गंभीर अड्डा

 
  • सवालों का पुलिंदा है हमारे पास

    मुद्दे इतने हो गए हैं कि क्या याद रखें और क्या भूल जाएँ, हर तरफ एक परेशानी है हर तरफ एक नया पहाड़ खड़ा मिल रहा है. परेशानी बताओ तो सत्ता कह रही है सिर्फ...
    दिसंबर 3, 2017 ओये बांगड़ू
  • इतिहास के पन्नों से गायब महिलाएं

    भले ही आज भारत में सबसे लोकप्रिय होने वाले चुटकुले पत्नी प्रताड़ित पतियों के हों पर हकीकत ये है कि वर्तमान में भारत की लोकसभा में महिलाओं का संख्या 11...
    नवंबर 15, 2017 Girish Lohni
  • आर्थिक सामाजिक और राजनीतिक दलदल के बीच हिंदी

    कह दो दुनियावालों से गांधी अंग्रेजी भूल चुका  है … आजादी के बाद बीबीसी में दिए गए वक्तव्य में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा कहे ये शब्द आ...
    अक्टूबर 6, 2017 ओये बांगड़ू
  • पंचेश्वर बाँध- लड़ाई अपने अधिकारों की

    उत्तराखंड कुमाऊं की पहाड़ीयों में एक ज़िन है. जो वर्तमान में भारत और नेपाल सरकार की संयुक्त बोतल में बंद है. इस ज़िन को काबू में कर पहाड़ के लोगों के जी...
    अक्टूबर 3, 2017 Girish Lohni
  • बनारस(BHU)का आंखों देखा हाल

    बनारस।  काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) जहां 16 फेकेल्टी और 6 अन्य कोर्स चलते हैं।  जिसमे 40 हज़ार से अधिक छात्र छात्राएं रोज़ पढ़ते हैं। वहां के प्रशासन...
    सितंबर 26, 2017 ओये बांगड़ू
  • ये रहा राम रहीम का इतिहास

    गुरमीत राम रहीम, इस नाम को आजकल सबसे ज्यादा देखा सुना बोला जा रहा है शायद, कौन है ये ? क्या है ये ? और सबसे बड़ा सवाल क्यों है ये ? सीबीआई की विशेष अदा...
    अगस्त 30, 2017 कमल पंत
  • आजादी के बाद की सच्ची दास्ताँ

    करीब दो साल पहले अपने मीडिया संस्थान के लिए रिपोर्टिंग के दौरान एक टास्क मिला कि किसी एसे जीवित स्वतन्त्रता सेनानी को ढूंढ कर लाओ जिनके बारे में ...
    अगस्त 15, 2017 कमल पंत
  • समय की कीमत (वैल्यू ऑफ़ टाइम)

    डाक्टर ईशान पुरोहित खुद पीएचडी हैं और देश विदेश में सोलर एनर्जी पर व्यख्यान देते हैं,भारत में कई यूनिवर्सिटीज इन्हें गेस्ट लेक्चर के लिए समय समय पर बु...
    अगस्त 1, 2017 ओये बांगड़ू
  • इं.नीतीश के लिए भी सेफ फ्यूचर इंपॉर्टेंट है भाई

    यशवीर बाबू पेशे से पत्रकार हैं और दिल से घुमक्कड़, राजनीती में इनका उतना ही इंटरेस्ट है जितना मक्खी का जलेबी में होता है. ‘करियर’&a...
    जुलाई 28, 2017 ओये बांगड़ू
  • कारगिल विजय दिवस

    कारगिल युद्ध भारत पाकिस्तान युद्ध का भाग तिथि मई-जुलाई 1999 स्थान कारगिल ज़िला, जम्मू-कश्मीर, भारत परिणाम निर्णायक भारतीय विजय पाकिस्तानी सेना की वापस...
    जुलाई 27, 2017 ओये बांगड़ू
  • सरकार शिक्षा और पहाड़

    वैसे तो किसी भी मौसम में दिल्ली से पिथौरागढ सीधे जाने वाली बस में सफर कर लो एक चीज जो कभी नहीं बदलती वो है सुबह 6 बजे के आस-पास बस सुखीढाक पहुँचते ही...
    जुलाई 16, 2017 Girish Lohni
  • स्वाभीमान के दलित गीत

