ओए न्यूज़

गंगा नहीं होती रे साफ़, करते रहो स्वच्छता का जाप

अक्टूबर 2, 2016 ओये बांगड़ू

गंगा में रोज 10 बार दुबकी लगा के हर हर गंगे बोलने वाले समीर गंगा सफाई अभियान से बड़े दुखी हैं क्यूंकि सफाई तो हो नहीं रही, उल्टा चोंचले सर पड़ गए हैं.

स्वच्छ भारत मिशन और गंगा. जय भोले शंकर की. का हो भोला गुरु आज कौनो आवत ना बा का एकदम बौरायल  सांड की तरह बैठल हउआ. नाही यार मतीन दू गो जजमान आयल रहलन लेकिन ऊ प्रदीप वा बहका देहलस उनके। कुल चल गईलन गंगा के गंदगी के दर्शन करे। भोला गुरु एक बात बतावा इ गंगा कैसे साफ़ होई हमन बचपन में इही जगह वजू करत रहली फिर जाकर जुमा पढ़ात रहली पर अब सब ख़तम हो गईल बा। सरकारों खाली मंत्रालय बनैले बा और मंत्री उन्हन के का है, एसी में बैठकर मज़ा मारत है और यहाँ गंगा माँ रोवत है। सही कहला हो मतीन भाई आज 2 अक्टूबर बा प्रधानमंत्री के स्वछता अभियान के दिन पर गंगा कब साफ़ होई केहू के पता नहीं। जब ससुर लोग काशी आयेंगे तो बडका मशीन लगाकर गंगा के घाट किनारे का पानी साफ़ कर देहियन ओके बाद के पूछे ला गुरु। आर्डर पास कर देहले है कि फूल माला गंगा में विसर्जित न करा अरे गुरु सदियों से गंगा माँ के रापन होत चलत आवत बा उसे खिलवाड़ करेंगे तो भुगातियन। गरीब बेचारन मर जहियन अगर फूल बिकाब बंद हो जाई ता अरे बदन करे के है तो कल कारखाना का गंदा पानी गिरे से रोके ससुर लोग , कसम भोले शंकर की गरियावे का मन करेला कब्बो कब्बो। भोला गुरु खाली गंगा ही नहीं शहर के तो औरु दुर्दशा बा कही निकले लायक ना बा। त्योहारी सीजन बा लोग मार्किट जात हउअन पर हुक्मरान मस्त जनता पस्त का मामला चल रहा है। जैसे लगेगेला सडक पर नाही कौनो गडहा में चलत बाटी। ऊपर से घरे आ ता मेहरारू का ताना भी सुना “ इतना कमावता हउआ केकरे बदे हमरी सौत के बदे का , इकठे गाडी नाही ले सकेला हमार कमरिया दरद करे ला सो अलग और कूडा तो गजबे गदर मचाये रहेला सड़किया पर। अब बतावा का जवाब दी ओकरा के। भोला गुरु देखा जजमान आवता हैं हम खिसकात हई तू आपना दूकान सजावा रही बात साफ़ सफाई की तो सब गांधी जी के भरोसे है।

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