बांगड़ूनामा

अब लगन लगी किह करिए- बुल्ले शाह

दिसंबर 19, 2018 ओये बांगड़ू

बाबा बुल्ले शाह दा नाम पंजाबी सूफ़ी काव्य दे आसमान उते एक चमकते सितारे वर्गा हैं।बॉलीवुड गीता विच आए बुल्ले शाह दे लिखे लव्ज़ हर जुबान उते चढ़ कर बोले. उन दी काव्य रचना उस समय दी हर किस्म दी धार्मिक कट्टरता ते गिरते सामाजिक किरदार उते तीखा व्यंग्य सी. अज तुस्सी वी पढो बुल्ले शाह दी लिखी – अब लगन लगी किह करिए

 

अब लगन लगी किह करिए ?

ना जी सकीए ते ना मरीए ।

 

तुम सुनो हमारी बैना,

मोहे रात दिने नहीं चैना,

हुन पी बिन पलक ना सरीए ।

अब लगन लगी किह करीए ?

 

इह अगन बिरहों दी जारी,

कोई हमरी प्रीत निवारी,

बिन दरशन कैसे तरीए ?

अब लगन लगी किह करीए ?

 

बुल्ल्हे पई मुसीबत भारी,

कोई करो हमारी कारी,

इक अजेहे दुक्ख कैसे जरीए ?

अब लगन लगी किह करीए ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *