यंगिस्तान

 
  • जासूसी उपन्यास के जनक: गोपाल राम गहमरी

    अगर आपने कभी हिंदी साहित्य पढ़ा होगा तो गोपाल राम गहमरी का नाम सुनते ही दिमाग में पहला शब्द जासूस आ जायेगा. हिंदी साहित्य में जासूसी उपन्यास के जनक गो...
    जून 21, 2018 ओये बांगड़ू
  • आमा फसक

    आमा एक फोटू लैह लू आपका? रुक नाती पैल्ली बोट हैं उतरू फिर खिचलै.(बेटा पेड़ से उतरने दे फिर खैचले) नि आमा ऐसे ही पेड़ की डाली काटते हुए। नैंं-नैं बिलकुल ...
    मई 6, 2018 Girish Lohni
  • एवेंजर्स- एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की मनरेगा स्कीम

      जो लोग नरेंद्र मोदी ने चार साल क्या किया सवाल कर रहे हैं उन्हें जाकर ऐवेंजरस इंफिनिटि वार(avengers infinity war) फिल्म देखनी चाहिए. भारत के...
    मई 5, 2018 Girish Lohni
  • खतरनाक सड़क का खूबसूरत सफ़र

    यात्रा हर इंसान को कुछ ना कुछ सिखाती हैं। यात्राएं करना बहुत लोगों का शौक होता है लेकिन कुछ लोग इसे जुनून बना लेते हैं। कुछ ऐसे ही जुनूनी है लक्ष्मण स...
    अप्रैल 25, 2018 ओये बांगड़ू
  • काकू की थै-लींण यात्रा

    बीते सप्ताह काकू थै-लींण की ऐतिहासिक यात्रा से लौट चुके हैं. जानकारों की माने तो काकू आधिकारिक रुप से थैलींण की यात्रा करने वाले राज्य के पैले पूर्ण र...
    अप्रैल 24, 2018 Girish Lohni
  • किस पर करें भरोसा ?

    आजकल चंकी महाराज सायबर एक्सपर्ट हो रखे हैं ,परसों ही नोकिया 1100 का पासवर्ड तोड़ना सीखे हैं इसलिए खुद को एक्सपर्ट आफ द एक्सपर्ट्स मान बैठे हैं,पूरे फेस...
    मार्च 28, 2018 ओये बांगड़ू
  • कोइ केस नही बनेगा प्रिया पर

    प्रिया प्रकाश के बारे में सुने हो बे ? चंकी महाराज ने सालों बाद आफिस में घुसते ही कान में फुसफुस किया. हम समझ नहीं पाए कि पूछ रहे हैं कि बता रहे हैं ?...
    फरवरी 22, 2018 ओये बांगड़ू
  • पदमावत एक फिल्मी कचरा

    ये बड़े शर्म की बात है कि हम एक ऐसे समाज में रह रहे हैं जहां लोगों के मनोरंजन के लिये जौहर जैसे अमानवीय विषय पर फिल्म बनायी जाती है. निहायति वाहयात वि...
    फरवरी 7, 2018 Girish Lohni
  • पापकार्न एक विचारोत्तेजक नाटक

    रविवार (21जनवरी) सायं बरेली के युवा रंगकर्मी रामप्रिय गंगवार द्वारा अभिनीत एकल नाटक ‘पॉपकॉर्न’ का मंचन होटल ला-कासल में किया गया। ...
    जनवरी 23, 2018 ओये बांगड़ू
  • फेक न्यूज-नेतन्याहू भी अब पदमावत के विरोध में

    पदमावत के विरोध में अब इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी आ चुके हैं उन्होने कहा कि इजाइल में किसी भी हालात मे फिल्म को प्रदर्शित नहीं किया जायेगा. स...
    जनवरी 19, 2018 ओये बांगड़ू
  • मेरी बिजनेस फ्रेंड इकरा!

    ये कहानी मेरी दोस्त इकरा की है। इकरा को पहले—पहल जब देखा तो वो हमारे मोहल्ले के बाजार में कागज के लिफाफे बेच रही थी, अपने भाई अयान के साथ। अल्ल सुबह ज...
    दिसंबर 20, 2017 ओये बांगड़ू
  • दुल्हन नहीं रोई

    शुकर है कि अनुष्का शर्मा का अपनी शादी की विदाई के दौरान रोने का वीडियो आ गया. वरना दुल्हन विदाई में नहीं रोई इस आधार पर अनुष्का का चरित्रांकन कर दिया ...
    दिसंबर 17, 2017 Girish Lohni
  • ए लेकर आयेगी मोहल्ला अस्सी

    जिया रजा बनारस , देखला भोला गुरु सरकार दे देहलस मोहल्ला अस्सी के ‘अ’ प्रमाणपत्र , तू हूं ससुर रह गइला बकचोद के बकचोद, ससुरा दुनिया...
    दिसंबर 16, 2017 ओये बांगड़ू
  • खबर खिचड़ी

    जैसे खाने में मसालों का महत्तव होता है वैसे भाषा में पूर्ण विराम का होता है. कैसे अधूरी और बिना चिन्हों की खबर वास्तविकता का सत्यानाश करती है उसका एक ...
    दिसंबर 14, 2017 Girish Lohni
  • फिर आया है बिग बॉस का मेला

    होली,दिवाली ,ईद,क्रिसमस वगेरह वगेरह की तरह हर साल बुझे हुए दीपकों को लेकर एक त्यौहार आता है बिग बॉस . पिछले 11 12 सालों से लगातार हर साल बिना नागा किय...
    दिसंबर 14, 2017 ओये बांगड़ू
  • फिल्म रिव्यू :फुकरे रिटर्न्स

    एक फिल्म है फुकरे रिटर्न्स ,आ गयी है थियेटर में . लगभग वैसी ही है जैसी फुकरे पहले बाली थी,स्टोरी तो सेम तू सेम मान लो बस ट्रीटमेंट अलग किया हुआ है. वह...
    दिसंबर 9, 2017 कमल पंत
  • सीधे कांग्रेस महल से

    व्यंगकार विनोद पंत इस बार कांग्रेस वालों के महल हो आये हैं. अब आगे का घटना क्रम उन्हीं की कलम से पढ़े..                          सोनियां ज्यू घर में आ...
    दिसंबर 6, 2017 ओये बांगड़ू
  • तेरा- मेरा कोहरा

    ये लोग तो भल कि पल्यूशन है, मेरको लगा कुछ होगा. दाज्यू, मैंने तो कोहरा ही देखा है. जीवन में पहली बार कोहरा तो तब ही महसूस हुआ था जब बौज्यु 12वी की परी...
    नवंबर 15, 2017 ओये बांगड़ू
  • डियर X- गर्लफ्रेंड पार्ट-2

    डियर X- गर्लफ्रेंड तुम्हारा जवाब पढ़ा. पढ़कर वही फिलिंग आयी जो दूध में अंडा और चीनी डाल तुम्हारे हाथों के बने ब्रैड के विदेशी ब्रेक-फास्ट को खा कर आयी थ...
    अक्टूबर 15, 2017 Girish Lohni
  • डियर Ex-बॉयफ्रेंड

    डियर Ex शब्दों से अच्छा तो तुम खेल ही लेते थे अब जादूगरी भी अच्छी करने लगे हो. तुम्हारी ही कहूँ तो खेलने और जादूगरी में बस छल का ही एक भेद है. तुम्हार...
    अक्टूबर 9, 2017 Girish Lohni
  • डियर X- गर्लफ्रैंड

    डियर X- गर्लफ्रैंड, मैं चाहता हूं तुम इसे पढ़ो और जानो कि वो मक्खी जिसे तुमने अपनी जिंदगी के दूध से निकाल फेंका था, अभी जिंदा है। तुम्हें जानना चाहिये...
    अक्टूबर 4, 2017 Girish Lohni
  • दूरदर्शन के दौर का इतवार

    बात तब की है जब कुछ ना मिलने पर तागे में चप्पल बांद कर ही हवा में उड़ती पतंग को लंगड़ से चुनौती दी जाती थी. तब ख़ुशी कैसेट के दोनों साईड दस-दस गाने भर जा...
    सितंबर 18, 2017 Girish Lohni
  • पंतों का आरक्षण

    विनोद पन्त ने जाटों और हार्दिक पटेल से प्रेरित होकर पंतो के लिए रिजर्वेशन की मांग कर डाली है उनकी कुछ विशेष मांगें ये हैं व्यंगकार विनोद पन्त आरक्षण च...
    अगस्त 28, 2017 ओये बांगड़ू
  • सराह- भीषण आशिकों की नई टायलेट दीवार

    इन दिनों एक बवाल एप्प चली है. नाम है सराह. है तो यो अरबी का शब्द जिसका मतलब ईमानदारी से है. इजात भी इसका सऊदी में ही हुआ है. पर इन दिनों बवाल अपने देश...
    अगस्त 23, 2017 Girish Lohni
  • पुस्तक समीक्षा – चालीसा का रहस्य

    सहर करीब दस साल से पढ़ने और लिखने के शौक को काम की तरह करते हैं। तीन साल से अपना ब्लॉग लिख रहे हैं। खुद को अति-प्रैक्टिकल मानते हैं इसलिए इनकी कहानियों...
    अगस्त 14, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन 13

    डाक्टर अनिल कार्की के अपनी माटी अपना बचपन की यह 13वीं किश्त ‘दूधभाषा’ आपकी अपनी निजी भाषा और इसके इतिहास को लेकर है,हम अपनी दुधबोल...
    जुलाई 31, 2017 ओये बांगड़ू
  • फिल्म रिव्यू :मुबारकां

