यंगिस्तान

स्पेलिंग गलत थी इसलिए प्यार नहीं मिला

अक्टूबर 13, 2016 कमल पंत

आपको अक्सर हम रिपोर्टर चंकी महाराज के बारे में बताते रहते हैं, आज हम उनका एक छोटा सा परिचय आपको बताते हैं. तो रिपोर्टर महाराज को एकदम ग्राउंड वाली रिपोर्ट बनाने का शौक है इसलिए वो आफिस कम और ग्राउंड में ज्यादा पाए जाते हैं. इस चक्कर में बॉस ने 16 बार नौकरी से निकाल दिया है. लेकिन हर बार लौट आते हैं. आखिर ग्राउंड रिपोर्टर की जरूरत बॉस को भी तो है.

आज एक अजीब किस्सा सुनिए ग्राउंड रिपोर्टर का,  एक दफे डीटीसी में अफ़सोस के साथ सफर कर रहे थे तो हमने पूछ लिया भई चंकी महाराज दुखी काहे हो ?

फ्रस्टेट आदमी की तरह बोले ” लड़कियां अक्सर पास आकर घूम जाती है ” मैंने कहा ‘डीयो बदल डालो तुरंत’ बोले ‘अपना डीयो भी बदल लिया और साँसों की खुसबू वाला टूथपेस्ट भी ले लिया और तो और बालों में चमेली का तेल भी लगाना छोड़ दिया’ एक हफ्ते से खुशबू वाले टाईड प्लस में धुले कपडे भी पहनने  शुरू कर दिए और बताओ क्या करूं ‘ हम इत्ता कन्फ्यूजिया गए कि कुछ ना बोले तो हमें झकझोरते हुए फिर महाराज कहने लगे ‘फिर भी जाने क्यों हर जगह लडकिया पास तो आती है पर पास आकर मुड़ जाती है ”
वो उम्मीद की टेडी नजर के साथ मुझे बार बार घूर रहे थे और एक ही आफिस में साथ काम करने का वर्क लोड भी था तो मैंने पूछ डाला ‘वो तुम्हारे पास कब आती है ?’  बोले “जब में बस में या मेट्रो में सफ़र कर रहा होता हूँ ‘  मैंने कहा ‘तुम्हारे पास क्यों आती है ..?” बोले ‘अरे मै उनके इंतजार में गेट में खड़ा रहता हूँ न तब ‘
फिर अचानक महाराज मेरी और देखकर बोले यार एक बात बता ‘ये लडकियां आजकल कान में फोन चिपकाए क्यों घूमती हैं ‘  बड़ा अजीब सवाल था ‘मैंने कहा मुझे नहीं पता. वैसे तुम्हे क्यों लगता है कि फोन चिपके हैं ‘ बोले ‘यार पूरे 1 घंटे का सफ़र किया एक लडकी के साथ लेकिन ये फोन उसके कान से नीचे ही नही आया और मै नोएडा से द्वारका पहुँच गया ‘ खामखा दूसरी के चक्कर में मैं वापस आया फिर द्वारका से राजीव चौक ‘
मैंने कहा ‘घर वालों से कह कुहा के शादी क्यों नहीं कर लेते . ये क्या मेट्रो और बसों में लम्पटबाजी  किये घुमते हो ‘ कहने लगे ‘क्या बताऊँ  यार एक सवाल जेहन में बराबर घूमता है कि आखिर हम्मे कमी क्या है ? मैंने कहा देख भाई तुझे बचपन में शाहरुख वाली पोलियो नहीं पिलाई बल्की अमिताभ वाली पोलियो पिला दी . इसलिए तुमसे ना हो पायेगा तुम कुली बनकर घुमते रहो .

गुस्सा होकर बोला कुछ सजेशन दे भाई बकेती ना कर . मुझे कुछ ना सूझा तो मैं बोल पड़ा कि तेरे कपडे नॉन ब्रांडेड है इसलिए तेरे पास बन्दियां नहीं आती.
गुस्सा होकर बोला . ‘यार तुझे तो पता है कि अंगरेजी में मेरा हाथ हमेशा तंग रहा है ‘ मैंने कहा मतलब

चंकी महाराज ने व्याख्या दी ‘ देखो मेरी स्पेलिंग कमजोर है इसलिए मैं रेहडी से गलत स्पेलिंग की ब्रांडेड चीजें ले आता हूँ जैसे निविया का नोविया , एडिडास का आदिदास , वगेरह वगेरह बाकी लौंडों की स्पेलिंग सही होती है इसलिए वो माल से सही स्पेलिंग का सामान लाते हैं . अब ये लडकियों को केंटाबेल की सही स्पेलिंग वाली जेकेट पहनकर इम्प्रेस करते हैं तो हो गए ब्रांडेड और मेरी स्पेलिंग वो रेहडी वाले ने गलत कर दी तो हो गयी नान ब्रांडेड .  ये कहा का इंसाफ है . मेरे भी सब ब्रांडेड होते है .बस स्पेलिंग गलत होती है इसलिए मै स्टीकर निकाल देता हूँ .अब यार बचपन में मास्टर ने स्पेलिंग के कारण फेल कर दिया .इसलिए स्पेलिंग नहीं सुधरी.

मेरा दिमाग घूम गया और मैंने शाम को आफिस में रिजाइन दे दिया. कौन एसे पागलों के बीच काम करे .

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