बांगड़ूनामा

प्यार से प्यारी एक प्रेम कहानी

मई 8, 2018 ओये बांगड़ू

सभी लोगों ने आदी की तरफ बडी नफरत की निगाह से देखा मानो आदी उस बारात का सबसे बडा  दुश्मन था. पर बचपन से ही अलहड जिंदगी गुजारता आया था आदी. ना किसी का डर ना किसी की फिक्र बस अपने में ही खुश और मस्त ये ही उसका एटीटयूड था. वह किसी को पसंद आये या ना आये पर अपने आप को वह बहुत पसंद करता था.

उसकी जिंदगी ने उसे सन्यासियों जैसा बना दिया था बहुत ही अलमस्त जिंदगी जीता था. जहां रात हो गयी वहीं सो जाना,जहां खाना मिल जाये वहीं पेट भर लेना,बिलकुल ओघड बाबा था वो. घरवालों ने बड़े प्यार से उसका नाम आदित्य रखा था पर होस्टल में रहते रहते उसका नाम आदी कब हुआ उसे पता ही नहीं चला और होस्टल की जिंदगी ने उसे इतना बेफिक्र कब बना दिया इसका पता किसी को नहीं चला. कॉलेज पास होते ही उसे एक एमएनसी में नौकरी मिल गयी. बस और क्या चाहिये था उसे, थोड़ा सा पैसा और घूमने के लिये छुट्टी. उसे दोनों यहां मिले हुए थे.पांच दिन का काम फिर दो दिन की छुट्टी. इन दो दिनों में खूब घूमा करता वह. उसे पैसे से प्यार नहीं था और अपनी जरूरत का पैसा वह कमा ही लेता था. लक्जरी का शौक नहीं था उसे बस खाने घूमने के लिये कमी नहीं होनी चाहिये.

बड़ी मस्त जिंदगी चल रही थी उसकी पर इसी बीच उसे वह मिल गयी जो बिल्कुल भी उसके जैसी नहीं  थी,पर उसकी नादान हरकतों को कॉलेज के दिनों से ही बहुत पसंद करती थी.उसके कॉलेज की क्लासमेट पूजा. कॉलेज के पीओन की बेटी थी पूजा. कॉलेज कैम्पस में ही रहती थी. बहुत भोली भाली सीधी साधी और पढ़ने में बहुत तेज.क्लास की टॉपर थी. आदी का हॉस्टल भी कालेज कैम्पस में ही था और पूजा को अक्सर वह सुबह सुबह दिख जाया करता था.बेफिक्र आदी को कोई चिंता नहीं थी कि एक लड़की के सामने उसकी क्या इज्जत बन रही है. वह कभी कॉलेज ग्राउंड, कभी बास्केटबाल कोर्टतो कभी टेनिस कोर्ट में सोया हुआ मिल जाता था पूजा को, और कई बार तो उसके एनर्जी ड्रिंक से ही उसने अपना हैंगओवर दूर किया था. कभी थैंक्यू बोलकर तो कभी यूं ही चल पड़ता अपने हॉस्टल रूम की तरफ. रात में पीने के बाद जहां गिर पड़ता बस वहीँ सो जाता और अगले दिन सुबह उठकर क्लास जरूर जाता, यह उसकी खासियत थी. उसे पता था कि पूजा कैम्पस में ही रहती है और पूजा के मार्फत औरों  को भी उसकी हरकतों का पता चल सकता है,पर उसे कोई परवाह नहीं थी,अपने में मस्त रहना जानता था वह और पूजा ने भी कभी किसी को कुछ नहीं बताया.

