बांगड़ूनामा

 
  • दूधबोली

    पुखराज और निमी जिन्दगी के 25 वें पडाव पर पहुंचे थे,लम्बे समय बाद दोनों की मुलाकात हुई एक दिन एक बड़े शहर के बड़े से काफी होम में , निमी अपने दोस्तों के ...
    दिसंबर 13, 2017 कमल पंत
  • कल्याणी आमा

    अब जाकर मरी कल्याणी आमा,पूरा घर आज उसका शोक मना रहा था,पंडित ने उसकी जाती गोत्र पूछा तो याद ही नहीं आया कि उसका क्या गोत्र जात थी. खैर कल्याणी नाम था ...
    दिसंबर 12, 2017 कमल पंत
  • एक कहानी चिड़िया की

    एक सपना मैंने भी सजाया, आँखों में वो जुनून भर आया। उड़ान आसमान को छूने की थी कि तभी एक झोंका सा आया एक ख़ुशी थी कि संसार में आउंगी, पर नहीं पता था कि ...
    दिसंबर 9, 2017 ओये बांगड़ू
  • भदेली में कैमरा

    ‘रख दो इन कैमरों को दिन भर क्या कंधे पर चढ़ाए घुमते रहते हो,विशवास को देखो कितना अच्छा काम करता है तुम्हारी तरह वो भी कैमरा ही चलाता है लेकिन दिन भर क...
    दिसंबर 9, 2017 कमल पंत
  • दबी जुबानें

    ‘अब क्या हुआ ? ये अचानक से मूड क्यों बदल गया . इतने टाईम बाद मिला हूँ कम से कम मिलकर ढंग से हाई हेलो कर लो.’ कृष्णा और विजय बहुत अ...
    दिसंबर 5, 2017 ओये बांगड़ू
  • आखिरी शाम

    शाम के कुछ ६ बजे होंगे, सूरज ढले १५ मिनट बीत चुके थे, सिमलगैर मार्किट में युवओं की चहल पहल अभी उस दिन के लिए चरम सीमा पर थी. ये साल का वो समय था जब लो...
    दिसंबर 3, 2017 ओये बांगड़ू
  • मिलन

    विधाता ने इत्तेफाक से दोनों को मिलवाया था,न कालोनी एक , न शहर एक , न राज्य न देश . एक बस ये देश था जो दोनों खुद का अपना कह सकते थे. दोनों में कोइ भी स...
    नवंबर 18, 2017 कमल पंत
  • मैं हूँ एक इण्डियन बेचलर

    मैं हूँ एक इण्डियन बेचलर तलाश मुझे है एक बीवी की      दिखने में हो जो हाट एंड सेक्सी      संस्कारों में हो जो हो खरी खरी      बंद कमरे में हो जो जंगली...
    अक्टूबर 26, 2017 Girish Lohni
  • द्वंद

    डाक्टर कुसुम जोशी पन्द्रह साल से जेल की कोठरी में बंद उदय सिंह की आत्मा आज तक बैचेन है, वो समझ नही पाता कि मासूम और निर्दोष पड़ोस में रहने वाली उस लड़की...
    अक्टूबर 14, 2017 ओये बांगड़ू
  • माता की चौकी

    जय माता दी, जय माता दी , भजन मण्डली ने जयकारे लगाने शुरू किये तो जनता ने भी पूरे जोश से सुर में सुर मिलाया | पूरा मुहल्ला ही उमड़ कर आ गया था उस पंडाल ...
    अक्टूबर 6, 2017 ओये बांगड़ू
  • ये सौदा

    वो कहें ये जिंदगी रंगमंच है और दिल लगाने का मतलब है अपना किरदार निभाना, इसिलए तो यहाँ ‘sudden exit’ और ‘wild card entry&...
    अक्टूबर 5, 2017 ओये बांगड़ू
  • हल्द्वानी के किस्से (परमौत की प्रेम कथा)-9

