ओए न्यूज़

क्या लिखें ? कैसे लिखें ?

जनवरी 2, 2017 ओये बांगड़ू
व्यंगकार विनोद पन्त

बिना विषय के लिखना भी एक कला है, सोचो समाज में एक भी विषय नहीं होता तब कैसे आप लिखते, इस अतिगम्भीर नानविषय को विषय बनाकर लिख रहे हैं हरिद्वारी बाबा विनोद पन्त

सोचिये अगर मोदी जी नोटबन्दी ना करते . केजरीवाल जी दोबारा दिल्ली के मुख्यमन्त्री न बनते . पप्पू पास हो गया होता . आज ही की घटना को ले लो . समाजवादियों की सायकल टूटती नहीं तो . बाबा जी तेल साबुन ना बेच रहे होते . दस रुप्पली के कपड़े धोने के साबुन में असली चन्दन का तेल न होता . दांत माजने के कीचड़नुमा पदार्थ मेरा मतलब टूथपेस्ट में नमक मसाले धनिया मिर्च ना होता . ममता दीदी साहित्यिक हिन्दी में चीखती . लालू जी का हेयर स्टाइल अमिताभ बच्चन जैसा होता . अमिताभ बच्चन कहां पोट्टी करनी है ये ना बता रहे होते . मुलायम जी की बात समझ में आ जाती . अमर सिंह जी का भी जनाधार होता . दिग्गी चचा ने ब्याह नहीं किया होता . सलमान खान की शादी
हो गयी होती . सिद्धू किसी पार्टी में चले गये होते . सोनिया जी की हिन्दी .. खैर जाने दो लिस्ट
लम्बी है .

अगर ये सभी काम नही होते या हो गये होते तो समझिये कि हिन्दी के व्यंग लेखकों का क्या हाल होता . आप कहेंगे कि भूखे मर जाते . भूखा तो खैर हिन्दी का लेखक मरता ही है इसमें आश्चर्य कैसा .
सभी व्यंग लेखक कब्ज की बीमारी का शिकार हो जाते . दरअसल जब तक कोई व्यंगकार व्यंग ना लिखे उसे खाना हजम नहीं होता . अब लिखने के लिए विषय तो चाहिये ही . विषय तभी मिलेंगे जब समाज में कहीं अटपटा हो . अटपटे को चटपटाकर लिखना ही हास्य है . अगर हमारे नेतागण उटपटांग हरकतें ना करें तो लिखा क्या जाएगा .
वैसे कभी कुछ विषय ना मिले तो . रटा रटाया हथियार है बीबी . बस कलम चला दो बीबी की अदाओं पर मुखड़े पर, आदत पर, स्वभाव पर, बेलन पर, झाड़ू पर . अगर आपकी बीबी सुशील और सर्वगुण
सम्पन्न भी हो तब भी मसाला एड करके लिख डालो . देखने कौन आने वाला है . तुमने लिखा बीबी  की मोटी कमर ,अगर पतली भी है तो फिकर ना करें .कल्पना करें बीबी की मोटी कमर की . काम आसान हो जाएगा .
कुछ भी लिखो, जरूर लिखो, जैसे विषय ना होते हुए भी मैने ये बकवास लिख ही डाली . अब इसमें व्यंग ढूंढने कोशिस ना करें .

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *