हैं. 24 घंटे क...
    नवंबर 13, 2016 कमल पंत
  • दिल्ली का दिल गडबडा गया रे

    दिल्ली के सड़कों में भटकने वाले चंकी महाराज  आजकल अजीब अजीब चीजें दिखने से परेशान हो गए हैं. कुछ अजीब चीजों पर तो उन्हें लिखना भी नहीं आ रहा इसलिए हमें...
    नवंबर 7, 2016 ओये बांगड़ू
  • कचौड़ी वाले स्टंटमैन

    चंकी महाराज दिल्ली की सड़कों में इतना विचरते हैं कि इन्हें चप्पा चप्पा गली गली में क्या कहाँ किस भाव में बिकता है सब याद है. बेरोजगार आदमी क्या करता है...
    अक्टूबर 31, 2016 ओये बांगड़ू
  • आओ किस करें (सीपी में प्रेंक को समर्पित)

    चंकी महाराज का काम है शहर शहर घूमना और गम्भीर गंभीर विषयों पर टिप्पणी करना , अभी कनाट प्लेस दिल्ली की रोजाना भ्रमण के दौरान उन्हें अनुभव हुआ कि सरकार ...
    अक्टूबर 22, 2016 ओये बांगड़ू
  • ‘धरना’ लव

    फ़िरोज़ाबाद के वासी राहुल मिश्रा के साथ दिल्ली का जंतर मंतर कई यादों को समेटा हुआ है, जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने के दौरान हुए एक दिलचस्प किस्से को अपनी ...
    अक्टूबर 4, 2016 ओये बांगड़ू
  • दिल्ली

    दिल्ली के दिल में बसे दर्द को शब्दों के रूप में बाहर निकाल रहे हैं सुबोध- खोलो हलके से घर का दरवाज़ा झुकाओ पलकें, और एक ठंडी सांस छोड़ो और...
    अक्टूबर 3, 2016 ओये बांगड़ू
  • पागल!

    गोरखपुर का छोरा सुबोध दिल्ली में होटल की नौकरी में फंस गया था लेकिन लिक्खाड़ लोगों ने अपने खून को अपनी और खींच ही लिया और सुबोध अब कलम की लड़ाई...
    अक्टूबर 3, 2016 ओये बांगड़ू