    अपने सखा द्वारा ज़हर खाकर मर जाने की सीरियस धमकी दिए जाने के बाद पहली बार हमें परमौत के पोस्ट-कम्प्यूटर-क्लास मल्टी-मोहब्बतनामे के इस कालखंड के अपनी सा...
    अक्टूबर 3, 2017 ओये बांगड़ू
  • किस्सा पहाड़ का आमा की ज़ुबानी

    डाक्टर कुसुम जोशी की ये मार्मिक कहानी उस समय को दर्शाती है जब पहाड़ों में बाल विवाह प्रचलित था डाक्टर कुसुम जोशी नन्ही सी रेबा ,पांच साल की, बच्ची के ल...
    सितंबर 26, 2017 ओये बांगड़ू
  • हम पर पाबंदियां लगाना आसान है

    वेदिका कौशिक बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी में हाल में हुए हंगामे पर कविता के माध्यम से अपनी बात कहना चाहती हैं हाल ही में BHU की एक छात्रा के साथ दुर्व्यव...
    सितंबर 26, 2017 ओये बांगड़ू
  • हल्द्वानी के किस्से (परमौत की प्रेम कथा)-8

    अपशकुनों से भरपूर उस इंट्रो-पाल्टी के अगले दिन क्लास में पिरिया नहीं आई. परमौत पूरे समय बेकरार रहा और अजीब-अजीब भय उसके मन में मंडराते रहे. उसके अगले ...
    अगस्त 28, 2017 ओये बांगड़ू
  • हल्द्वानी के किस्से (परमौत की प्रेम कथा)-7

    अशोक पांडे द्वारा रचित परमौत की प्रेम कथा एक शहर विशेष में घटित हो रहे प्रेम का संग्रह है.लड़कों के किशोरावस्था से युवा वस्था में आने तक की सम्पूर्ण दा...
    अगस्त 21, 2017 ओये बांगड़ू
  • चूहे

    सहर करीब दस साल से पढ़ने और लिखने के शौक को काम की तरह करते हैं। तीन साल से अपना ब्लॉग लिख रहे हैं। खुद को अति-प्रैक्टिकल मानते हैं इसलिए इनकी कहानियों...
    अगस्त 20, 2017 ओये बांगड़ू
  • आजादी

    सहर करीब दस साल से पढ़ने और लिखने के शौक को काम की तरह करते हैं। तीन साल से अपना ब्लॉग लिख रहे हैं। खुद को अति-प्रैक्टिकल मानते हैं इसलिए इनकी कहानियों...
    अगस्त 16, 2017 ओये बांगड़ू
  • हल्द्वानी के किस्से (परमौत की प्रेम कथा)-6

    अशोक पांडे द्वारा रचित परमौत की प्रेम कथा एक शहर विशेष में घटित हो रहे प्रेम का संग्रह है.लड़कों के किशोरावस्था से युवा वस्था में आने तक की सम्पूर्ण दा...
    अगस्त 15, 2017 ओये बांगड़ू
  • अपेक्षायें

    डाक्टर कुसुम जोशी की कहानी अपेक्षाएं सासू और बहु के उस वार्तालाप के ऊपर है जिसमे अक्सर ग्रामीण शहरी सासें अपनी बहु के ऊपर अनचाहे दबाव को डाल देती हैं ...
    अगस्त 14, 2017 ओये बांगड़ू
  • हल्द्वानी के किस्से (परमौत की प्रेम कथा)-5

    अशोक पांडे द्वारा रचित परमौत की प्रेम कथा एक शहर विशेष में घटित हो रहे प्रेम का संग्रह है.लड़कों के किशोरावस्था से युवा वस्था में आने तक की सम्पूर्ण दा...
    अगस्त 9, 2017 ओये बांगड़ू
  • हल्द्वानी के किस्से (परमौत की प्रेम कथा)-4

    अशोक पांडे द्वारा रचित परमौत की प्रेम कथा एक शहर विशेष में घटित हो रहे प्रेम का संग्रह है.लड़कों के किशोरावस्था से युवा वस्था में आने तक की सम्पूर्ण दा...
    अगस्त 3, 2017 ओये बांगड़ू
  • हल्द्वानी के किस्से (परमौत की प्रेम कथा)-3

