किसान

 
  • सफेदी की चमक ‘नील’ विश्व को भारत की देन

    सफेदी को चमक देने का आविष्कार कही विदेश में नहीं बल्कि भारत में हुआ था. भारत ही वो देश है जिसने दुनियां को सफ़ेद कपड़ों पीला पड़ने से बचाने का फ़ॉर्मूला द...
    नवंबर 4, 2018 ओये बांगड़ू
  • मेहनत का सार- विजयदान देथा

    ‘बिज्जी’ के नाम से मशहूर पद्मश्री विजयदान देथा की कहानियों की गूंज भाषाओं, संस्कृतियों और समय के पार पहुंची. राजस्थान में रहते हुए...
    अक्टूबर 5, 2018 ओये बांगड़ू
  • आंदोलन वान्दोलन की दिल्ली में कोई जगह नहीं

    देखो आंदोलन वान्दोलन करने हों कहीं और जाओ। विरोध की दिल्ली में कोई जगह नही है। जंतर मंतर गुजरे जमाने की बात है। तब लोकतंत्र जिंदा है इसका आभास रोज होत...
    अक्टूबर 3, 2018 ओये बांगड़ू
  • उल्टी गंगा पहाड़ चढा दी इसा नजारा देख लिया- हरिचंद

    अन्न्देवता यानी किसान के बद से बदतर होते हालात पै है लेखक ‘हरिचंद’ की ये कविता -उल्टी गंगा पहाड़ चढा दी इसा नजारा देख लिया &nb...
    अक्टूबर 1, 2018 ओये बांगड़ू
  • हमारे कृषक- रामधारी सिंह दिनकर

    जन जन से जुड़ने वाले राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविताएँ आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी सालों पहले थी.दिनकर की लिखी ‘हमारे कृषक’ आज भी किसानों क...
    जुलाई 13, 2018 ओये बांगड़ू
  • मुद्दे बीतते गए,हम चुप रहे

    मुद्दे ढेर सारे हो गए और लिखने की इच्छा नहीं रही , आजकल गर्मी में कुछ एसा ही हो रहा है कि बड़े बड़े मुद्दे मेल्ट हो जा रहे हैं. जैसे अभी कुछ दिन पहले तम...
    अप्रैल 27, 2017 ओये बांगड़ू
  • हमारे कृषक- रामधारी सिंह दिनकर

    जेठ हो कि हो पूस, हमारे कृषकों को आराम नहीं है छूटे कभी संग बैलों का ऐसा कोई याम नहीं है मुख में जीभ शक्ति भुजा में जीवन में सुख का नाम नहीं है ...
    अप्रैल 24, 2017 ओये बांगड़ू
  • किसान पुत्र की चिट्ठी पीएम मोदी ने नाम

    सेवा में , प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी   मैंने एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार में जन्म लिया है , आजादी के बाद से इस देश में हर किसी के लिए कानून बना हर ...
    अप्रैल 23, 2017 ओये बांगड़ू
  • फर्जी खबर भी खबर में है

    आजकल खबरों में कमाल होता है, बात बात में कमाल होता है, एक न्यूज चैनल तो अपनी खबरों को लेकर इतना ज्यादा सुर्ख़ियों में आ गए कि लोग उन्हें फोन कर करके पू...
    अप्रैल 12, 2017 ओये बांगड़ू