    निर्देशक अनीज बज्मी ने फिर से सरदार वाली फिल्म बनाई है नाम है मुबारकां, वैसे सिंह इज किंग के बाद अनीज बज्मी साहब शायद सरदार को फिल्म में कम्पलसरी मानन...
    जुलाई 30, 2017 कमल पंत
  • A फार? किस्सा शिक्षा का

    विनोद उप्रेती कहते हैं कि वो लेखक नहीं हुए, लेकिन लिख एसा डालते हैं कि लेखकों को खुद को लेखक कहने में शर्म आ जाए. ये उनका पहला लेख है हमारे साथ. बांगड...
    जुलाई 28, 2017 ओये बांगड़ू
  • किस्सा पड़ाव का

    विनोद उप्रेती कहते हैं कि वो लेखक नहीं हुए, लेकिन लिख एसा डालते हैं कि लेखकों को खुद को लेखक कहने में शर्म आ जाए. ये उनका पहला लेख है हमारे साथ. बांगड...
    जुलाई 27, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन भाग -12

    डाक्टर अनिल कार्की रचित अपनी माटी अपना बचपन’ की 12 वीं किश्त आप सभी के लिए प्रस्तुत है ! ‘जानवरों के नामकरण’ लेखक अनिल क...
    जुलाई 17, 2017 ओये बांगड़ू
  • फिल्म रिव्यू :जग्गा जासूस, कुछ खट्टी कुछ मीठी जासूसी

    सहर करीब दस साल से पढ़ने और लिखने के शौक को काम की तरह करते हैं। तीन साल से अपना ब्लॉग लिख रहे हैं। खुद को अति-प्रैक्टिकल मानते हैं इसलिए इनकी कहानियों...
    जुलाई 15, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन भाग-11

    डाक्टर अनिल कार्की कहते हैं कि पिछली दस किश्तों के बाद यह ग्यारहवीं किश्त उन सभी भले बुरे गुरुओं के नाम जिन्होंने जिन्दगी में कुछ ना कुछ सिखाया . इसका...
    जुलाई 9, 2017 ओये बांगड़ू
  • डियर भुला

    “ सरकार अभी हनीमून पर है असुविधा के मौज लें ” वाले बोर्ड के पीछे दाहिने तरफ एक चिट्ठी मिली है. किसने किसको लिखी है भगवान जाने. जिसे अधिक जिज्ञासा हो ग...
    जुलाई 7, 2017 Girish Lohni
  • अपनी माटी अपना बचपन- 10

    डाक्टर अनिल कार्की कहते हैं कि अपनी माटी अपना बचपन की यह 10वीं किश्त’भोटिया-भोट जुमली-जुमला’आप सब लोगों के लिए बैलों के साथ लेखक डाक्टर अनिल कार्की मे...
    जून 28, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -9

    डाक्टर अनिल कार्की कहते हैं अपनी माटी अपना बचपन की पिछली आठ किश्तें आप लोग पढ़ चुके हैं. आप लोगों ने खूब सरहा, खूब पंसद किया, सुझाव रखे इसके लिए तहेदिल...
    जून 23, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन – 8

    डाक्टर अनिल कार्की कहते हैं कि “अपनी माटी अपना बचपन के पिछले सात पाठ आप लोगों ने खूब पसंद किये इसके लिए बेहद शुक्रिया लीजिये पेश है आठवीं कि...
    जून 17, 2017 ओये बांगड़ू
  • फिल्म रिव्यू : बहन होगी तेरी!

    ‘सहर’ करीब दस साल से पढ़ने और लिखने के शौक को काम की तरह करते हैं। तीन साल से अपना ब्लॉग लिख रहे हैं। खुद को अति-प्रैक्टिकल मानते ह...
    जून 10, 2017 ओये बांगड़ू
  • शहरी बच्चों के लिए है फिल्म ‘कादम्बन’

    बाबा बांगडू यूट्यूब में ट्रेलर देख रहे थे,अचानक ये दिख गया साउथ का धमाल  ये दक्षिण की फ़िल्में सच में कुछ अलग लिए होती हैं, अभी बाहुबली देखी होगी सबने ...
    जून 10, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -7

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    जून 9, 2017 ओये बांगड़ू
  • भेल भंडार

    चन्द्र शेखर खुलबे साहब मुम्बई में रहते हैं और संगीत में बसते हैं, खाने पीने की चीजों में भी पता नहीं कौनसा संगीत खोज लाते हैं भेल भेल का रंग है , भेल ...
    जून 4, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -6

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    जून 2, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -5

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    जून 1, 2017 ओये बांगड़ू
  • हिंदी Medium- अपनी सी कहानी

    अगर आप अपने छोटे से गांव से किसी भी छोटे या बड़े शहर के नामी स्कूल में दाखिला लेकर पढ़े हैं तो इन दिनों आपके लिये सिनेमा हॉल में एक बढ़िया फिल्म लगी है न...
    मई 31, 2017 Girish Lohni
  • आपनी माटी अपना बचपन -4

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    मई 24, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -3

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    मई 23, 2017 ओये बांगड़ू
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