ओए न्यूज़

मोदी से सुषमा क्यों हुई नाराज

अक्टूबर 17, 2016 ओये बांगड़ू

अगर राजनेता भी हमारी तरह सामान्य वार्तालाप करते तो वो कैसी होती इसकी एक झलक पेश कर है.

कुमाऊनी भाषा में  स्वर्गीय तारा मोहन पन्त द्वारा लिखित इस व्यंग्य का हमने हिंदी रूपांतरण किया है ताकि हिंदी भाषी भी इसे आसानी से समझ सकें। नीचे कुमाऊनी ओरिजनल लेख और ऊपर ट्रांस्लेटेड। वैसे इस रचना का असली आनन्द कुमाऊनी में ही है, लेकिन जिसको समझ ना आये वो हिंदी पढ़ सकते हैं।

कुमाऊनी भाषा में आदरणीय स्वर्गीय तारा मोहन पन्त द्वारा लिखित इस व्यंग्य का हमने हिंदी रूपांतरण किया है ताकि हिंदी भाषी भी इसे आसानी से समझ सकें। नीचे कुमाऊनी ओरिजनल लेख और ऊपर ट्रांस्लेटेड। वैसे इस रचना का असली आनन्द कुमाऊनी में ही है, लेकिन जिसको समझ ना आये वो हिंदी पढ़ सकते हैं।

पहाडी संस्करण

सुषमा ज्यू लमा लम  राजनाथ ज्यूक घर हूँ  बाट लगी भैं , द्वार खटखटै  त राजनाथज्यू भ्यार निकलि , सुषमा ज्यु कनि आई चिताछ  त अलबले बेर कूँण लागि

राजनाथज्यू : आओ ! आओ ! भीतर आओ बैंणी  ! कसिक  आछा ? तुमर मूंख में त चूख जस के ढोली रॉ  ?

सुषमा ज्यु : अब सब फसक देलि में करि ले ला  ?

राजनाथज्यू : तुमन देखि अलबलाई जस गयुं कुंछा , फाम नि रैगे, आओ ,

( और भीतर लिजैबेर सोफा  में बिठाई दिनीं  , नौकर थें चहा -पाणी लूँण हु पठै दिनी )

राजनाथज्यू : अब बताओ के बात छू  ?

सुषमा ज्यु : अब मेरी बिंदी नि थामींन हो दाज्यू ! एतुक सीनियर लीडर मैं , कतुक साल नेता प्रतिपक्ष रयूं , तस दुर्गत कबै नि भै हो  !

राजनाथज्यू : हाय ! तस के है गौछ  ? कैल के कैदेछ तुमनहुं ? मैं अल्लै होम सैक्रेटरी क बुलूनु  !

सुषमा ज्यु : तुम दशरथेकि  एकटिंंग नि करो दाज्यू , बाल म्यर ले सफेद छन , ऊ त मैंलि डाई कराई भै तब  !

राजनाथज्यू (खिसै बेर) : अच्छा बताओ पें  !

सुषमा ज्यु : जसि तुम नि  जाणना  ! जब सरकार बणन लागि रै छी , त तुमैल बोतयायुं  मूं , कि विदेश मंत्रालय लि लिऔ , तुम सेकेंड इन कमान रौला , अब सेकेण्ड छोड़ो , पंचम स्थान ले नि रैगे अघाण , अब त तुमर ले के पक्क नहां  जेटियल औरै जोर लगै राखौ ,

राजनाथज्यू : होय ! तस त हैरौ बज्यूण  ! अब के करि जाओ  ?

सुषमा ज्यु : त हाथ में हाथ धरि के न हुन्छ  दाज्यू  ! हिटौ , हिटनु  दगडे , और सिद्ध पूँछनु , मैं विदेश मंत्री क्या लिजि बणाई  भै  ? जब सब देशन में उई जानौ , क्वे घुचु -मुचु देश ले नि  छोड़ दिनो म्यर लिजि

राजनाथज्यू : शिकायत त मैकन ले छ  बैंणी , गृहमंत्रालयक जतुक सीक्रेट छन मैं है पैली उनन तक पूजि जँछि , फिर मीटिंग में मैंकनि बताई जांछ

सुषमा ज्यु : हिटौ पें ! कब तक तसि कै दिन काटला  ?

