बांगड़ूनामा

लार्ड मैकाले तेरा मुँह काला हो – कमल जीत चौधरी

जनवरी 21, 2019 ओये बांगड़ू

 

बच्चे !

मैं उस दौर का बच्चा था

जो माँ से पूछते थे

पिता की छुट्टी कब खत्म होगी

बच्चे !

तुम उस दौर के बच्चे हो

जो माँ से पूछते हैं

पापा किस दिन घर आयेंगे

 

बच्चे !

मैं उस दौर का बच्चा था

जिसे पाँच साल की उम्र में

क से कबूतर सिखाया जाता था

 

बच्चे !

तुम उस दौर के बच्चे हो

जिसे बीस महीने की उम्र में

ए फॉर एलीगेटर सिखाया जा रहा है –

 

मेरे देश के बच्चों की माँएं

और सारी आयाएं

बच्चों के नाखुनों और मिट्टी के बीच

ब्लेड लेकर खड़ी हैं

बिल गेट्स का बाकी काम

लार्ड मैकाले की आत्मा कर देती है

 

बच्चे !

मुझ हिन्दी कवि से

दब चुके खिलौनों पर सनी पूर्वज उँगलियाँ

रुक चुके चाक से बह चुकी मिट्टी पूछ रही है

यह प्ले वे स्कूल क्या होता है

दरअसल मिट्टी ने कल

तुम्हारी माँ और मेरी बातों में

तुम्हारे स्कूल दाखिले की बातें सुनी हैं

बच्चे !

रो क्यों रहे हो

तुम आश्वस्त रहो

मैं दौर और दौड़ के फर्क को जानता हूँ

फिलहाल तुम

कछुआ और खरगोश की कहानी सुनो

और सो जाओ

सामूहिक सुबह तक जाने के लिए जो पुल बन रहा है

उसमें तुम्हारे हिस्से की ईंटें मैं और मेरे दोस्त लगा रहे हैं …

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *