यंगिस्तान

 
  • अपनी माटी अपना बचपन- 10

    डाक्टर अनिल कार्की कहते हैं कि अपनी माटी अपना बचपन की यह 10वीं किश्त’भोटिया-भोट जुमली-जुमला’आप सब लोगों के लिए बैलों के साथ लेखक डाक्टर अनिल कार्की मे...
    जून 28, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -9

    डाक्टर अनिल कार्की कहते हैं अपनी माटी अपना बचपन की पिछली आठ किश्तें आप लोग पढ़ चुके हैं. आप लोगों ने खूब सरहा, खूब पंसद किया, सुझाव रखे इसके लिए तहेदिल...
    जून 23, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन – 8

    डाक्टर अनिल कार्की कहते हैं कि “अपनी माटी अपना बचपन के पिछले सात पाठ आप लोगों ने खूब पसंद किये इसके लिए बेहद शुक्रिया लीजिये पेश है आठवीं कि...
    जून 17, 2017 ओये बांगड़ू
  • फिल्म रिव्यू : बहन होगी तेरी!

    ‘सहर’ करीब दस साल से पढ़ने और लिखने के शौक को काम की तरह करते हैं। तीन साल से अपना ब्लॉग लिख रहे हैं। खुद को अति-प्रैक्टिकल मानते ह...
    जून 10, 2017 ओये बांगड़ू
  • शहरी बच्चों के लिए है फिल्म ‘कादम्बन’

    बाबा बांगडू यूट्यूब में ट्रेलर देख रहे थे,अचानक ये दिख गया साउथ का धमाल  ये दक्षिण की फ़िल्में सच में कुछ अलग लिए होती हैं, अभी बाहुबली देखी होगी सबने ...
    जून 10, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -7

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    जून 9, 2017 ओये बांगड़ू
  • भेल भंडार

    चन्द्र शेखर खुलबे साहब मुम्बई में रहते हैं और संगीत में बसते हैं, खाने पीने की चीजों में भी पता नहीं कौनसा संगीत खोज लाते हैं भेल भेल का रंग है , भेल ...
    जून 4, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -6

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    जून 2, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -5

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    जून 1, 2017 ओये बांगड़ू
  • हिंदी Medium- अपनी सी कहानी

    अगर आप अपने छोटे से गांव से किसी भी छोटे या बड़े शहर के नामी स्कूल में दाखिला लेकर पढ़े हैं तो इन दिनों आपके लिये सिनेमा हॉल में एक बढ़िया फिल्म लगी है न...
    मई 31, 2017 Girish Lohni
  • आपनी माटी अपना बचपन -4

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    मई 24, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -3

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    मई 23, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपनी माटी अपना बचपन -2

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    मई 17, 2017 ओये बांगड़ू
  • रपट- रैनसमवेयर की

    रैनसमवेयर वायरस की रपट भारतीय थाने पहुंचने पर एक संवाद. रैनसमवेयर की रपट का भारतीय थाने में पहुंचने से लेकर थाने में साइबर सेल की मौजूदगी, थानेदार का ...
    मई 16, 2017 Girish Lohni
  • अपनी माटी अपना बचपन -1

    डाक्टर अनिल कार्की कवि हैं लेखक हैं और पहाड़ का मर्म समझने वाले पहाडी हैं, अपने आस पास के ठेठ पहाडी पन को बड़ी ख़ूबसूरती से शब्दों में पिरोते हैं और देश ...
    मई 16, 2017 ओये बांगड़ू
  • मीडिया का इंडिया

    वर्तमान भारतीय इलेक्ट्रॉनिक मिडिया की ख़बरों की मान ली जाय तो भारत दिल्ली-एनसीआर से शुरु होकर दिल्ली-एनसीआर में ही खत्म हो जाता है. इसके अलावा इसके चार...
    मई 15, 2017 Girish Lohni
  • युद्ध में बासु हो जाते हैं बच्चे

    रोहित जोशी का यह लेख इससे पहले मीडिया विजिल में छप चुका है, लेखक की इजाजत से इसे दोबारा यहाँ प्राकशित किया जा रहा है तबियत खराब हो, रात में नींद नहीं ...
    मई 9, 2017 ओये बांगड़ू
  • बहुरंगी देश म्हारा

    चंकी महाराज सोशल मीडिया में भटक रहे थे , तभी उनकी नजर एक बहुत फेमस फेसबुक लेखिका के पोस्ट पर पड़ी , जिस पर लिखा था कि “सेक्स करना ना करना ये ...
    मई 5, 2017 ओये बांगड़ू
  • “कोई दिवाना कहता था ..’