द्धिंनू कार  में बैठि , पीएम हाउस  हुँ निकलि गईं

वां पीएम हाउस में अमित शाह और मोद्दा में बातचीत चली भै

मोददा  : यार भुला अमित ! मैं कब बेटी  कुूँण लागि रयुं  , यों बिहारि रनकरन पर मैं विशवास नि हाँ , सुणलल  मेरि कराल आपणी

अमित : क्वे फिक्रक बात नि हाँ , मैंलि गुजरात बटी किरौक आदमि बुलै राखीं तुमर रैली में ऊँ ” हर-हर मोदी ” कैबेर खूब रौनक बनूण लागि रईं

मोद दा : यार त्यार आदिम त अघिल बैठि “हर-हर मोदी ” कुनई पर तौं बिहारी रनकर पछिल बटी “अरहर मोदी -अरहर मोदी ”  धात लगूंनि , म्यर कल्ज मुख तिर ऐजां , फिर वां उ शॉटगन ले बजिरौ, के न के कई दिन्छ अघण

अमित : दाज्यू ! अब त मैदान मारि हालौ तुमुल , बीएस थ्वाड़ कसार रैगे ,बीएस एक द्वी रैलिन में निपट जाल  !

मोददा : यार ! म्यर त देंण  आँख फड़कनॉ , मैं कन लक्षण ठीक नि लाग्ने

तब तक इंटरकॉम बजण लागौं , अमित फोन उठूनी , पीए सैप बतूनि कि होम मिनिस्टर और फोरेन मिनिस्टर मिलण चानी

मोददा : को छ  ?

अमित : भै -बैंणि  छन ,

मोददा : को भै -बैंण ?

अमित : अरे ! राजनाथज्यू और सुषमा ज्यु

मोददा : तौं  भै -बैंणि जै किलै भै ?

अमित : तुमन फाम नि हुनेलि  ! जब सं प्र ग वाल सरकार बनूण लागि रौछी और सोनियाजयु पीएम बणन  हुँ तैयार छीं तब तौ सुषमज्यू धमकूँण लागि  कि अगर सोनियाजयु पीएम बणला , त तौं आपुण मुनई मुंडे ल्याल , डरक मारि सोनियज्यूल आपणी जाग सरदार ज्यु केन पीएम बडें देछ

मोददा : तौ बातक यां के मतलब भै ?

अमित : तुम ले दाज्यू  ? अरे सोचौ अगर सोनियाजयु पीएम बण जानी त सुषमा ज्यु कस लॉगन ? खोर मुन्याई , कपाल में ठुल्ली बिंदी , साड़ी मली बास्कट , बास्कटक खलेतून हाथ , और ताम खोरी राजनाथज्यू दगड बैठी द्विनू भै -बैंणि नि लागन ?

तौ सुणी बेर मोददा जोरलि हसण लागि , खिटखिताट  जै पडी गे , तब तक द्विनू भितर ऐ गे , नमस्कार पुरस्कार भै , अमित ज्युल द्विनन कन आसन  दि

मोददा : भुला अमित ! भ्यार ज़रा चाहा – पाणि कै दिने

अमित : ठीक छ दाज्यू  ( कैबेर भ्यार निकलि गे  )

मोददा : और बताओ ठाकुर सैप , कसि ऊण भौ ? जो गृह-मंत्रालय जस इम्पोर्टेंट विभाग छोड़ी बेर यां ऐ गया रत्ते ब्याण  ?

रफाजनाथज्यू : यों सुषमा ज्यु कणी शिकायत छ

मोददा : किलै बैंणि ? कस शिकायत छ वे , जो त्वील सिद्द मैंथें पुछण जाग राजनाथज्यू कन बतूँण ठीक समझौ  ?

सुषमा ज्यु : तुमुल मैंकें विदेश मंत्री बणाई , भै , दौरन में तुमें जानेर भया ,
नाना-नान देश ले तुम जै ऊँछा , अब म्यर लीजी के काम भयो कि नैं  ?

मोददा : किलै नै बैंणी ! त्यार लिजि मस्त काम छन  ! तू पैली ललित मोदी वालि शिकायत दूर करनी , सिद्ध नरेंद्र मोदी पास पूज गई , तयार लिजि सार संसद सत्र बर्बाद हूँण देछ, पुर भाजपा तयार पछिल लगै देछ , कुछ काम जै करनी ,तब जानि विदेश  ?