उसकी एक अच्छी आदत थी और लड़कों की तरह वह लडकियां नही छेड़ा करता था. इसी कारण पूजा उसके पास आया करती थी, पूजा क्या और भी लड़कियां उससे बैखोफ बात करती थी क्योंकि कॉलेज  के दुसरे लड़कों के बात करने का अंदाज अच्छा नहीं था और आदी एक छोटे बच्चे की तरह अपनी सारी बातें खुलकर बोला करता था,सबको हंसाता फिरता था.उसके मुंहफट रवैये के कारण उसके कॉलेज का एक धडा उसे पागल भी कहता था पर उसे कोई फर्क नही पड़ता था किसी के कुछ कहने से.पूजा आदी को बहुत पसंद करती थी,उसके लिये वह कॉलेज का सबसे अच्छा लड़का था. उसका हंसना, बोलना,कॉलेज कैम्पस में उसका खेलना, उसकी शैतानियां,कॉलेज  ईवेंट मे उसका हिस्सा लेना, हर चीज पूजा को बहुत पसंद थी.पूजा हर पल उसके आस पास रहना चाहती थी पर हवा को पकड़ना इतना आसान कहां होता है.आदी के लिये पूजा कोई स्पेशल नहीं थी.वह दूसरी लड़कियों की तरह ही उससे भी बात किया करता था.पर एक बात जरूर थी पूजा के सामने होते ही उसकी शैतानियां बड जाती थी,पूजा के सामने वह जानबूझकर या अनजाने में कुछ ज्यादा ही हरकतें करने लग जाता था और बदले मे पूजा एक प्यारी सी मुस्कान देकर उसका हौंसला बडाती, आदी और पूजा बिल्कुल अलग स्वभाव के थे जहां आदी हंसता बोलता शैतान सा लड़का था.वही दूसरी और पूजा एक धीर गम्भीर शांत सी लड़की पर ये दो विपरीत स्वभाव के लोग आपस में बहुत मस्त रहते थे.

पूजा और आदी का साथ बहुत ज्यादा नहीं था बस क्लास में और कुछ असाईन्मेंट में दोनो एक दूसरे के साथ थे, आदी ने पूजा से कभी ‘उस तरह’ से बात नहीं की और ना ही पूजा ने आदी से कभी कुछ ‘उस तरह’ का कहा.इस बीच आदी अपने स्वभाव अनुरूप जल्दबाजी में ग्रेजुएशन होते ही कॉलेज छोड़कर  बाहर चला गया और पूजा ने ग्रेजुएशन के बाद भी अपनी पढाई जारी रखी,अपना एम बी ए पूरा किया.

दोनों को अलग हुए करीब  छः साल बीते होंगे कि फिर से पूजा आदी के पास आ गयी उसकी मैनेजर बनकर ,कम्पनी में पूजा आदी की सीनीयर थी. उसे आदी का बॉस बनाया गया था. स्वभाव अब भी उसका वही था.धीर गम्भीर और शांत. दूसरी तरफ आदी भी बिल्कुल नही बदला था.कॉलेज कैम्पस की तरह यहां भी उसकी रातें ऑफिस रेस्टरूम में बीतती थी. ड्यूटी खतम होते ही वह रात में वहीं बैठकर पीता और अगले दिन सुबह आ जाता ऑफिस. उसने बाहर एक कमरा  लिया था ऑफिस के पास.मगर  उसमे वह सिर्फ सुबह हेन्गोवर में और शनिवार और इतवार को जाता  था. ऑफिस में हर कोई आदी के स्वभाव को जानता था और अधिकतर उसकी साफ दिली से खुश भी रहते थे. उसकी बेफिक्री सब जानते थे.उसका अल्हड मस्तमौला अंदाज किसी को भी खलता नहीं था.ऑफिस में वह किसी के लिये बुरा सलूक नहीं करता था इसलिये उसके इस अंदाज से किसी को भी शिकायत नहीं थी.

ऑफिस में  पूजा के आते ही उसका स्वभाव थोड़ा सा ज्यादा चंचल हो गया था. वह पहले से ज्यादा शैतान हो गया था. पूजा के सामने आते ही वह कुछ ज्यादा ही पागलपन की हरकतें करने लग जाता.जैसे कुर्सी पर चढकर पूरे ऑफिस में छुट्टी की फेक अनाउंस्मेंट कर देना ,पावर सप्लाई बंद कर देना. जहां सब मैनेजर(पूजा) की बुराईयां करते वहीँ वह मैनेजर के नाम से ऑफिस में पार्टी करवा  देता. खुद की जेब से पैसा देता और कहता मैनेजर ने करवाई है.हमेशा यहाँ पूजा एक सीनीयर की तरह आदी को समझाती. आदि सब सुनता मगर करता अपने मन की.उधर पूजा ने भी उसे प्यार से हमेशा समझाया  कभी डांटा नहीं, क्योंकि आज भी वह उसकी शैतानियो को पसंद करती थी .पर पूजा ने ऑफिस में आने के बाद आदी की एय्याशियो पर रोक सी लगा दी थी.उसने ऑफिस में  देर रात उसका शराब पीना बंद करवा दिया था.उसने ऑफिस के लिये नये नियम लागू कर दिये थे. आदी के लिये नियम कोई मायने नही रखते थे.पूजा आदी को सुधारना चाहती थी या अपने कैरियर  की तरफ ध्यान दे रही थी.यह समझ पाना मुशकिल था.क्योंकि पूजा के नियम जहां एक तरफ आदी को सुधारने वाले लगते थे वहीँ  ऑफिस के लिये काफी फायदेमंद भी थे.

