यंगिस्तान

2.0 फिल्म रिव्यू : बड़ी सी चिड़िया,भूत और रजनीकांत

नवंबर 29, 2018 ओये बांगड़ू

द रजनीकांत, अक्षय कुमार, एमी जेक्शन अभिनीत 2.0 का लम्बे समय से दर्शकों को इंतजार था। आखिर इतने लंबे समय से इस साइन्स फिक्शन(सो कॉल्ड) फ़िल्म के बारे में उन्हें सुनाया जा रहा है। अक्षय कुमार का लुक ही इतना जबरदस्त है पूछो मत। मगर भारत की साइंस फिक्शन कैसी हो सकती है ये इस फ़िल्म में देखा जाना चाहिए। हम लोग साइंस की फिल्मों में भी भूत प्रेत घुसेड़ना बखूबी जानते हैं। हम तो जरा हटकर हैं न।

तो फ़िल्म जो है वह रोबोट से आगे की ही है। रोबोट में चिट्टी को बन्द कर दिया था याद है न। बस अब जो है कहानी उसके बाद की है लेकिन रजनी स्टाइल में । साइंस फिक्शन का नाम दिया गया है और उच्च क्वालिटी का हॉलीवुड ट्रीटमेंट है फ़िल्म में। मतलब आपको फ़िल्म के ट्रीटमेंट से कहीं भी नही लगेगा कि इंडियन साइंस वाली हॉलीवुड कॉपी फ़िल्म देख रहे हो। एकदम फ्रेश हॉलीवुड का माल लगेगी।

फ़िल्म में जैसा कि बता रहा हूँ ऐसा कुछ खास है नही, अक्षय कुमार एक बुजुर्ग होता है, पक्षियों का वैज्ञानिक, बेचारा बड़ा दुखी होता है क्योंकि पक्षियों को मोबाइल रेडिएशन की वजह से बम्पर नुकसान हो रहा होता है, तो वह वैज्ञानिक होकर सुसाइड करने का फैसला लेता है ताकि वापस आकर बदला ले सके(साइंस का पहला बलात्कार)।

वह आता है वापस, सबके मोबाइल हवा में उड़ने लगते हैं, बड़ी सी चिड़िया बनती है और फिर आना पड़ता है रोबोट वाले प्रोफेसर वशिकरण को।अपने चिट्टी को बनाने वाले चिचा।

इस बार उन्होंने लेडी रोबोट बनाया है एमी जेक्शन।

अब एमी जेक्शन और वशीकरण इस मुसीबत से बचने के लिए लेकर आते हैं चिट्टी को। वही चिट्टी जिसे बन्द कर दिया था रोबोट के लास्ट मे।

अब देखो कहानी तो इतनी सी ही है । मगर बाकी चीजें जबरदस्त हैं, साईंस फिक्शन के नाम पर जमकर हॉलीवुड इफेक्ट लाये गए हैं, पक्षी वैज्ञानिक सबके मोबाइल खींचता है, भूत इंसान के शरीर मे घुसता है। चिट्टी सबको बचाता है।

पब्लिक का कटता है तगड़ा वाला, लेकिन फिर भी रजनी इफेक्ट बरकरार है, थिएयर में जबरदस्त भीड़ है, लोगों की लाइन लगी है । नए रिकार्ड बनेंगे। बाकी सब जिंदाबाद है ही।

ओएबंगड़ू पैसे नही बना रहा बाकी 2.0 ने पहली कमाई ही सही कर दी है.

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