बांगड़ूनामा

ओछा और अच्छा

अप्रैल 2, 2018 कमल पंत

‘दर्दनाक हो जाता है जब वो बांस के पतले से डंडे से मेरे बगल में बैठी उस मासूम सी लडकी के हाथ में खींच कर ‘स्वाट’ की आवाज के साथ छाप छोड़ देता है,कहने को टीचर है वो मेरा, उसका मारना मैं तो सह जाता हूँ मगर वो लडकी के आँख में आंसू निकल आते हैं,उस टीचर को सिर्फ मारना ही तो आता है, क्लास रूम में घुसते ही वह कहता है कि इस पन्ने पर लिखे इस वाक्य का मतलब बताओ. जो मतलब बता देता है उसे वह कुछ नहीं करता और जो मतलब नहीं बता पाता उसे बांस के डंडे से प्रसाद मिलता है.

यहाँ एक बात क्लियर कर दूं कि उस अंगरेजी के टीचर ने कभी भी उन पन्नो पर छपे वाक्यों के मतलब खुद नहीं बताये हैं, वह आता है खुद अंगरेजी के दो चार पन्ने पढ़ कर चला जता है,कहता है ‘द लेफ्ट इज योर होमवर्क’. आप ही बताइए बिना टीचर के पढाये अगर खुद से मतलब आ जाता तो हम स्कूल क्यों आते?

ट्यूशन टीचर प्रेरणा से सारी बातें कहते हुए आवेश नाम का वह लड़का रो नहीं रहा था गुस्से में था,आज फिर उसे डंडे से मार पड़ी थी, उसके अंगरेजी समझ में आती है या नहीं ये तो बाद की बात थी मगर उसे कभी ढंग से किसी ने अंगरेजी पढाई ही नहीं. हमेशा उसे गाईड के भरोसे छोड़ दिया,या ये मान लिया गया कि इसे पढ़ाना बेकार है, बचपन में उसके पापा ने उसे अंगरेजी के शब्दों के मतलब बताये थे जो उसे आज तक याद थे मगर उसके बाद कभी किसी टीचर ने उस तरह पढ़ाया ही नहीं कि उसे अंगरेजी के मतलब याद हो सकें.

स्कूल टीचर अंगरेजी में पूरा चेप्टर पढ़ लेता और कहता ‘अंडरस्टेंड ?’  सारे बच्चे एक स्वर में कहते ‘यास्स्स्सस्स्स सर्रर्रर ‘ बस हो गयी पढाई. स्कूल से घर आता तो लगभग अनपढ़ माँ बस खिलाने पिलाने पर जोर देती, गणित का ट्यूशन था विज्ञान का ट्यूशन था मगर अंगरेजी उसे खुद से देखनी थी,पापा को अब उसे पढ़ाने का टाईम नही था.

लाख कोशिशों के बाद भी इस इंग्लिश के चेप्टर का मतलब नहीं पता चल पा रहा तो उसने गणित की टीचर से ही पूछ दिया कि मैडम इसका मतलब बता दो. पहले तो मैडम ने गुस्सा किया मगर बाद में देखा कि बच्चा सच में बहुत परेशान है तो उसकी एक अनूठी मदद कर डाली.

मैडम ने दो रात बैठकर उसके अंगरेजी के चेप्टर (जो असल में कहानियां थी ) उनका हिन्दी ट्रांसलेशन कर दिया,और उसे दे दिया,अब वो रोज हिन्दी में कहानी पढ़कर जाता और फटाफट सारे जवाब दे देता, ट्रांसलेशन में थोड़ी थी दिक्कत,अंगरेजी समझने भर में थी.

एक ओछा टीचर जहाँ बर्बाद कर डालता है वहीं एक अच्छा टीचर जिन्दगी बना भी देता है.किसी ने सही कहा है.

पिछली कहानी यहाँ मिलेगी 

दूधबोली

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