एक दूसरे के लिये दनों के व्यवहार मे कोई अंतर नहीं आया था.दोनों अब भी पहले की तरह ही बात करते थे. जब जब पूजा सामने होती तब तब आदी की चंचलताए बड जाया करती थी.वह या तो पूजा के कानों से हैडफोन खींच लेता या किसी को परेशान करने के लिये उसकी टांग खींचने लग जाता.पूजा भी पहले की तरह ही उसे देख कर खुश हो जाया करती थी.अपने कैबिन मे बैठे बैठे वह उसकी हरकतों को निहारा करती थी और मन ही मन मुस्कुराती रहती .ऑफिस के बाहर दोनों का मिलना नहीं हो पाता था क्योंकि उनमें लगाव जैसा कुछ था ही नहीं और ना ही इतनी आत्मीयता थी कि दोनों बाहर डेट पर मिलें  बस ऑफिस में एक दूसरे को देखकर दोनों संतुष्ट थे.

इसी बीच ऑफिस के किसी साथी की शादी पर दोनों मिल गए. आदी नशे में धुत होकर डी जे की धुन में  अजीब सी हरकतों के साथ लोगों का मनोरंजन कर रहा था और पूजा उसकी हरकतों का मजा ले रही थी.पर्पल साड़ी में पूजा किसी परी से कम नहीं लग रही थी. पार्टी में आये हर एक शख्स ने पूजा की खूबसूरती की तारीफ की थी सिवाय फक्क्ड आदी के, आदी बस अपने में मग्न था. आदी की हरकतें देखते देखते कब रात के दो बज गये पूजा को पता नहीं चला,जब आदि नजरों से गायब हुआ तब वह अपने घर के लिए निकली .तभी उसे आदी शामियाने वालों के साथ सोया हुआ नजर आ गया. कुर्सियों के बीच में नशे की हालत मे पड़ा हुआ था.पूजा जानती थी कि आदी का यह रोज का हाल है पर पूजा को अच्छा नहीं लगा उसने आस पास लोगो से कहकर आदी को अपनी गाडी मे डलवाया और चल पडी अपने घर की तरफ.

सुबह सुबह पूजा हाथ में चाय का गिलास लिये नीचे पार्किंग मे पहुंची .उसने देखा कि गाडी के अंदर से आदी चीखे जा रहा था.जैसे ही पूजा उसके  पास पहुंची वो खामोश हो गया. पूजा ने चाय का गिलास आदी की तरफ बडाया तो आदी ने नजरें नीचे झुका ली. पूजा को लगा कि आदी अपनी कल की हरकतो की वजह से शर्मिंदा है, पूजा ने पूछा’अब शर्मिंदगी महसूस हो रही है??’  आदी बडी मासूमियत के साथ बोला ‘शर्मिंदगी नही बस इस बात को लेकर अफ्सोस हो रहा है कि आज ऑफिस लेट पहुंचुंगा फिर तुम डांटोगी.’ आदी का ये मासूमियत भरा बच्चों जैसा जवाब सुनकर पूजा के होंठो मे हंसी तैर गयी.

पूजा ने आदी से पूछा कि तुम कभी सुधरोगे भी कभी शादी भी करोगे??  आदी ने जवाब दिया ‘बिल्कुल नहीं ,क्यो शादी करके अपनी जिंदगी नर्क बनानी है मैडम. हम तो एसे ही अच्छे हैं ’. पूजा ने कहा ‘अगर प्यार हो जाय तब भी नहीं ?’. आदी ने कहा ‘जिस दिन प्यार हो गया ना उस दिन मैं अपने आप सुधर जाउंगा और नर्क में जाने के लिये सामने वाली लडकी से खुद पूछूंगा और वो इस जन्म में तो होने से रहा, क्योकि मेरी  जिंदगी में लडकियो के लिये इज्जत है पर जगह नही’.  पूजा और आदी उस दिन के बाद काफी करीब आ गये  थे.अकसर साथ साथ बैठे गप्पे मारा करते थे. बहुत हंसी मजाक चलता था दोनों के बीच. दोनो एक दूसरे को अच्छी तरह जान गये थे.

इसी बीच पूजा की शादी तय हो गयी.पूरे स्टाफ में मिठाई बांटी थी आदी ने पूजा के नाम से जब यह खबर ऑफिस में आयी थी.पूजा की शादी की तैयारियां खुद उसके साथ जा जाकर कराई थी उसने और पूजा के होने वाले पति की बैचलर पार्टी भी उसी ने करवाई थी. बहुत काम किया था उसने पूजा की शादी पर. बिल्कुल रॉकस्टार के रणवीर कपूर की तरह. पूजा कभी कभी उसे चिढाती भी थी कि रणवीर की तरह दरगाह में जाकर तो नहीं बैठोगे ना मेरी शादी के बाद और आदी जवाब देता ‘ मै तो बस बार में  बैठूंगा और जम कर पीयूंगा क्योकि फिर कोई गाडी लेकर बन्द करने नहीं आयेगा’

पूजा की शादी भी हो गयी बहुत धूम धाम से, सब कुछ सामान्य भी हो गया . पूजा अपने पति के साथ खुश और आदी अपनी अजीब सी जिंदगी के साथ खुश. जब भी पूजा फोन पर आदी को शादी के लिये कहती तो आदी कहता ‘मेरे लिये लड्किया नही बनी,मैं तो बाबा बनकर हिमालय चला जाउंगा और इस मस्त जिन्दगी में मस्त रहुंगा. नर्क में जाने का शौक मुझे नही है’ पूजा किलस कर रह जाती पर आदी को ना समझा पाती.

दोनो की जिंदगी में सब ठीक चल रहा था कि अचानक पूजा के पति की हर्ट अटैक से मौत हो गयी. 26 साल की पूजा शादी के एक साल में ही विधवा बन गयी.यूं तो पूजा के ससुराल में सब मार्डन ख्यालात वाले थे पर पूजा को कुछ भी अच्छा नहीं लगता था.आदी उस समय शहर से बाहर गया हुआ था, जैसे ही आदी को यह खबर लगी आदी ने पूजा से कांटेक्ट किया , वह आया पूजा से मिलने पर पूजा का मुर्झाया चेहरा उसे पसंद नही आया, उसने उसे हंसाने की बहुत कोशिश की पर नाकाम रहा. पूजा के ससुराल वालों ने पूजा की दोबारा शादी करने का मन बनाया पर पूजा  ने मना कर दिया,ससुरालवालो ने बताया कि लडका विधुर है पर कमाता बहुत अच्छा है पर पूजा इस रिश्ते के लिये हां नही कहना चाहती थी.मगर आदी के लाख कहने पर वह शादी के लिये तैयार हो गयी.

कोर्ट मैरीज के लिये लडका और लडकी वाले कोर्ट मे आये हुए थे. वही आदी ने पूजा के दूसरे पति को देखा.पूजा की दुगनी उमर का लग रहा था और पूजा के लायक किसी भी सूरत में नहीं था.  पूजा ने भी उसे पहली बार देखा था. पूजा भी उसे देखकर खुश नहीं लग रही थी.पूजा का मन आदी ने ना जाने कैसे जान लिया.

आदी ने कोर्ट रूम मे हंगामा मचा दिया दुल्हे को अनाप शनाप गालिया दे दी. नारज होकर दुल्हा और उसके रिश्तेदार कोर्टरूम छोडकर चले गये.कोर्ट की भीड एकटक आदी और पूजा को देखे जा रही थी.पूजा के नाराज ससुर के साथ साथ सभी लोगो ने आदी की तरफ बडी नफरत की निगाह से देखा मानो आदी उस बारात का सबसे बडा दुशमन था. पर बचपन से ही अलहड जिंदगी गुजारता आया था आदी ना किसी का डर ना किसी की फिक्र बस अपने में ही खुश और मस्त ये ही उसका एटीटयूड था. वह किसी को पसंद आये या ना आये पर अपने आप को वह बहुत पसंद करता था.और आज उसको पसंद करने वाला एक और शख्श मौजूद था.पूजा.

पूजा के ससुर ने  आदी से पूछा कि अब पूजा का तमाशा बनाकर उसे क्या मिला इससे तो पहले ही मना कर देते, अब पूजा से शादी को कौन तैयार होगा ये जानकर. आदी पूजा की तरफ बड़ा उसने कोर्ट में सबके सामने पहली बार प्यार भरी निगाहो से पूजा  की और देखा उसका हाथ थामा और बोला..’मेरे साथ नर्क चलोगी..??’

– कमल पन्त 

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