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करे कोइ भरे कोइ

जनवरी 21, 2018 कमल पंत

वैसे अब तक आप इसे सुन सुन कर पक चुके होंगे कि पद्मावत के नाम से आ रही है पद्मावती और करनी सेना वही कर रही है जो पिछले ना जाने कितने दिनों से करती आ रही है. इतिहास के नाम पर कक्षा तीन की इतिहास की किताब खोलने वाले अधिकतर शूरमा इस सेना का हिस्सा हैं जिन्हें व्हाट्सप यूनिवर्सिटी से पता चला है कि पद्मावत जायसी साहब की कोइ रचना वचना नहीं बल्कि एक राजमहल का नाम है. बस इसी महान जानकारी के दम पर उन्होंने फेसबुक में घोषणा करवा दी है कि 1800 महिलायें जौहर को तैयार हो गयी हैं अगर फिल्म रिलीज होती है तो.

जौहर क्या है ? जौहर को कठिन एतिहासिक शब्दावली में समझाने जाऊंगा तो मैं खुद भूल जाऊंगा कि आखिर ये है क्या, इसे बस एक आसान सी परिभाषा देते हैं कि आग्नि कुंड में सामूहिक रूप से कूद जाना जौहर है.अब आपको दो बातें बताते हैं पहली ये कि अंग्रेजों के आक्रमण पर रानी लक्ष्मी बाई पीठ में पुत्र दामोदर को बांधकर लड़ने के घोड़े में बैठ गयी थी और दूसरी तरफ पतियों के युद्ध में हारते ही महल में मौजूद महिलाओं ने भरपूर कायरता का परिचय देते हुए अग्निकुंड में कूद मार दी जिसे जौहर कहा गया,अब इसमें जौहर क्या था पता नहीं मगर जो कहा सो कहा.

तो यही जौहर करने को करनी सेना ने 1800 महिलाओं को तैयार किया है,कहने का मतलब है कि भंसाली की फिल रिलीज करूंगा वाली जिद रूपी युद्ध पर करनी सेना सीधे तरह से युद्ध हार गयी और खामियाजा भुगतेंगी वह महिलायें जो जौहर करने को तैयार हुई हैं (अगर सच में हुई हैं तो).

मतलब इन्तहा हो गयी ये तो ,खुद हार रहे हो और सजा दिलवाई जा रही है उन मासूम महिलाओं को जिन्हें पता ही नहीं है कि युद्ध असल में था क्या और किससे ? करनी सेना का नाक का सवाल जो है वह भंसाली की फिल्म को रिलीज ना होने देना था जो युद्ध यह सेना हार गयी है.अब इसकी हार का ठीकरा ये खुद अपने सर ना फोड़ कर उन महिलाओं के सर फोड़ने की तैयारी कर रहे हैं.

आने वाले दिनों में एसी कोइ भी घटना सामने आती है तो इसका सीधा मतलब ये है कि करे कोइ भरे कोइ …

 

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