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कैसे निकलोगे इन तंग गलियों से

अक्टूबर 16, 2016 कमल पंत

आज भी बहुत से गाँवों कस्बों में एम्बुलेंस व्यवस्था मौजूद नहीं है . पिछले दिनों में लखनऊ में चल रही 108 के दर्शन हुए . अखिलेश ने क्या गजब बड़ी सी एम्बुलेंस की व्यवस्था की है शहरवासियों के लिए . लेकिन उन गलियों का क्या जहाँ ये बड़ी सी एम्बुलेंस तो छोडो नैनो भी घुसने में नानुकुर कर देती है .

जैसे दिल्ली के बहुत से इलाके एसे हैं जहाँ लोग पास पास रहना पसंद करते हैं इतना पास की पडोस में लगने वाले मिर्ची के तडके से अडोस में छींकें शुरू हो जाती हैं.. आप पूर्वी दिल्ली में देख सकते हैं अधिकतर बिल्डिंग इतने पास पास बनी हैं कि पड़ोस में सुबह सुबह संडास जाने वाले सबसे गैस्टिक अंकल की ढिशुम ढिशुम भर्र भर्र फट फट से गली के दूसरी तरफ के उनके पड़ोसी जाग जाते हैं और उठकर चाय बनाने लगते हैं.  jnjnijni

आप दिल्ली के लक्ष्मीनगर के किसी घर की पांचवी मंजिल में अगर मेडिकल इमरजेंसी में फंस गए तो कसम से आपको हास्पिटल पहुंचाने में एम्बुलेंस का कोइ भी संस्करण (बड़ा या छोटा) काम नहीं आएगा .इन गलियों में यमराज एम्बुलेंस से पहले पहुंचते हैं क्योंकि उन्हें ट्रेफिक क्लियर नहीं करना पड़ता .  आपकी या आपके पड़ोसी की प्यारी एक्टिवा या प्लेटिना ही आपको उन तंग गलियों से निकाल पायेगी. इसलिए पड़ोसी प्रेम बनाये रखिये .lgbenaraskigaliyan3812009133490

मेरे पर्सनल शहर पिथोरागढ़ में एम्बुलेंस की कोइ व्यवस्था नही हुआ करती थी . ये तब की बात है जब हमने एम्बुलेंस सिर्फ अमिताभ बच्चन की फिल्मों में देखी थी , जो वो गुंडों को मारने के लिए लाता था . हमारे यहाँ जो भी बीमार होता उसे निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया जाता. वही आज भी हम दिल्ली में देख रहे हैं . हाँ ये जरूर है कि हमें पता चल गया है कि एम्बुलेंस असल में किस काम आती है बाकि पिथोरागढ़ और दिल्ली में कोइ खास फर्क नहीं है .

यहाँ भी एम्बुलेंस गलियों में नहीं घुस सकती और वहां भी नहीं घुस सकती .

वही दोपहिया वहां और दिल्ली में भी वही दोपहिया . अगर आप थोड़ा सा चलने की हालत में हैं तभी एम्बुलेंस भी आपके लिए फायदेमंद है . नहीं तो लक्ष्मीनगर की गलियों से ओमिनी वाली एम्बुलेंस में पहुँचने में बीमार आदमी  प्राण त्याग दे .

अब कन्क्लूजन ..तो कन्क्लूजन ई है कि गली में बीमार आदमी तक सिर्फ इंसान पहुँच सकता है एम्बुलेंस नहीं इसलिए इंसानियत ज़िंदा रखें और बीमार को एम्बुलेंस तक पहुंचाने में मदद करें .सर्दियां आ रही हैं बहुत से लोग दिन भर रजाई में घर में अकेले दुबके रहेंगे . बीपी वीपी बढने की संभावना बड जायेगी .आप भी एसे ही नजदीक वाले पडोस में रहते हैं तो गली के दुसरे तरफ बिल्डिंग में झाँक कर हाल चाल जान लें .

 

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