    लक्ष्मण सिंह जेएनयू के स्कालर हैं और अलग अलग विषयों पर अपनी तथ्य पूर्ण लेखनी चलाते रहते हैं लेखक लक्ष्मन सिंह देव देश में दलित गीतों की एक नई परंपरा श...
    जुलाई 14, 2017 ओये बांगड़ू
  • बोडो संघर्ष बयां करती ‘बुनकरी’

    अमित बैजनाथ गर्ग की यह जमीनी रिपोर्ट असम के एक गाँव रौमेई के ऊपर है हाल ही में अमित का चयन असम के गांवों में रिसर्च के लिए हुआ था। लेखक अमि...
    जून 23, 2017 ओये बांगड़ू
  • गैस सिलिंडर का विकल्प होना चेइये कि नहीं

    एक होता है सिलिंडर जिसे बेचते हैं कम्पनी वाली ,प्राईवेट कम्पनी वाले. लेकिन दाम तय करती है सरकार . पहले सिलिंडर इतना महंगा होता था कि भारतीय जनता अफोर्...
    जून 20, 2017 कमल पंत
  • रेप कल्चर- एक हकीकत

    पिछ्ले कुछ सालों में दुनिया भर में बलात्कार की घटनाओं में भयानक रुप से वृद्धि हुयी है अगर आँकड़ों की मानें तो स्वपन देश अमेरिका में प्रत्येक पाँच मिनट...
    जून 8, 2017 Girish Lohni
  • बदलते पिथौरागढ़ की बदलती परवरिश

    पिथौरागढ़ और मेरा रिश्ता वैसा ही रहा है जैसा कि पहले प्यार और आपका रहता है. 1994 से मुझे अपने होश सँभालने का ध्यान है यहीं से हमारी बेइंतहां मोहब्बत भ...
    जून 2, 2017 Girish Lohni
  • यही है राईट लाईफ बेबे

    एक कालेज हुआ करता था, वो गुमनाम से शहर के अनजान से कसबे में, उस कालेज की बड़ी सी उपलब्धी बस इतनी सी थी,कि उस पूरे इलाके में जिसने भी कुछ हासिल किया उसम...
    जून 1, 2017 कमल पंत
  • दर्शन के साथ धंधा

    चंकी महाराज नेपाल बार्डर पर गए थे, कुछ तो लाये हैं पढ़ लो पहले भारत में चीनी माल की इतनी ज्यादा आवक नहीं थी. ज्यादातर माल भारतीय ही हुआ करता था, जैसे ब...
    मई 24, 2017 ओये बांगड़ू
  • बाबू ! घर आ जाऊं?

    खतों का ज़माना लद गया है, एसे में मनु द्फाली का ये खत उन खतों के जमाने को तो ज़िंदा करता ही है साथ ही एक एसे विषय पर बोलता है ,जिस पर लगभग हर राज्य के ब...
    मई 20, 2017 ओये बांगड़ू
  • दामिनी या दमिनी ? जिसका वर्षों से दमन हुआ हो

    सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया जे बलात्कारियों की सजा बरकरार रखी है उसके बावजूद बलात्कारियों के दिलों में कोइ खौफ नहीं, बीते दिनों अखबारों और टीवी चैनल में ...
    मई 15, 2017 ओये बांगड़ू
  • निर्भया की ज्योति

    टीवी में समाचार देखना महीनों पहले छोड़ दिया था.अखबारों से बचपन की यारी है इसलिये अभी भी सम्पादकीय,अर्थव्यस्था और खेल वाले पन्नों से यारी जारी है. बाकि ...
    मई 8, 2017 Girish Lohni
  • 1594 दिनों का न्याय

    मेरे लिए ये सिर्फ ज्योति(दामिनी ,निर्भया) का न्याय नहीं है, ये उन सब लोगों का न्याय है जो 1594 दिन से जन्तर मंतर पर धुप बारिश की परवाह किये हुए बैठे ह...
    मई 6, 2017 कमल पंत
  • महिला सशक्तिकरण का ढकोसला

    पिछले कुछ समय में महिला सशक्तिरण पर स्वतंत्र लेख-कविता-कहानी आदि की जैसे बाढ़ आ गयी है. खास बात ये है कि बाढ में हिट वो हुये हैं जिन्हें योनि और पीरिय...
    मई 4, 2017 Girish Lohni
  • वेश्या होना आसान नहीं

