बांगड़ूनामा

अधूरी कविताएं

मार्च 9, 2018 Girish Lohni
अधूरी कविताएं अब तक मेरी लिखी कविताओं का निजी संकलन है। दुनिया में सबसे खतरनाक काम कविता सुनाना है क्योंकि सामने वाले को बोर करने के लिये भी आत्मविश्वास चाहिये। अब तक निजी कमरों में गुन-गुनाई जाने वाली कविताएँ पहली बार पब्लिक प्लेटफार्म पर रखी है। कविता का शीर्षक है आदमी और कुत्ता
आदमी और कुत्ते के बीच
बहस एक छिड़ी है।

घर के द्वार पर

क्लास एक चली है।

आदमी में मालिक सा रौब है
पर कुत्ते से कटने का खौफ है,
कुत्ते में भी संरक्षक सा रौब है
पर आदमी से पीटने का खौफ है।
कुत्ता जानता है
आदमी के लिये वो गाली है,
पर आदमी क्या जाने
वो कहां-कहां गाली है।
सो
हिम्मत पहले कुत्ते ने ही दिखाई
दोस्ती के लिये पूंछ हिलाई।
आदमी ने ली एक जम्हाई
भौंका,
औकात देख अपनी भाई।
कुत्ते को जे बात पसंद ना आई
बोला,
तुझसे बेहतर है मेरा भाई।
पूरे रौब में आदमी भौंका
सुन
जंगल से तुझे मैं हूं लाया,
औकात में रह
मां बाप तक
वृद्धाश्रम छोड़ हूं आया।
कुत्ता आया खौफ में पूरा
बोला
इसलिये तो गले में पट्टी हूं बंधवा लाया।

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