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नाबालिग को आजादी

अप्रैल 28, 2017 Shivesh Jha

कहते हैं, आजादी सब को मिलना चाहिए। जब से हमरा देश आजाद हुआ है, तब से इहे सुन रहे हैं कि हमको किसका डर हम तो आज़ाद देश के नागरिक हैं।’ हमरी आज़ादी के लिए संविधान में बहुते कानून भी बनल है। अब आजे देखिये दिल्ली हाई कोट ने एकठो मामला में फैसला सुनाया है कि हमरे देश में नाबालिग बच्चा लोगन के भी ई अधिकार है की ऊ अपन माता-पिता के संग नहीं रहने का विकल्प चुनने खातिर स्वतंत्रता है।

सुनने में आया है कि अदालत ने कहा है, ‘बच्चा लोगन को माता-पिता के साथ ना ही रहने का विकल्प चुनए खातिर स्वतंत्रता प्राप्त है।’ न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति दीपा शर्मा के पीठ ने एक व्यक्ति की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान ई टिप्पणी किया है। ऊ व्यक्ति याचिका में अपन गुमशुदा बेटी का पता लगाने तथा ओकर कस्टडी लेबए खातिर मांग केने रहल।

अदालत ने कहा है कि 15 सालक ई लईकी का कस्टडी पिता के नाही देल जा सख्त है। किये कि लईकी ने पुलिस और बाल कल्याण समिति सीडब्ल्यूसी से अपने माता-पिता के पास नाही जेबा के इच्छा जाहिर की है। लईकी का पता उत्तर प्रदेशमे मथुरा से लगाओल गेल था।

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