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योगेन्द्र यादव के रिश्तेदारों पर क्या मोदी सरकार ने कराई रेड ?

जुलाई 12, 2018 ओये बांगड़ू

लेखक – श्वेतांक मिश्रा (पोलिटिकल कॉमेंटेटर )

कल तक तो मुझे भी लग रहा था कि श्री योगेंद्र यादव  अगर सही है तो उन्हें चिंता करने की क्या बात है, लेकिन आज की सच्चाई देखकर मामला साफ़ हो गया.

100 से भी ज्यादा पुलिस विभाग के लोग, साथ में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारी, मानो रेवाड़ी के छोटे से नर्सिंग होम को नही बल्कि किसी आतंकवादी को पकड़ने गये हो।

22 लाख कैश पकड़ाया गया है, ये बड़ा अपराध हो गया, जो की डीएनए को भी अपने मुख्य पन्ने में स्थान देने पर मजबूर कर दिया है, नये कानून के अनुसार नियम है कि 2 लाख से ज्यादा कैश घर में नही रख सकते. अब धरातल पर आये तो ना जाने कितने ही परिवार दो लाख से ऊपर कैश घर में रखते होंगे, खासकर ऐसे व्यापारी जिनका व्यपार ही डेली के खरीद फरोख्त से चलता होगा, तो क्या सब अपराधी हो गये ? एक अस्पताल व्यवसायी का 22 लाख एक जमापूंजी की तरह होना एक सामान्य बात है.रेवाड़ी की छोड़िये, अपने बनारस में ऐसे कितने अस्पताल मालिक मिल जायेंगे.

दूसरा आरोप नीरव मोदी की ज्वेलरी शॉप से गहने खरीदने का, गहने तो ना जाने कितनों ने खरीदी होंगी.तो सबको अपराधी बना दें, प्रियंका चोपड़ा तो ब्रांड एम्बेसडर थी, तो क्या वे भी अपराधी है ? जब अपने लोकप्रिय प्रधानमंत्री साहब उन्हें लेकर विदेशो की यात्रा करने पर भी पाक साफ रहे, तो गहने खरीदने वाला दोषी कैसे हो गया ?

साफ़ है, किसान आंदोलन को तोड़ने की साज़िश है, 110 किसान संगठनों का देश में पहली बार एक होना, सिर्फ एक राजनैतिक दल के लिये ही नही बल्कि किसानो पर राजनीति करते आये, सभी दलों के माथे की शिकन की वजह बन गया है.

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