सुषमज्यूक मुख सुखि गै , अब उनन बैठण में उपन जस लागण लागि ,
गल बुजी जस गै , ठाड़ हैबेर  कूँण लागि

सुषमाज्यु : अच्छा में हिटनु पे

मोददा : हाय चहा मगै राखौ पी जानि

सुषमज्यू : न म्योर बर्त छ आज , फिर कबै पि ल्यूंल

मोददा : कसी जाली ? राजनाथज्यूक दगड आई भई , तनरै दगड   जा !

सुषमज्यू : नै ! नै ! मैं टैक्सी करि ल्यूंल , आदतै भै मैकन

और धम्म ! धम्म करि बेर निकल गईन

तब तक चहा ऐगै , मोददाल चहा   बनैबेर राजनाथज्यून देछ , फिर पुछण लागि

मोददा : तुम तसिकै आई भया, या तुमरि ले छ क्वे शिकायत ?

राजनाथज्यू : नै हो  ! मेरि के शिकायत  ?

और द्विनू फसकन में लागि जानी

 

हिन्दी रूपांतर

सुषमा जी लमालम राजनाथ जी के यहाँ कें लिए रास्ता लगी हुई थी , दरवाजा खटखटाया तो राजनाथ जी बाहर आये , सुषमा जी को आये देखा तो अलबली गए और बोले ..

राजनाथ- आओ आओ बहन अंदर आओ ! कैसे आना हुआ ? तुम्हारा चेहरा उतरा क्यों है इतना ?

सुषमा- अब सारी बात दरवाजे पर करोगे?

राजनाथ- अरे तुम्हे अचानक आया देख भूल गया कहना , आओ अंदर आओ

(और अंदर ले जाकर सोफे में सुषमा जी को बैठाया और नौकर को चाय के लिए कह दिया )

राजनाथ – अब बताओ क्या बात है ?

सुषमा – अब मेरे से नहीं रहा जाता दाज्यू(बड़े भाई ) इतनी सीनीयर लीडर हूँ मैं ! नेता प्रतीपक्ष तक रही , लेकिन इतनी दुर्गत आज तक नहीं हुई !

राजनाथ – हाय ! ऐसा क्या हो गया ! किसी ने कुछ कह दिया ? मैं अभी गृह सचिव को बुलाता हूँ !

सुषमा – ये दशरथ की एक्टिंग मत करो दाज्यू, बाल मेरे भी सफ़ेद हैं , वो तो डाई लगाई है तब दिख नहीं रहे !

राजनाथ(खिसियाकर)- अच्छा क्या हुआ बताओ

सुषमा – जैसे तुम कुछ जानते ही नहीं ! जब सरकार बन रही थी, तो आपने कहा कि विदेश मंत्रालय ले लो , तुम सेकेण्ड इन कमान में रहोगी , अब सेकेण्ड छोडो पांचवा स्थान भी नहीं  रहा , और आपका भी कौनसा स्थान रह गया , जेटली ने जोर लगा रखा है

राजनाथ – हां ! ऐसा तो हो रहा है ! अब क्या करें !

सुषमा – ऐसे हाथ में हाथ रखकर बैठने से कुछ नहीं होगा, चलो जाते हैं और सीधे पूछते हैं कि जब खुद ही सभी देशों में जाना था तो मुझे विदेश मंत्री क्यों बनाया , छोटे से छोटा देश भी नहीं छोड़ा मेरे लिए।

राजनाथ- शिकायत मुझे भी है , गृह मंत्रालय के सारे सीक्रेट मुझसे पहले उन्हें मिल जाते हैं , मेरे होने ना होने का क्या फायदा ।

सुषमा – चलो फिर ऐसे कब तक दिन काटोगे ?

दोनों कार में बैठे और पी एम् हाउस पहुँच गए

वहां पी एम् हाउस में अमित शाह और मोदी दा में बातचीत चली थी

मोदी – यार अमित मैं कब से कह रहा हूँ इन बिहारियों पर भरोसा मत कर, सुनेंगे मेरी करेंगे अपने मन की

अमित – अरे कोइ फ़िक्र की बात नहीं मैंने गुजरात से अपने आदमी बुलाये हैं वह खूब हर हर मोदी करेंगे और आपकी रैली में रौनक आ जायेगी !

