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साईंटिफिक श्रद्धा

दिसंबर 6, 2018 ओये बांगड़ू
हमारा देश भी गजब है, हम बड़े बड़े वैज्ञानिक आविष्कार करते हैं लेकिन उन आविष्कारों का विधिवत श्रीगणेश गणेश पूजा से होता है, हम राकेट भी अंतरिक्ष मे भेजते हैं तो नारियल फोड़कर और रॉकेट के पहुँच जाने के बाद भगवान को थैंक्यू कहना नही भूलते। क्यों?
कई लोग कहते हैं श्रद्धा और कई इसे विश्वास का नाम देते हैं। श्रद्धा है तो हम कुछ नही कह सकते क्योंकि श्रद्धा के विषय मे उंगली नही की जाती, जैसे जिसकी श्रद्धा दारू में वह दारू पियेगा जिसकी पूजन में वह पूजा करेगा। हम उसकी आलोचना भी क्यों करें?वह आखिर अपनी श्रद्धा के कारण सब कुछ कर रहा है।
जैसी जिसकी श्रद्धा वैसा उसका काम, अब अगर वह श्रद्धा से वसीभूत होकर किसी को मार वार भी दे तो क्या ही कहा जा सकता है। बुलन्दशहर में एक् इंस्पेक्टर इसी श्रद्धा के पांवों तले कुचला गया। इंस्पेक्टर अपने फर्ज को पूरा करने के लिए बुलन्दशहर पहुंचा था, उसने गौवंश में श्रद्धा रखने वाले लोगों ने बुलाया था उनकी श्रद्धा आहत हो रही थी और इतनी ज्यादा आहत हो गई थी कि उन्होंने एक् इंसान को आहत करने में देर नही लगाया।
खैर बात हो रही थी साइंस की श्रद्धा में पहुंच गए। हमारे देश में साइंस भवन बनता है और उस भवन के उद्घाटन पर भूमि पूजन का कार्यक्रम होता है, साइंस और भगवान एक् दूसरे को नही मानते ये जानते हुए भी साइंस भवन के पहले पत्थर को भगवान का नाम लेकर रखा जाता है क्या ही कहा जाए। सब श्रद्धा में वसीभूत हैं। और श्रद्धा में वही उंगली करना बेकार है, आजकल श्रद्धालु हिंसक हो गए हैं श्रद्धा में ऊंच नीच होने पर गोली तक मार देते हैं.
अभी एक फिल्म आयी थी रजनीकांत की 2.0 डाईरेक्टर की आत्मा में इतनी ज्यादा श्रद्धा थी कि उसने साईंस की भाषा में आत्मा को प्रूफ भी कर दिया था.रजनीकांत ने बकायदा रिसर्च पेपर सबमिट किया आत्मा वाला. वैसे डाईरेक्टर अकेला नहीं है,मुझे लगा शायद शायद ये बचपन में दूरदर्शन पर कैप्टन व्योम देखा करता था क्योंकि उसमे भी आत्मा को साईंस ने प्रूव कर दिया था.
वैसे कई सारे श्रद्धालू आजकल जगह जगह पर साईंस द्वारा प्रमाणित आत्मा पर अपना अपना ज्ञान उलेड़ते पाए जा रहे हैं.
कुछ राम में श्रद्धा रखने वाले भी आजकल गली गली मन्दिर बना रहे हैं.श्रद्दा में आगे क्या क्या होना है पता नहीं.
मगर ये साईंटिफिक प्रूफ श्रद्धा मुबारक हो.

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