    वल्ला क्या जमाना आ गया बोलो, जिसे हम कहते थे कि गजब का कलाकार है वो ही अजब हाल में है. अरे वही जिसे  ‘कोइ दीवाना कहता है कोइ पागल समझता है&a...
    मई 4, 2017 ओये बांगड़ू
  • आज मरा था हिटलर

    एक हुआ करते थे एडोल्फ हिटलर, नाम तो सुना ही होगा, मक्खी की सी मूंछों वाला, द्वितीय विश्वयुद्ध का सबसे बड़ा खलनायक जिसने अपनी तानाशाही में लाखों यहूदियो...
    अप्रैल 30, 2017 ओये बांगड़ू
  • आमजन को भगवान दिखाने वाला चित्रकार

    एक बड़े जबर्दस्त कलाकार होते थे, नाम था राजा रवि वर्मा, केतन मेहता साहब की एक फिल्म रंगरसिया के जरिये बहुत से लोगों ने राजा रवि वर्मा को जाना होगा. एक ...
    अप्रैल 29, 2017 ओये बांगड़ू
  • गिनीज़ का बुखार या पागलपन…?

    ठीके में एही दुनियां में भांति-भांति के लोक है। कुछ लोक तो अपना शोहरत खातिर कुछुओ करने ना ही हिचकती है। अगर बात गिनीज बुक में नाम दर्ज कार्बन का हो तो...
    अप्रैल 27, 2017 Shivesh Jha
  • कलर्स में आयेंगे दिल्ली के दिव्यांग बच्चे

    कलर टीवी के नए रियल्टी शो में दिल्ली के दिव्यांग बच्चों ने हिस्सा लिया, एक्रबेटिक योगा की टीम ने कलर चैनल में जल्द प्रसारित होने वाली रियल्टी शो के लि...
    अप्रैल 27, 2017 ओये बांगड़ू
  • फिल्म बनाने से पहले तनिक रिसर्च काहे नहीं करते

    आज रमीज़ रज़ाअंसारी फिल्मों में भाषा के खेल में होने वाली चीटिंग के बारे में तनिक विस्तार से बता रहें हैं . हाल ही में फ़िल्म ‘हाफ़ गर्लफ्रेंड&a...
    अप्रैल 24, 2017 ओये बांगड़ू
  • कबाड़ और जुगाड़ का मिश्रण

    ई हई बिहारक रजधानी पटना। वैसे तो पटना गाँधी मैदान, बजरंगवली मंदिर, गोलाम्बर, लालू यादव इत्यादि बहुतो चीज के लिए फेमस है, परन्तु आजकल हियाँ चर्चा का वि...
    अप्रैल 22, 2017 Shivesh Jha
  • डिप्रेशन – दोबारा पूछो

    डिप्रेशन एक एसी बीमारी है जिसे हम जब तक अच्छी तरह समझ पाते हैं तब तक वो विकराल रूप ले लेती है. वैसे डाक्टरी भाषा में इसके लक्ष्ण बडे आसान से बता दिए ग...
    अप्रैल 22, 2017 कमल पंत
  • बेग़म जा़न- घर बचाने की कहानी

    कहानी 1947 में भारत की आजादी की , किसी ऐसी जगह जहां भारतीय मर्द चोरी से रात के अन्धेरों में जाते हैं और रेडक्लीफ की खीची दो मुल्क बनाने वाली लकीर जब क...
    अप्रैल 16, 2017 Girish Lohni
  • पेंटिंग प्रदर्शनी है जाइएगा .

    कला के शौक़ीन हैं, पेंटिंग में इंटरेस्ट रखते हैं रंगों से की गयी कलाकारी पसंद है तो आपके लिए है ये वाली प्रदर्शनी ,नई दिल्ली गाँधी आर्ट गैलरी में &...
    अप्रैल 15, 2017 ओये बांगड़ू
  • काले गोर का भेद ना करो

    एक कहावत है कि जल में रहकर मगर से बैर नहीं लेना चाहिए. लेकिन कुछ लोगों में सच को लेकर जूनून सा होता है और वो ‘वो’ कर जाते हैं जिसे...
    अप्रैल 13, 2017 ओये बांगड़ू
  • फर्जी खबर भी खबर में है

    आजकल खबरों में कमाल होता है, बात बात में कमाल होता है, एक न्यूज चैनल तो अपनी खबरों को लेकर इतना ज्यादा सुर्ख़ियों में आ गए कि लोग उन्हें फोन कर करके पू...
    अप्रैल 12, 2017 ओये बांगड़ू
  • बनारसी बाटी चोखा चखा क्या

    बनारसी बांगड़ू सैयेद फैज़ हसन आज बांगड़ू की जयका एक्सप्रेस ले कर पहुंच गये हैं बनारसी बाटी चोखा खाने.  अरे बनारस में सिर्फ बनारसी पान नहीं मिलता खाने को ...
    अप्रैल 8, 2017 ओये बांगड़ू
  • एसा तो ना करें

    एक महोदय मेरे साथ विगत कुछ दिनो से समाज समाज खेल रहे थे , मतलब वो अक्सर मुझे मैकडी या केएफसी के दर्शन करा लाते और अक्सर कैब या टैक्सी मे घर को ले जाते...
    अप्रैल 7, 2017 ओये बांगड़ू
  • हमें वो लोन दे,जिसका पुनर्जन्म में विश्वास हो

    आपके लिए चुराया है ये लिंक. जिसमे कवी महोदय गजब का माहौल सेट किये हुए हैं. कसम से आनन्द आ गया. स्वच्छ भारत अभियान के लोगो में जो चश्मा है गांधी जी उसक...
    मार्च 30, 2017 ओये बांगड़ू
  • सोचो डीडीएलजे के टाईम एंटी रोमियो होती तो !!