मोदी दा- यार तेरे आदमी  तो आगे बैठकर हर हर मोदी करेंगे पर ये बिहारी पीछे से जब “अरहर मोदी अरहर मोदी ” करके चिल्लाते हैं तो मेरा कलेजा मुंह को आ जाता है, और फिर वो शॉटगन भी है वहां कुछ ना कुछ कह ही देता है उलटा सीधा

अमित- दाज्यू ! अब तुमने मैदान मार लिया है, बस थोड़ी सी कसक रह गयी है, एक दो रैली में निपट जायेगी !

मोदी दा- यार मेरी दायीं आँख फड़क रही है, लक्षण ठीक नहीं लग रहे !

तब तक इंटरकॉम बज उठा और पता चला कि होम मिनिस्टर और फॉरन मिनिस्टर आये हैं ।

मोदी दा-कौन है ?

अमित – भाई बहन हैं

मोदी – कौन भाई बहन ?

अमित – अरे राजनाथ जी और सुषमा जी

मोदी – वो भाई बहन कैसे हुए फिर ?

अमित – आपको याद नहीं रहते कुछ ! जब संप्रग सरकार बन रही थी और सोनिया पी एम् बनने वाली थी तो सुषमा ने धमकी नहीं दी थी कि सोनिया के पी एम् बनने पर तो मैं अपने बाल मुंडा दूंगी, डर से सोनिया ने सरदार को पी एम् बना दिया !

मोदी – इस बात से भाई बहन का क्या मतलब ?

अमित – आप भी दाज्यू ? अरे सोचो सोनिया पी एम् बनती तो सुषमा कैसी लगती ? टकला सर माथे में बड़ी बिंदी , साड़ी के ऊपर बास्कट , बॉस्केट की जेबों में हाथ , और टकली मुंडी राजनाथ जी की भी हुई दोनों साथ बैठते तो भाई बहन नहीं लगते ?

इतना सुनकर मोदी और अमित खिलखिलाकर हंसने लगे तब तक दोनों अंदर आ गए , नमस्कार वमस्कार हुई और अमित जी ने दोनों को बैठने की जगह देकर खुद चाय लेने चल दिए।

मोदी – और बताओ ठाकुर साहब कैसे आना हुआ ? गृह मंत्रालय जैसा जरूरी विभाग छोड़कर यहाँ आ गए सुबह सुबह

राजनाथ – ये सुषमा जी को शिकायत है कुछ

मोदी – क्या हुआ बहन ? कैसी शिकायत है , जो मुझसे कहने के बदले राजनाथ को कह दी

सुषमा – आपने मुझे विदेश मंत्री बनाया ठैरा और छोटे से छोटे देश में भी खुद ही हो आने वाले हुए , अब मेरे लिए कोइ काम ही नहीं है

मोदी – क्या बात करती हो बहन तुम्हारे लिए बहुत काम है ! तुम पहले वो ललित मोदी वाली शिकायत सुलझाओ संसद सत्र बर्बाद हो रहा है उस चक्कर में , पूरी भाजपा आपके पीछे है , कुछ काम करो फिर जाओ विदेश

सुषमा का मुख सूख गया , अब बैठने में उन्हें खटमल लगने लगे , गला भर आया , खड़े होकर कहने लगी

सुषमा – अच्छा मैं चलती हूँ

मोदी – चाय माँगा रखी है पीकर जाना

सुषमा – नहीं आज मेरा व्रत है , फिर कभी पी लूँगी

मोदी- जाओगी कैसे ? रुको राजनाथ जी छोड़ देंगे

सुषमा – नहीं चली जाऊँगी टेक्सी कर लूँगी आदत ही हुई

और धम्म धम्म करके चली गयी
तब तक चाय भी आ गयी ,मोदी ने चाय बनायी , राजनाथ को दी और पूछा

मोदी – आप कैसे आये ? आपको भी कुछ शिकायत है ?

राजनाथ – नहीं हो ! मेरी क्या शिकायत होगी
और दोनों गप्पें मारने लगे ।

1 thought on “मोदी से सुषमा क्यों हुई नाराज”

  1. तरदा का जअवब नहीं। पर अनुवाद भी लाजवाब हुवा ठैरा हो सच्ची! कुमाईं शब्द गच्छियाने से औरी मजा आ गया ठैरा

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