बांगड़ूनामा

कश्ती

अक्टूबर 27, 2016 ओये बांगड़ू

यूँ ही ठहरे हुए पानी में

चप्पू मारती

किनारे से बंधी

कश्ती-ज़िन्दगी

 

सीमीं अख़्तर नक़वी रीसर्च स्कालर हैं और दिल से शायर

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