    ये जो पूरा लिख मारा है वो बाबा बांगडू ने एंटी रोमियो से बचते हुए लिख मारा है. ये फोटो सोशल मीडिया में भटकते हुए मिली, बहुत तारीफे पा रही थी और एक खतरन...
    मार्च 29, 2017 ओये बांगड़ू
  • ‘वैकेशन होमवर्क’

    रमीज रजा अंसारी ने बनारस से एक याद भेजी है. यंगीस्तान को अपना बचपन याद दिलाने के लिए गर्मियों ने दस्तक दे दी है। लोगों ने अपने कूलर और पंखे साफ़ करने श...
    मार्च 29, 2017 ओये बांगड़ू
  • गणित की गुदड़ी

    अगर किसी ने बच्चों को ध्यान में रखकर कभी कोई जानीदुशमन जैसी कोई फिल्म बनायी होती तो उसमें खलनायक होता गणित का विषय. वैसे बुद्धि से खून निकाल देने वाले...
    मार्च 27, 2017 Girish Lohni
  • यह खुशरंग है, सामने देखना हो तो आइये रफी मार्ग

    ये जो तस्वीरें आप देख रहे हैं ना !  हर पेंटिंग में छिपी एक गहराई तलाश रहे हैं ना ! गांधी को भी देख रहे हैं, बर्फ से ढकें पहाड़ भी देख रहे हैं ...
    मार्च 21, 2017 ओये बांगड़ू
  • लौट कर आ रहे हैं साराभाई

    ‘मोमा मोमा प्लीज लिसन दिस पोइम ?’ ‘रोसेस बेबी अपने डैडी को सुनाओ ना प्लीज , आई एम वर्किंग , या एसा करो मोनिसा को सुना दो...
    मार्च 16, 2017 कमल पंत
  • जर्नलिस्ट पेशे पर बनी है ‘नूर’

    एक पिच्चर(फिल्म) आ रही है , नूर. आज ट्रेलर देखा उसका, आप सोचोगे प्रमोशन करने लग रहा है अभी से जरूर सोनाक्षी का फेन होगा.अपनी बात कहने से पहले क्लियर क...
    मार्च 8, 2017 ओये बांगड़ू
  • महिला दिवस- पिंक वाला

    अचानक अब कल गूगल से लेकर फेसबूक पिंक हो जायेगा. स्कूलों से लेकर दफ्तरों तक महिला सशक्तिकरण के प्रोग्राम होंगे. महिला दिवस पर कुछ महिलाये घर पर सुबह जल...
    मार्च 7, 2017 Girish Lohni
  • पार्टी- दरबान के झुकने पर मैं भी सपरिवार झुक गया

    शादियों के सीजन में जब जब घर पर बुलावा आता हैं तब तब पार्टी में जाने की ख़ुशी बच्चों के चेहरों पर झलकने लगती हैं ऐसे में गरीब से आगे खड़े होकर अमीरों के...
    मार्च 6, 2017 ओये बांगड़ू
  • करण जौहर बन गये बापू

    करण जौहर ने अपने बापू बनने की खुश वाली खबरी सोशल मीडिया पर आज शेयर कर डाली हैं. करण को एक साथ दो जुड़वाँ बच्चों के पापा बन गये हैं. शादी किये बिना करण ...
    मार्च 5, 2017 ओये बांगड़ू
  • पगला गए हैं सोशली सब

    आजकल एबीवीपी बड़ा चर्चा में आया हुआ है, जगह जगह इन्टरनेट की दुनिया में एबीवीपी के कार्यकर्ता अपना जलवा बिखेर रहे हैं. रामजस कालेज से आयी मारपीट की वीडि...
    फरवरी 28, 2017 कमल पंत
  • सूफियाना की सजेगी 11 मार्च को महफ़िल

    सूफी संगीत सुनने का शौक रखते हैं ? सूफी मने वो बजरंगी भाईजान में गाया था अदनान सामी ने मजार पर बैठकर जब बच्ची की अम्मा को ढूंढते हुए सलमान पाकिस्तान प...
    फरवरी 26, 2017 ओये बांगड़ू
  • वर्जिनिटी- द करेक्टर सर्टिफिकेट इन इंडिया

    नवीं की किताब में पुष्प के अंडाशय के बाद वाले पेज नंबर 232 से 234 तक के बीच के पन्ने अक्सर मास्टर घर से गृहकार्य में पढने को दे देते थे।(अगर मुझे अपनी...
    फरवरी 25, 2017 Girish Lohni
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