    आप मुझे किसी भी नाम से बुला सकते हैं (रंडी या वेश्या) क्योंकि समाज ने  मुझे कभी सम्मानित नजर से नहीं देखा. हमारे पास हर तरह के कस्टमर आते हैं. इसलिए थ...
    मई 3, 2017 ओये बांगड़ू
  • बुलेट मंदिर-चमत्कार को नमस्कार

    केडी साहब लेकर आये हैं राजस्थान की रोचक अद्भुत दास्ताने हमारे लिए पढ़िए और आनन्द उठाइये उन रोचक किस्से कहानियों को जो वहां की संस्कृति के बीच सच्ची दस्...
    मई 2, 2017 ओये बांगड़ू
  • मजदूरों की मज़बूरी…

    अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस, मतबल मजदूरक दिन। हाँ आज है मजदूर का दिन। कहबा खातिर तो आज मजदुर लोगन को छुट्टी रहता है, मुदा सच कहें तो आज देहारी मजदुर सब ...
    मई 1, 2017 Shivesh Jha
  • इसलिए आदिवासी महिलाएं बनती है मर्द

    प्रकृति के सबसे करीब और उसी के बीच अपनी ज़िन्दगी बिताने वाले आदिवासी समुदायों की परम्पराएं और रीति रिवाज़ आज कंक्रीट के जंगलों के बीच अपना दम तोड़ रहें ह...
    अप्रैल 30, 2017 ओये बांगड़ू
  • सुकमा- हमला नहीं एक हत्याकांड

    पचास साल पहले बंगाल के नक्सलबाड़ी क्षेत्र में 10 युवा आदिवासी लड़कों द्वारा शुरु किया एक विद्रोह. पचास साल बाद न केवल बंगाल बल्कि बिहार, उडीसा, छत्तीसगढ़...
    अप्रैल 28, 2017 Girish Lohni
  • शुक्रिया प्राईवेट स्कूल

    20वीं  शताब्दी के अंतिम दशक में जब भारत में बाजार ने घुसना शुरु किया ही था तो इस दौर में जनसंख्या विस्फोट की समस्या तत्कालीन सरकारों को पहली बार एक चु...
    अप्रैल 26, 2017 Girish Lohni
  • सोशल मीडिया में जवानों की शहादत पर राजनीती

    सुकमा छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने हमला करके 25 जवानों को शहीद कर दिया, सीआरपीऍफ़ के ये जवान गश्ती पर जा रहे थे. ये खबर फ्लेश होने के साथ ही सोशल मीडिया म...
    अप्रैल 25, 2017 कमल पंत
  • किसान पुत्र की चिट्ठी पीएम मोदी ने नाम

    सेवा में , प्रधानसेवक श्री नरेंद्र मोदी   मैंने एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार में जन्म लिया है , आजादी के बाद से इस देश में हर किसी के लिए कानून बना हर ...
    अप्रैल 23, 2017 ओये बांगड़ू
  • गौ रक्षा डिवाईस, गाय का मोबाईल

    बनारस से केशव बता रहे हैं कि गाय के नाम पर हल्ला काटने वाले फर्जी लोगों से इतर कुछ सच्चे गौभक्त भी हैं देश में ,जिन्होंने गायों की तस्करी रोकने के लिए...
    अप्रैल 22, 2017 ओये बांगड़ू
  • सैप लोगों की कहानी

    सरोज आनन्द पेशे से सीए हैं लेकिन सामाजिक सक्रियता लाजवाब है, ये उनका पहला लेख है हमारे साथ, लेख में वो अपने समय के उन बड़े लोगों की वर्तमान हालत बता रह...
    अप्रैल 16, 2017 ओये बांगड़ू
  • आरक्षण और हम

    छठीं कक्षा में एक स्थानीय छात्रवृति के लिये आवेदन करते समय पहली बार सामान्य, एस.सी, एस.टी, ओ.बी.सी जैसे शब्दों से मेरा परिचय हुआ. घर पर इनका मतलब पूछन...
    अप्रैल 14, 2017 Girish Lohni
  • भारत पूरी तरह आजाद नहीं हो पाया

