बांगड़ूनामा

एक प्रेम कविता – प्रेत आएगा : बद्री नारायण

अक्टूबर 28, 2018 ओये बांगड़ू

किताब से निकाल ले जायेगा प्रेमपत्र

गिद्ध उसे पहाड़ पर नोच-नोच खायेगा

 

चोर आयेगा तो प्रेमपत्र ही चुराएगा

जुआरी प्रेमपत्र ही दांव लगाएगा

ऋषि आयेंगे तो दान में मांगेंगे प्रेमपत्र

 

बारिश आयेगी तो प्रेमपत्र ही गलाएगी

आग आयेगी तो जलाएगी प्रेमपत्र

बंदिशें प्रेमपत्र ही लगाई जाएंगी

 

सांप आएगा तो डसेगा प्रेमपत्र

झींगुर आयेंगे तो चाटेंगे प्रेमपत्र

कीड़े प्रेमपत्र ही काटेंगे

 

प्रलय के दिनों में सप्तर्षि मछली और मनु

सब वेद बचायेंगे

कोई नहीं बचायेगा प्रेमपत्र

 

कोई रोम बचायेगा कोई मदीना

कोई चांदी बचायेगा कोई सोना

 

मै निपट अकेला कैसे बचाऊंगा तुम्हारा प्रेमपत्र

 

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