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अबकी बार गुलाब्बी नोटण की सरकार

नवंबर 23, 2016 ओये बांगड़ू

देश भर में लोगों को बैंक की कतार में लाकर खड़े कर देने वाले गुलाबी नोटण  की महिमा हरियाणवी स्टाइल में बता रहे है अमित तिवारी जो उत्तर प्रदेश के रहण वाले है और आजकल रंगीन नगरी मुम्बई में डेरा जमाए है . तो आप भी पढ़िए गाणे-वाणे वाला गुलाबी नोट कैसा है ?

रे बावड़ी बुछ, कुछ पता भी सै तन्ने ? के न्यूंई फैंणटम बणा फिर रया ?
विमुद्रिकरण से घणे फायदे होवैं सै , काड़ा धण गुलाब्बी हो सके. गुलाब्बी लोग लाइण में लग के काड़े देस्सी-से हो सकें..
उन सुसरे आतंकबाद्दीयन की लंका लाग गी.  2000 के नोट लिए फिरे हैं सुसरे. हुक्का फुंक्कण में भी चोक हो रखी है साड्डों की .
पडोस का स्यामू चीख रया सै के नोट कमजोर सी लाग्गे है. रै भूतनी के नोटण तै नेक्कर सिवायगा के?
सुनण में आ रया के इसमै चिप्प भी है, हैं रे ? सच्च है के ? जे कतई सही किया मोद्दीजी णे रे अपणे बाप्पू भी घणे टैम से सुक्खे मुंह लटक रये नोट तै, अब गाणे-वाणे, रंगीण फिल्लम रह्या करेग्गी ते बाप्पू भी खुल्ल के हंस्या करेग्गा.
रामदेब बाब्बा ते बात चल्लई, नोटण पे आयुर्बेदिक लेप रह्या करेग्गा. जाड्डा, बुखार, जुखाम, टैफाईड्ड चाट्टण तै ही ठीक हो जा करेग्गा. बस बाप्पू का मुंह छोड़ के चाटिए.
तन्ने कोई काम ते हैं णा. खाल्ली सवाल करा करे.मोद्दी जी इन नोटण में टीब्बी भी लग्वायन्गे बेट्टा. तु देक्खे जा. अर फुंक्के जा.
अबकी बार गुलाब्बी नोटण की सरकार !

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