    अशोक पांडे द्वारा रचित परमौत की प्रेम कथा एक शहर विशेष में घटित हो रहे प्रेम का संग्रह है.लड़कों के किशोरावस्था से युवा वस्था में आने तक की सम्पूर्ण दा...
    अगस्त 2, 2017 ओये बांगड़ू
  • कहानी फिर से शुरू

    नादानी नहीं बदतमीजी कहते हैं उसे,  गुस्से में भभकते हुए शांतिपुर के एमएलए साहब कह रहे थे ..अपने माली के बेटे की हरकत उन्हें सख्त नागवार गुजरी थी. &...
    जुलाई 31, 2017 कमल पंत
  • आधुनिक मोदी गान

    विनोद पन्त का ये आधुनिक मोदी गान नहीं सूना तो कुछ नहीं सुना,अरे कमाल का लिख मारे हैं व्यंगकार महाराज दोधारी तलवार के माफिक दोनों तरफ बराबर काटे हैं इस...
    जुलाई 31, 2017 ओये बांगड़ू
  • मुक्ति के लिए

    ‘ज्यादा बक बक ना कर रे हड्कुआ,तुझे हर बात अपनी मास्टरनी की ही सही लगती है,ये आजकल के लौंडे दो किलास क्या पढ़ लेते हैं खुद को जाने क्या समझने ...
    जुलाई 30, 2017 कमल पंत
  • हल्द्वानी के किस्से (परमौत की प्रेम कथा)-2

    अशोक पांडे द्वारा रचित परमौत की प्रेम कथा एक शहर विशेष में घटित हो रहे प्रेम का संग्रह है.लड़कों के किशोरावस्था से युवा वस्था में आने तक की सम्पूर्ण दा...
    जुलाई 30, 2017 ओये बांगड़ू
  • बिरयानी

    ‘मत खाओ,मैं तो खाऊंगा,लजीज,इलाईची की मस्त खुशबू आ रही है अलग से’ चिढाते हुए रत्न बोला. ‘मै चिढने वाला नहीं हूँ,खाने का म...
    जुलाई 30, 2017 कमल पंत
  • कांच और जहर

    सहर करीब दस साल से पढ़ने और लिखने के शौक को काम की तरह करते हैं। तीन साल से अपना ब्लॉग लिख रहे हैं। खुद को अति-प्रैक्टिकल मानते हैं इसलिए इनकी कहानियों...
    जुलाई 30, 2017 ओये बांगड़ू
  • हल्द्वानी के किस्से (परमौत की प्रेम कथा)-1

    अशोक पांडे द्वारा रचित परमौत की प्रेम कथा एक शहर विशेष में घटित हो रहे प्रेम का संग्रह है.लड़कों के किशोरावस्था से युवा वस्था में आने तक की सम्पूर्ण दा...
    जुलाई 29, 2017 ओये बांगड़ू
  • गाँव का भला

    सभी को बताने की जरूरत नहीं है ,हमारा मसला है आपस में सुलझा लेंगे ‘ नखरे दिखाते हुए नलिनी बोली. ‘हमारा आपस का मसला ? पागल हो गयी हो...
    जुलाई 29, 2017 कमल पंत
  • नाराजगी

    ‘नाराज होकर क्या फायदा ,तू भूखा रहकर शाम तक अनशन करेगा और फिर पापा की डांट खाएगा’ समझाते हुए दीदी ने कहा, ‘खाना खा लो खा...
    जुलाई 28, 2017 कमल पंत
  • बिरादरी की नाक

    ‘उसको इतना ज्यादा चाहा है कि उसके बिना कल्पना भी नहीं कर सकता ‘ बहुत गंभीर होकर बादलों की तरफ देखता हुआ साजन बोला. ‘अच्छ...
    जुलाई 27, 2017 कमल पंत
  • एसे पैदा हुए थे कौरव

    पहाड़ों में एक होता है जागर, जागर मतलब देवताओं के आह्वाहन का तरीका खैर वो ज्यादा इम्पोर्टेंट नहीं है,इम्पोर्टेंट है जागर में डगरिया द्वारा सुनाई जानी व...
    जुलाई 27, 2017 ओये बांगड़ू
  • राष्ट्र का सेवक-प्रेमचन्द

