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अल्लाह और भगवान की गुफ्तगू

अक्टूबर 8, 2016 कमल पंत

हमारे बांगडू कमल अदृश्य शक्तियों के स्वामी हैं. हमने ये भी सूना है कि काला जादू वाला जादू करते हैं. कल बता रहे थे की अल्लाह और भगवान की बातें सुनकर आया हूँ.

अल्लाह और भगवान एक बार पृथ्वी से गुजर रहे थे उनके बीच का संवाद कुछ यूं था .

भगवान – क्या बताऊँ थक गया हूँ इन्हें समझाते समझाते कि मै कोइ सुबह आने वाले नल का पानी नहीं हूँ जिसके लिए तुम बर्तन भांडे लेकर भिड़ने चले आते हो(दंगों पर ) .भगवान हूँ कुछ तो इज्जत करो .

पैगम्बर – क्या बताऊँ यार भगवान यहाँ भी एसा ही है ,करते खुद हैं नाम खुदा का लगता है .

भगवान – अब बता भाई पैगम्बर मैंने इनसे एसा थोड़ी कहा था कि मेरी तस्वीर के आगे मेरा नाम लाख बार जपोगे तो मै तस्वीर से आ जाऊँगा .मैंने तो बस इतना कहा था कि भटको मत मेरे लिए मै एसा दिखता हूँ मान लो .इस भटकने के बदले कुछ अच्छा काम करो .इन कमबख्तों ने मेरी तस्वीर दुनिया भर में अलग अलग फैला दी अब प्रचार करते हैं हमारे यहाँ आओ हमारे यहाँ वाला असली है

अल्ल्लाह – हां भाई यहाँ भी यही हाल है, मैंने कहा अपनी सबसे प्यारी चीज कुर्बान कर दो तो किसी दो दिन पहले जानवर को खरीद कर मार देते हैं. इतने ही भक्त हैं तो अपना अपना मोबाईल तोड़ें.

भगवान – मेरे यहाँ भी सेम हाल है दोस्त, बकरे का खून करके आते हैं और मेरे से कहते हैं ले भगवान तुझको अर्पित ,फिर उस लाश का भोजन बनता है और सब खाते हैं .

अल्लाह-अब क्या बताऊँ मैंने कहा मेरा कोइ स्वरूप नहीं मुझे किसी मूर्ती में मत ढूढो मजारों में मुझे ढूँढने लग गए.

भगवान्अ – यहाँ भी एसा ही है , मैंने इनसे कहा गणेश ने अपने माँ बाप को संसार माना तुम भी मानो .ये गणेश की पूजा करने लगे . मैंने कहा ये हनुमान हैं इन्होने राम की सारी परेशानियां दूर की .ये हनुमान को पूजने लगे .मैंने कहा मेरा कोइ एक स्वरूप नहीं मै कण कण में हूँ .ये पत्थर पूजने लगे .इन्हें समझाते समझाते थक गया हूँ .
पैगम्बर – अरे यार भगवान क्या बताऊँ यहाँ भी यही हाल है .मैंने कहा मेरा कोइ स्वरूप नहीं है तो भी इनके समझ नहीं आया . मेरे साथ या मेरे बन्दों के साथ जो हुआ ये उसे दोहरा रहे हैं . अब बोलो मुहर्रम में खून निकालने से क्या मेरे सीने का दर्द कम होगा ? अब क्या बताऊँ यार मेरे बन्दों के जख्म बहुत गहरे थे उन्हें देख कर मुझे बहुत अफ़सोस हुआ था . ये भी मेरे बन्दे हैं लेकिन हर साल मेरा अफ़सोस कम करने के बदले मेरी यादें ताजा कर देते हैं खुद का खून निकाल कर . मेरे जख्म ये भरने ही नहीं देते, ये हैं कि समझते ही नहीं सोचते हैं खुदा का गम बाँट रहे हैं . इनको मैंने समझाया नेकी करो .ये हज करके नेकी कर ली सोचते हैं . मैंने खुद की तस्वीर इन्हें नहीं दी तो मेरे घर की तस्वीर इन्होने घरों में लगा ली .
मैंने खुद को जिन्दा पूजने नहीं दिया लेकिन ये मेरे बन्दों की मजारों पर चादर चढा चढ़ा कर फरियाद मांगते हैं , तू ही बता यार जो मैंने मना किया वो ये ज्यादा करते हैं तो ये मेरे अनुयायी कैसे हुए ?

भगवान – हाँ यार मैंने इनको समझाने के लिए वेद पुराण लिखे पर इनके पास उसे पढने की फुर्सत ही नहीं . मेरे एक अवतार ने गीता लिखी ताकि इन्हें शार्ट में सब समझा सके पर आजकल ये गीता का प्रयोग कसम खाने के लिए कर रहे हैं .

पैगम्बर – मेरा भी यही हाल है यार इनके लिए कुरान का इंतजाम किया .एक अच्छी जीवन शैली जीने के तरीके बताये पर इन्होने भी उसका गीता जैसा हाल किया सिर्फ कसम खाने के काम आती है आजकल .
आगे के संवाद में नहीं सुन पाया क्योंकि नेटवर्क प्राब्लम चल रही थी और बांगडू एंटीने ने काम करना बंद कर दिया था .

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