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डाटा वाला सब देख रहा है

मार्च 30, 2018 Girish Lohni

माल में आपको घुमते हुए देखा. बहुत स्मार्ट लग रहे थे. मुझसे दोस्ती करोगे. अभी कॉल करो 65**. मैं पच्चीस साल की अकेली कापरेट जॉब वाली लड़की हूँ. मुझसे दोस्ती करोगे. अभी कॉल करो  56**. आपको बाईक पर देखा. बहुत स्मार्ट लग रहे थे. मुझसे दोस्ती करोगे. अभी कॉल करो  65**

अगर आपका नम्बर किसी पुरुष नाम से रजिस्टर है तो ऐसे मैसेज  बड़े आम हैं. आप अपना अदरक जैसा पेट और चांद जैसा सर खुजला कर इतराना शुरु ही करते हैं कि आपको ध्यान आता है कि ना तो आपके शहर में कोई माल है ना ही आपने कभी बाईक चलाई है. फिर कौन है ये बिग बास जो ये खेला खेलता है.

इस तरीके के मैसेज तब ज्यादा आम होते हैं जब आप अपने मोबाईल पर पार्न देखते हैं. आपके द्वारा देखे गये पार्न के प्रकार के आधार पर आपके मोबाईल पर आने वाले मैसेज के प्रकार होते है. अगर आप अपने फोन पर कोई ऐसा एप्प प्रयोग करते हैं जिसके प्रयोग के समय आने वाले विज्ञापन भी उसी प्रकार के होते हैं.

इसी तरह आप एक से दो बार गूगल पर मोटापा कम करने के उपाय सर्च किजिये या वजन बढ़ाने का उपाय खोजिये या आप बाल बढ़ाने के उपाय खोजें या आप किसी प्रकार के कालेज स्कालरशिप या उच्च शिक्षा या बैंकिग संबंधी जानकारी खोजें आपकी ईमेल आईडी इस प्रकार के विज्ञापन से पट जायेगी.

एक अन्य उदाहरण अगर कभी आप यूटूयूब पर कोई हाट सीन वाला गाना सुन लिजिये इसके बाद आपको सजेस्टेड विडियो में दूध वाला देवर से लेकर कटीली कमर वाली भाभी टाईटिल वाली सारी वाहियात फिल्मे मिल जायेंगी.

कहने का मतलब ये है कि इन्टरनेट पर आपकी प्रत्येक हरकत का अध्ययन किया जा रहा है और उसके आधार पर आपके व्यहार को प्रभावित करने की पूर-जोर कोशिश की जा रही है.

इन अध्ययन के आधार पर कंपनियां नये प्रोडक्ट तक बाजार में उतारती हैं. इसका एक ताजा उदाहरण मैनफोर्स कांडोम द्वारा ठंडियो में बाजार में अदरक हनी का फ्लेवर्ड कांडोम का लाना है. इसके बाद उत्तर भारत में कंडोम के बढ़ते प्रयोग के आधार पर बाजार में अचारी फेल्वर्ड कंडॊम का उतारा गया.

ऐसे ही जब पूरे विश्व में भारत में सफेद करने वाली क्रीम ( जो की बाजार में फेयरनेस क्रीम के नाम से बेची जा रही थी) के विरुद्ध आवाज उठने लगी तो प्रिटी24 नाम का एक ऐसा प्रोडक्ट बाजार में आ गया जिसने गोरे नहीं त्वचा को निखारने का दावा किया  वो भी अपने साँवलेपन पर नाज़ के साथ.

ऐसे ही आपके मोबाईल में आपकी फोटो देखकर न्यूज से लेकर ऐंटरटेन्मेंट साईड आपको वजन घटाने या बढ़ाने संबंधी खबर दिखाते हैं. दाग धब्बे हटाने के दादी मां के नुशखे पढ़ाते हैं. शादी वाला अलग-अलग रिश्ते लेकर आ जाता है. प्रापर्टी  वाला आपके आस-पास की सबसे सस्ती प्रापर्टी लेकर आ जाता है.

इस प्रकार डाटा ऐनालिसेस कंपनी न केवल लोगों की पसंद और नापसंद को प्रभावित करने का कार्य करती है ब्लकि कंपनियो के नये प्रोडक्ट, उनके विज्ञापन के कंटेन्ट के साथ उसमें आने वाले स्टार तक को प्रभावित करती हैं. भारत में डाटा ऐनालिसेस के संबंध में स्प्ष्ट नियम कानून नहीं हैं साथ ही डाटा ऐनालिसेस के संबंध में स्प्ष्ट न्यायिक ज्ञान का अभाव भी है. विश्व में आज डाटा ऐनालिसेस की अरबों की इंडस्ट्री है. इस अध्ययन के लिये कंपनियां करोड़ों में डाटा खरीदती हैं. जिसके अध्ययन के लिये पूरी एक टीम रहती है. जिसे लाखों का भुगतान किया जाता है.

वर्तमान में सरकार और विपक्ष दोनों मिलकर इंटरनेट डाटा ऐनालिसेस मामले को जितना हल्के में उड़ाने की कोशिश कर रही हैं मामला उससे कई गम्भीर है. सरकार इस पूरे खेल में खुद को बिग बास के सलमान खान की भूमिका में देख रही है. लेकिन हकीकत ये हैं कि पूरे बिग बास की वास्तविक स्थिति पर सलमान खान का एक सिमित नियंत्रण है.

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