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फ्री इनकमिंग कॉल सर्विस जल्द कह सकती है अलविदा !

नवंबर 24, 2018 ओये बांगड़ू

आपको मोबाइल में एक मेसेज आना शुरू हो गया होगा, अपनी आउटगोइंग बनाये रखने के लिए फलाना तारीख तक रीचार्ज कराएं। जी 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के बाद आम आदमी को एक फायदा तो हुआ था कि उसके टैरिफ रेट कम हो गए थे। मने प्रीपेड वालों को रिचार्ज नही करना पड़ रहा था। 100 रूपये भराओ, जब तक चल रहे हैं चलाओ जब खत्म हो गए दोबारा भराओ। मगर अब वही महीने महीने वाला सिस्टम दोबारा चालू हो रहा है। अब आपके हर रिचार्ज की एक वेलिडिटी होगी।

अच्छे से समझाने के लिए आपको भूतकाल में ले चलते हैं, कई शताब्दी पूर्व जब मोबाइल फोन अस्तित्व में आया तब उसमें आउटगोइंग के पैसे भी लगते थे और इनकमिंग के भी, हमारे देश मे स्पेक्ट्रम घोटाला हुआ, जिसके बाद इनकमिंग के पैसे तो खत्म से हो गए मगर आउटगोइंग के कम्पनी लेते रही(तब घोटाला पकड़ा नही गया था)। लेकिन इस इनकमिंग की एक समयसीमा होती थी। 330 रूपये में 100 का टॉकटाइम और 30 दिन की वेलिडिटी। वेलिडिटी खत्म होते ही दोबारा रिचार्ज कराओ।

तो इससे फायदा ये था कि कम्पनी को हर महीने एक फिक्स अमाउंट मिलता था, मगर दिक्कत ये थी कि सीमित कस्टमर थे। कस्टमर बढ नही रहे थे। अब एक बार कोई खर्च कर दे तो कर दे, हर महीने आम मध्यमवर्ग इसे अपने ऊपर एक अतिरिक्त खर्चिला बोझ मानता था। तो कम्पनी वालों ने सोचा क्यों न कस्टमर बढाये जाएं और ये समयसीमा वाला सिस्टम ही हटा दें। तो एयरटेल, वोडाफोन ,आइडिया वगेरह ने जनता के बीच अनलिमिटेड वेलिडिटी की सिम लांच कर दी। इस सिम का फायदा ये था कि इनकमिंग हमेशा के लिए फ्री।

तो बस ये फ्री सुनते ही देश की जनता ने जबरदस्त तरीके से सिम खरीदने चालू कर दिए। हालांकि आउटगोइंग का पैसा अब भी लिया जाता था जिसकी वेलिडिटी होती थी 28 दिन।

कम्पनियों की सही चल निकली, कस्टमर थोक के भाव मे बड़ने लगे। उन्हें भी लगने लगा कि हर कम्पनी की एक् एक् सिम तो होनी चाहिए कौनसा पैसा लग रहा है। तो उन्होंने 10 20 30 रूपये में ये अंलिमिटेड वेलिडिटी की सिम लेना शुरू कर दिया।

अब जैसे जैसे कम्पीटीशन बढता गया ऑफर भी बढ़ते गए। होते होते एक् समय ऐसा आया कि आउटगोइंग की वेलिडिटी भी खत्म कर दी गई। अब कस्टमर 10 रूपये के रिचार्ज को चाहे तो जिंदगी भर चलाये।

इसका फायदा ये हुआ कि ग्रामीण परिवेश के लोगों ने इन सिम को धाकड़ तरीके से खरीदना शुरू कर दिया। अब उनके घर से बाजार दूर होती थी और हर महीने रिचार्ज कर पाना सम्भव भी नही था। तो उन्होंने इसे हाथों हाथ लिया, कस्टमर बढ़ने लगे जबरदस्त तरीके से बढ़ने लगे

इस बीच कई छोटी छोटी कम्पनियां भी अस्तित्व में आई, एयरसेल, डोकोमो, वगेरह वगेरह। सबका धंधा सही चल रहा था। इंटरनेट पैक मार्केट में लांच हुए वेलिडिटी के साथ। बाजार की जरूरत इंटरनेट था और उसमें वेलिडिटी दी गई थी।

मार्केट में सब सही चल रहा था, हमारा नेटवर्क सबसे बढ़िया की फाइट भी जबरदस्त हो रही थी कि अचानक पदार्पण किया जियो ने। फ्री फ़्री फ्री

जियो ने इतना फ्री कर दिया कि छोटी कम्पनियों ने खुद को बाजार से फ्री कर दिया। सर्वाइव नही कर पाए। कम्पीटीशन बहुत बढ़ गया। टेलीकॉम सेक्टर में सब चीजें फ्री फ्री फ्री पर चलने लगी।

मार्केट में बची तीन कम्पनी वोडाफोन एयरटेल और आइडिया ने सस्ते ऑफर निकालना शुरू कर दिया। ताकि मार्केट में किसी भी तरह बचे रह सकें। क्योंकि जियो जे सबकी जान सूखा दी थी।

दो साल कम्पनियां जैसे तैसे सर्वाइव कर गयी मगर आइडिया वोडाफोन को आपस मे शादी करनी पड़ी। अब लेकिन यहां इनके हिसाब से जिंदा रहना मुश्किल हो रहा था। पैसे के लिए कस्टमर को कहना जरूरी था।

तो इन्होंने बोझ भी कस्टमर पर ही डाल दिया। आउटगोइंग में अब एक् समय सीमा होगी(वेलिडिटी) आप अगर 10 रूपये का रिचार्ज करते हैं तो उस पैसे को खर्च करने की एक् समयसीमा होगी। आपको 2 दिन 10 दिन में वह 10 रूपया खर्च करना होगा , वरना कम्पनी वापस ले लेगी। फिर अगला रिचार्ज करो।

अब या तो जियो में जाओ, या इनमे रहना है तो ये रिचार्ज वाला फंडा फिर से अपनाओ। अब तक तो आपको मेसेज् आना शुरू हो गए होंगे ऐसे वाले।

तो शुरू हो जाइए, प्रीपेड वालों आपके लिए फिर से पुराना दौर लौट आया है। दुआ कीजिये कि एक् और 2जी हो जाये या जियो जैसी दो तीन कम्पनी और मार्किट में आ जाये।

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