    ‘यदि मुझे लगा कि संविधान का दुरुपयोग किया जा रहा है, तो मैं इसे सबसे पहले जलाऊंगा’ भारत के संविधान को जलाने की बात किसी और ने नहीं...
    अप्रैल 14, 2017 ओये बांगड़ू
  • IPL देखने वालों जरा यहाँ भी नज़र डालो

    आजकल इंडिया में इंडियन प्रीमियर लीग 2017 का फीवर चल रहा है और वो भी ऐसा फीवर की जिसे जहाँ मौका मिल रहा हैं वो वही इस फीवर को बड़ी ख़ुशी से झेलने में लगा...
    अप्रैल 13, 2017 सुचित्रा दलाल
  • विकासपुरी में विकास का उजियारा करेंगी मोमबत्तियां

    अक्सर मोमबत्ती की लो एक शांत क्रांति लाती हैं. एक मोमबत्ती भले ही एक घर को रोशन करती हैं लेकिन मोमबत्तियां पुरे समाज का चेहरा बदल देती हैं. मोमबत्तिया...
    अप्रैल 12, 2017 ओये बांगड़ू
  • विकासपुरी का विकास कुछ यूँ होगा चुनाव के बाद

    दिल्ली में जल्द होने जा रहे नगर निगम चुनाव में मतदाताओं को बहुत सी उम्मीदें हैं. हर कोई चाहता हैं कि उसका निगम पार्षद सबसे अच्छा हो और हर उम्मीदवार खु...
    अप्रैल 8, 2017 ओये बांगड़ू
  • गौरक्षक या आदमखोर ?

    अलवर राजस्थान में एक मुसलमान युवक जानवरों की मंडी से एक दुधारू गाय खरीद कर लाया, रास्ते में मिल गए उसे कथित गौरक्षक, जिन्होंने गौरक्षा के नाम पर उस यु...
    अप्रैल 7, 2017 ओये बांगड़ू
  • अब न कहना कि मुस्लिम वन्दे मातरम नहीं कहते

    आजकल के माहौल के बीच यूपी काशी में नौरात्रों में एक सुखद खबर देखने को मिली, तस्वीरों से आप समझ ही गए होंगे की किस खबर की बात की जा रही है. जी इस तनाव ...
    अप्रैल 6, 2017 ओये बांगड़ू
  • जलती चिताओं के बीच नगरवधुओं ने किया नृत्य

    विश्व के प्राचीनतम शहर बनारस को जिंदा शहर कहा जाता है। परंपराओं के बंधन से सजा हुआ यह बनारस आज भी अपने साथ सैकड़ों साल पुराने मान्यताओं और परंपराओं को ...
    अप्रैल 4, 2017 ओये बांगड़ू
  • निगम के नियमों में संशोधन जरुरी – संजय गुप्ता

    दिल्ली की जनता की मुलभुत सुविधाओं से जुड़े नगर निगम के चुनाव का विगुल बज चूका हैं और हर पार्टी जोरों शोरों से चुनावी तैयारियों में लग गयी हैं. लेकिन इन...
    अप्रैल 4, 2017 ओये बांगड़ू
  • सिस्टम ऐसा हो कि लोगों को परेशानी न हो

    विकास की परिभाषा क्या होती है ?  बड़ी बड़ी बिल्डिंगें ,शापिंग माल ,पुरानी दुकानों की जगह नयी दुकानें ?  क्या ये सब विकास की परिभाषा के अन्दर आता है ? शा...
    अप्रैल 2, 2017 ओये बांगड़ू
  • अब तो भगवान ना मानो नेताओं को

    कुछ सौ दो सौ तीन सौ साल पुरानी बात रही होगी जब भारत में एक अलग तरह का राज चला करता था, एक कम्पनी थी जिसकी मालकिन बैठी रहती थी लंदन में और ब्रांच थी इण...
    मार्च 30, 2017 कमल पंत
  • सेफ्टी या गुंडागिरी का लाईसेंस !-एंटी रोमियो

    अभी यूपी में एंटी रोमियो स्क्वाड शुरू की है, मनचलों ,छेड़खानी करने वाले आवारा टाईप के लड़कों से लड़कियों को सुरक्षा देने के लिए. असल में ये लौंडे लफाड़े ल...
    मार्च 29, 2017 कमल पंत
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