    मुंशी प्रेमचन्द के बारे में कहा जाता है कि वह सच लिख देते थे इसलिए उस समय उतने लोकप्रिय नहीं थे,अपने मरने के बाद उन्होंने जितनी प्रसिद्धी पायी अपने जी...
    जुलाई 25, 2017 ओये बांगड़ू
  • °°प्रार्थना पत्र°°

    डाक्टर कुसुम जोशी की कहानी प्रार्थना पत्र एक अलग तरह का फार्मेट है,चिठी रूप में लिखी एक पूरी कहानी डाक्टर कुसुम जोशी मई की की एक अलसाई सी दोपहर ,गर्मी...
    जुलाई 23, 2017 ओये बांगड़ू
  • लाला,ललाईन और लल्ला -2

    मेरी अच्छी कटने लगी थी, प्राईवेट स्कूल के मास्टर मेरे बाप के पंडिताई के डर से मुझे ढंग से सारा काम करवा देते और पैसा एक एक्स्ट्रा नहीं लेते, उलटा गणित...
    जुलाई 21, 2017 कमल पंत
  • लाला,ललाईन और लल्ला

    किसी के पास खोने को कुछ नहीं होता और कोइ सब कुछ खोना चाहता है, आपको पहली कैटेगरी के मानुष तो बहुत मिलेंगे लेकिन दूसरी कैटेगरी के मानुष किस्मत वालों को...
    जुलाई 19, 2017 कमल पंत
  • *बन्द दरवाजा*

    डाक्टर कुसुम जोशी की लघु कहानियां हमारे आस की कडवी मगर सच्ची  घटनाएँ ही हैं जिन्हें किसी ने महसूस किया और किसी ने नहीं . डाक्टर कुसुम जोशी वो सिर्फ बन...
    जुलाई 14, 2017 ओये बांगड़ू
  • बौड़मसिंह मर गया

    सहर करीब दस साल से पढ़ने और लिखने के शौक को काम की तरह करते हैं। तीन साल से अपना ब्लॉग लिख रहे हैं। खुद को अति-प्रैक्टिकल मानते हैं इसलिए इनकी कहानियों...
    जुलाई 11, 2017 ओये बांगड़ू
  • टाईम मशीन लव

    ये आशिक प्रेमी दीवाना जो है इसके पास एक टाईम मशीन है, इसकी लवर हर जन्म में इसके आस पास से निकल जाती है लेकिन इसके करीब नहीं आती. इस बार ये समुद्र के प...
    जुलाई 10, 2017 कमल पंत
  • जाम के नाम

    सहर करीब दस साल से पढ़ने और लिखने के शौक को काम की तरह करते हैं। तीन साल से अपना ब्लॉग लिख रहे हैं। खुद को अति-प्रैक्टिकल मानते हैं इसलिए इनकी कहानियों...
    जुलाई 8, 2017 ओये बांगड़ू
  • प्यार की तलाश बाई टाईम मशीन 2

    एक आशिक था ,प्रेमी ,लवर उसके पास थी एक टाईम मशीन ,जिसे लेकर वो अलग जन्मों में अपने और अपने प्यार को देख रहा है. आज गया है वो हिमालय की गुफाओं में रहने...
    जुलाई 1, 2017 कमल पंत
  • प्यार की तलाश बाई टाईम मशीन

    एक लवर था ,आशिक ,प्रेमी उसके पास टाईम मशीन जैसा कुछ था जिससे वह जन्म जन्म में घूमता रहता था. एसे ही एक जन्म में चेक करने को पहुँच गया वो ध्रुव प्रदेशो...
    जून 30, 2017 कमल पंत
  • कहानी अधूरी है ..पूरी करें

    आज से कुछ 50 साल पहले शहरों में आने जाने के लिए गिनती की बसें थी. चार पहिया का इतना हो हल्ला नहीं था और आने जाने की इतनी मारा मारी भी नहीं थी. आफिस मे...
    जून 29, 2017 ओये बांगड़ू
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